बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 6 अगस्त। जन प्रशासन के क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविद, पूर्व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) सदस्य तथा पंजाब विश्वविद्यालय के यूजीसी एमेरिटस प्रोफेसर प्रोफेसर एस. एल. गोयल का 5 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार उसी दिन संपन्न कर दिया गया।
प्रो. एस. एल. गोयल जन प्रशासन के क्षेत्र में देश के अग्रणी विद्वानों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में शिक्षा, शोध और प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने जन प्रशासन के विभिन्न विषयों पर तीन दर्जन से अधिक शोध पुस्तकों का लेखन किया तथा दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ सिविल सेवकों और शिक्षकों का शोध मार्गदर्शन किया।
उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), पंजाब विश्वविद्यालय और विभिन्न नीति एवं शोध संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वे भारतीय स्टेट बैंक सहित कई सार्वजनिक उपक्रमों के निदेशक मंडल के सदस्य भी रहे। उनके सहयोगी, विद्यार्थी और प्रशासनिक अधिकारी उन्हें एक कुशल शिक्षाविद, प्रेरक मार्गदर्शक और सच्चे मित्र के रूप में हमेशा याद करेंगे।
उनके परिवार में उनकी पत्नी प्रोफेसर अरुणा गोयल, पूर्व निदेशक, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग, पंजाब विश्वविद्यालय हैं। उनके बड़े पुत्र डॉ. रजनीश गोयल, आईएएस, कर्नाटक सरकार के पूर्व मुख्य सचिव हैं, जबकि उनकी पुत्रवधू डॉ. शालिनी रजनीश, आईएएस, वर्तमान में कर्नाटक की मुख्य सचिव हैं। उनके छोटे पुत्र इंद्रेश गोयल कर्नाटक उच्च न्यायालय एवं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अधिवक्ता हैं। उनकी पुत्रवधू रंजना गोयल समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। परिवार में दो पोतियां चार्वी गोयल और मुस्कान गोयल भी हैं।
दिवंगत प्रो. एस. एल. गोयल की स्मृति में 7 अगस्त 2026 को दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक श्री सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-15बी, चंडीगढ़ में श्रद्धांजलि सभा एवं प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें उनके शुभचिंतकों, सहयोगियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।













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