August 7, 2026 2:57 pm

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CHANDIGARH: CBI ट्रैप के तीन दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: बापूधाम चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर और एएसआई सेवा से बर्खास्त

रमेश गोयत

चंडीगढ़, 6 अगस्त। थाना-26 के अंतर्गत बापूधाम पुलिस चौकी में कथित रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई के तीन दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए गिरफ्तार किए गए चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार और एएसआई भगत राम उर्फ भगता को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने साफ किया है कि पुलिस बल में भ्रष्टाचार के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

यह था पूरा मामला
3 अगस्त को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ पुलिस के थाना-26 के अंतर्गत बापूधाम पुलिस चौकी में बड़ी कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश कुमार और एएसआई भगत राम उर्फ भगता को कथित तौर पर 2.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
सूत्रों के अनुसार, एक शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया। जैसे ही दोनों पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात सीबीआई टीम ने चौकी के बाहर ही उन्हें दबोच लिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित रिश्वत किस उद्देश्य से मांगी गई थी, क्या इस पूरे प्रकरण में अन्य पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति भी शामिल थे और क्या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा था। जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य सबूत भी जुटा रही है।

चंडीगढ़ पुलिस ने दिखाई सख्ती
सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने भी विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया कि दोनों अधिकारियों पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर हैं। उनके कथित कृत्य से पुलिस विभाग की साख, अनुशासन और जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुंचा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने इंस्पेक्टर सुरेश कुमार (नं. 1294/सीएचजी) और एएसआई भगत राम (नं. 3338/सीपी) को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए।

पहले भी विवादों में रहा थाना-26
गौरतलब है कि थाना-26 पहले भी सीबीआई की जांच के दायरे में रह चुका है। थाना-26 के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर रामरतन के खिलाफ भी सीबीआई का मामला लंबित है और उस प्रकरण में जांच पूरी होने के बाद एजेंसी अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है। ऐसे में एक ही थाना क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों पर लगातार हो रही सीबीआई कार्रवाई ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जीरो टॉलरेंस की दोहराई नीति
चंडीगढ़ पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि विभाग भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार के दुराचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। पुलिस बल की ईमानदारी, पारदर्शिता और जनता के भरोसे से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कानून और सेवा नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी अदालत में अपना आरोपपत्र दाखिल करेगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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