August 5, 2026 7:01 am

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चंडीगढ़ नगर निगम सदन में मुफ्त पानी, टेंडर और विकास कार्यों पर जमकर हंगामा

अफसरों की कार्यशैली सभी दलों के निशाने पर
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 31 जुलाई। चंडीगढ़ नगर निगम की हाल ही में आयोजित सदन बैठक में शहर के प्रमुख जनहित मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष, विपक्ष और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बैठक की शुरुआत कांग्रेस पार्षदों के जोरदार विरोध प्रदर्शन से हुई। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान किए गए 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने के वादे को अब तक लागू नहीं किए जाने पर प्रशासन और सत्तापक्ष को घेरा तथा सदन में नारेबाजी की।
कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि चुनावी घोषणा के बावजूद शहरवासियों को अब तक मुफ्त पानी का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि इस योजना को जल्द लागू कर जनता से किया गया वादा पूरा किया जाए।
बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों ने भी नगर निगम अधिकारियों, विशेषकर इंजीनियरिंग विंग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। वरिष्ठ भाजपा पार्षद एवं पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर कंवर राणा ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में करीब 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर कई बार जारी किए गए, लेकिन कोई ठेकेदार आगे नहीं आया। उन्होंने पूछा कि बार-बार टेंडर रद्द होने के पीछे क्या कारण हैं और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
कंवर राणा ने हाल की बारिश के दौरान शहर में हुए जलभराव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था विफल रही। विशेष रूप से सेक्टर-45 मोटर मार्केट में लंबे समय तक पानी भरा रहा, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
भाजपा पार्षदों ने कहा कि नगर निगम लगातार विभिन्न मदों से राजस्व एकत्र कर रहा है, लेकिन उसका असर शहर के विकास कार्यों में नजर नहीं आ रहा। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, विकास कार्यों की नियमित गुणवत्ता जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वहीं कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ने अपने वार्ड में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य पिछले एक महीने से चल रहा है, लेकिन अब तक केवल लगभग 70 मीटर काम ही पूरा हो सका है। उन्होंने सवाल उठाया कि लाखों रुपये के टेंडर लेने वाले ठेकेदार इतनी धीमी गति से काम क्यों कर रहे हैं और ऐसे मामलों में जवाबदेही किसकी होगी।
बैठक के दौरान कई अन्य पार्षदों ने भी शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, टेंडर प्रक्रिया, सफाई व्यवस्था और जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त की। पार्षदों ने मांग की कि नगर निगम विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे, टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए तथा लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
नगर निगम की बैठक में मुफ्त पानी, विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहे। इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिससे सदन का माहौल लंबे समय तक गर्म बना रहा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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