200.84 करोड़ की संपत्तियां जब्त; ईडी की जांच में कई चौंकाने वाले दावे
रमेश गोयत
पंचकूला/चंडीगढ़, 7 अगस्त 2026। हरियाणा के बहुचर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लगातार नए वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल से जुड़े अहम सुराग मिल रहे हैं। करीब 645 करोड़ रुपये के सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े इस मामले में ईडी ने अब तक 200.84 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी विभागों के खातों से कथित रूप से निकाली गई राशि का उपयोग लग्जरी कारें खरीदने, करोड़ों रुपये की संपत्तियां बनाने, विदेश यात्राएं करने और आलीशान पार्टियों पर पानी की तरह पैसा बहाने में किया गया।
जांच के दायरे में कई सरकारी अधिकारी, बैंक अधिकारी और निजी व्यक्ति हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले में धन के प्रवाह, निवेश और लाभार्थियों की पूरी श्रृंखला की गहन जांच की जा रही है।
सरकारी खातों से धन निकासी का आरोप
ईडी के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों, इंजीनियरिंग शाखाओं, जिला प्रशासन और कुछ अन्य संस्थानों के बैंक खातों से कथित रूप से करोड़ों रुपये निकालकर निजी खातों में स्थानांतरित करने से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग कर सरकारी धन को व्यवस्थित तरीके से निजी खातों में पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा से जुड़े कुछ लोग रहे, जिनकी भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है।
आलीशान पार्टियां और विदेश यात्राएं जांच के घेरे में
जांच के दौरान ईडी को ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि कथित गबन की राशि का इस्तेमाल बेहद आलीशान जीवनशैली पर किया गया। एजेंसी के अनुसार, आरोपियों द्वारा दुबई, थाईलैंड और गोवा सहित कई स्थानों की यात्राएं की गईं।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि निजी पार्टियों पर एक दिन में 20 से 25 लाख रुपये तक खर्च किए जाते थे। कुछ आयोजनों में कथित रूप से मॉडल और कॉल गर्ल्स को भी बुलाया जाता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी न्यायालय द्वारा नहीं हुई है और मामले की सुनवाई जारी है।
करोड़ों की संपत्तियां और औद्योगिक प्लॉट खरीदे
ईडी की जांच में सामने आया है कि कथित गबन की राशि से चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपियों से जुड़े लोगों ने करोड़ों रुपये के औद्योगिक प्लॉट, रिहायशी प्लॉट, फ्लैट और अन्य संपत्तियों में निवेश किया। एक आरोपी और उसकी पत्नी द्वारा चंडीगढ़ में लगभग 4.90 करोड़ रुपये का औद्योगिक प्लॉट तथा पंचकूला के सेक्टर-17 में करीब एक करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इसके अलावा कई अन्य संपत्तियों में नकद निवेश की भी जांच की जा रही है।
200.84 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां जब्त
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 200.84 करोड़ रुपये मूल्य की कुल चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई हैं। इनमें लगभग 179.84 करोड़ रुपये की 213 अचल संपत्तियां तथा करीब 21 करोड़ रुपये मूल्य की 23 चल संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी का कहना है कि यदि जांच में और संपत्तियों का संबंध इस घोटाले से जुड़ा मिलता है तो आगे भी जब्ती की कार्रवाई जारी रहेगी।
लग्जरी कारों पर भी खर्च
जांच एजेंसी के अनुसार, सरकारी धन से कई महंगी गाड़ियों की खरीद भी की गई। इनमें मर्सिडीज-बेंज, रेंज रोवर, टोयोटा फॉर्च्यूनर और टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस जैसी लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं। इन वाहनों की खरीद से जुड़े भुगतान और स्वामित्व की भी जांच की जा रही है।
मुख्य लाभार्थियों तक पहुंची करोड़ों की राशि
ईडी के अनुसार, कथित घोटाले के मुख्य लाभार्थियों के खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। जांच में सामने आया है कि एक रियल एस्टेट कारोबारी के बैंक खाते में करीब 69.58 करोड़ रुपये पहुंचे, जबकि लगभग 120 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अन्य आरोपियों तक पहुंचने के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि इसी धन से चंडीगढ़, मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में कई संपत्तियां खरीदी गईं।
जमानत पर अदालत का रुख सख्त
मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी एवं हरियाणा के पूर्व प्रधान सचिव रहे पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन की कथित हेराफेरी और आर्थिक अपराध से जुड़ा है, इसलिए इसकी गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ईडी ने अदालत में यह भी दावा किया कि पंकज अग्रवाल को कथित घोटाले से आर्थिक लाभ मिला और वह इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल रहे। हालांकि आरोपी पक्ष ने इन आरोपों का खंडन किया है।
जांच अभी जारी
ईडी, सीबीआई और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरे मामले में बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं। एजेंसी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी खुलासे हो सकते हैं तथा नए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।













Total Users : 384356
Total views : 624457