August 28, 2026 8:51 am

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चंडीगढ़ पुलिस ने विदेशी गैंगस्टर दीपक नंदल के हथियार सप्लाई नेटवर्क का किया भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पहुंचाए जा रहे थे विदेशी हथियार, तीन युवकों को गैंग में शामिल कर वारदात की तैयारी
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 11 अगस्त 2026। चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने स्वतंत्रता दिवस-2026 के मद्देनजर चल रही सुरक्षा व्यवस्था के बीच संगठित अपराध और अवैध हथियारों की सप्लाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी और अंतरराज्यीय गैंगस्टर नेटवर्क के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों सहित एक कथित हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से विदेशी निर्मित तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नंदल से सामने आया है। जांच में यह भी सामने आया कि हथियारों की सप्लाई के लिए पाकिस्तान स्थित हथियार सप्लायर से संपर्क किया गया था और सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस कड़ी को भी पकड़ लिया, जो पाकिस्तान से हथियार हासिल कर गैंग के जमीनी स्तर के सदस्यों तक पहुंचा रही थी।

स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा के दौरान तीन युवक पकड़े
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक 3 अगस्त 2026 को ऑपरेशन सेल की टीम एएसआई केशव के नेतृत्व में आगामी स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के तहत गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। इनकी पहचान अजय, रोहित और देव के रूप में हुई।
पुलिस ने तलाशी ली तो आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी निर्मित पिस्तौल बरामद हुईं। इनमें एक जिगाना पिस्तौल और दूसरी चीन निर्मित PX3 पिस्तौल शामिल थी। इसके अलावा एक मैगजीन और 11 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर छापेमारी की और हथियार सप्लाई की मुख्य कड़ी बताए जा रहे निशान सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में थाना-31, यूटी चंडीगढ़ में एफआईआर नंबर 123, दिनांक 4 अगस्त 2026, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

फिरौती और फायरिंग की वारदात की थी तैयारी
पुलिस की जांच में इस मामले का सबसे गंभीर पहलू सामने आया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि अजय, रोहित और देव को कथित तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नंदल ने बड़ी रकम का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल किया था।
पुलिस के अनुसार, दीपक नंदल पाकिस्तान स्थित हथियार सप्लायर के संपर्क में था और निशान सिंह के माध्यम से अपने सहयोगियों तक हथियार पहुंचवा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों और दीपक नंदल के बीच फिरौती वसूलने और फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई थी।
पुलिस का दावा है कि जिस लक्ष्य को निशाना बनाया जाना था, उसकी रेकी भी पहले ही की जा चुकी थी। यह रेकी गुरुग्राम, हरियाणा में की गई थी। इस तरह पुलिस की कार्रवाई ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिए जाने से पहले ही साजिश को विफल कर दिया।

सोशल मीडिया के जरिए गैंग के संपर्क में आया अजय
जांच के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी अजय इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर सामने आया है। अजय हरियाणा के जींद जिले के गांव निदानी का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 19.5 वर्ष बताई गई है। वह अपनी ननिहाल में रहकर मारुति कंपनी में हेल्पर का काम करता था और करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता था।
पुलिस के अनुसार अजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश में मौजूद एक सहयोगी के जरिए गैंगस्टर दीपक नंदल से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद उसने रोहित और देव को भी कथित तौर पर गैंग से जोड़ा।
अजय पर आरोप है कि उसने दीपक नंदल के निर्देश पर कथित लक्ष्य की रेकी की और हथियारों की आवाजाही तथा उन्हें प्राप्त करने से संबंधित गतिविधियों में भूमिका निभाई। पुलिस ने उसके कब्जे से एक काले रंग की जिगाना पिस्तौल, जिसमें पांच जिंदा कारतूस लोड थे, बरामद की है।

रोहित भी रेकी और वारदात की तैयारी में शामिल
दूसरे आरोपी रोहित की उम्र करीब 18.5 वर्ष है और वह भी गांव निदानी, जिला जींद का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार वह अपनी मां के साथ रहता था और एक इलेक्ट्रिक दुकान पर काम करता था, जहां से करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता था।
पुलिस का कहना है कि अजय के माध्यम से रोहित का संपर्क दीपक नंदल के गैंग से हुआ। इसके बाद वह गैंग के सदस्यों के संपर्क में रहा और कथित तौर पर रेकी तथा प्रस्तावित आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने की तैयारी में शामिल रहा।
रोहित के पास से चीन निर्मित एक PX3 पिस्तौल और उसमें लोड चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

देव को भी अजय ने गैंग से जोड़ा
तीसरे आरोपी देव की उम्र करीब 18.5 वर्ष है और वह जींद जिले की विश्वकर्मा कॉलोनी का निवासी है। वह एक दुकान पर हेल्पर के तौर पर काम करता था और करीब 7 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता था।
पुलिस के मुताबिक अजय ने ही देव का संपर्क कथित तौर पर दीपक नंदल के गैंग से कराया था। देव भी रेकी की गतिविधियों में शामिल रहा और कथित आपराधिक साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे समूह का हिस्सा था।
जांच के अनुसार देव गैंग के सदस्यों के संपर्क में रहकर निर्देश प्राप्त करता और अन्य आरोपियों के साथ समन्वय करता था। उसके पास से एक काले रंग की मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार लेने का आरोप
मामले में गिरफ्तार चौथे आरोपी निशान सिंह की भूमिका हथियारों की सप्लाई में महत्वपूर्ण बताई गई है। 32 वर्षीय निशान सिंह अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र स्थित गांव काकर का रहने वाला है और अपने गांव में डेयरी चलाता है।
पुलिस के अनुसार निशान सिंह ने पाकिस्तान में मौजूद एक व्यक्ति से संपर्क स्थापित किया था। इसके बाद वह सीमा पार नेटवर्क के माध्यम से अपने कृषि क्षेत्र में ड्रोन के जरिए अवैध हथियारों की खेप प्राप्त करता था। आरोप है कि इसके बाद वह इन हथियारों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों के सहयोगियों तक पहुंचाने का काम करता था।
निशान सिंह के कब्जे से चीन निर्मित एक PX3 पिस्तौल, एक मैगजीन और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
विदेश में बैठे गैंगस्टर तक पहुंची पुलिस की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अजय, रोहित और देव को विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नंदल के नेटवर्क से जोड़ने में अरुण नामक व्यक्ति की भूमिका रही। अरुण सोनीपत जिले का स्थानीय निवासी बताया गया है और वर्तमान में यूएई में काम कर रहा है।
पुलिस के अनुसार इसी माध्यम से दीपक नंदल और तीनों गिरफ्तार युवकों के बीच संपर्क स्थापित हुआ। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, हथियारों की सप्लाई के स्रोत और संभावित अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही हैं।

3 अत्याधुनिक पिस्तौल समेत 19 कारतूस बरामद
ऑपरेशन सेल की कार्रवाई में कुल तीन विदेशी निर्मित पिस्तौल बरामद की गई हैं। इनमें एक जिगाना पिस्तौल और दो PX3 पिस्तौल शामिल हैं। इसके साथ दो मैगजीन और कुल 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। सभी कारतूस .30 बोर के बताए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई DIG राजीव रंजन IPS और गीतालंजलि खंडेलवाल IPS के निर्देशों पर, DSP ऑपरेशंस रणजोध सिंह के करीबी मार्गदर्शन तथा इंस्पेक्टर सतविंदर की निगरानी में की गई। ऑपरेशन सेल की टीम का नेतृत्व एएसआई केशव ने किया।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से न केवल अवैध हथियारों की एक सप्लाई चेन को तोड़ा गया है, बल्कि फिरौती और फायरिंग की कथित साजिश को भी वारदात से पहले विफल किया गया है।

अवैध हथियार और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
चंडीगढ़ पुलिस ने दोहराया है कि अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार DGP डॉ. सागर प्रीत हुड्डा के निर्देशों के तहत चंडीगढ़ पुलिस अवैध हथियारों तथा संगठित अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई को स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जांच में सामने आए नेटवर्क में सीमा पार से हथियारों की कथित सप्लाई, विदेश में बैठे गैंगस्टर का नेटवर्क और स्थानीय युवकों को लालच देकर अपने साथ जोड़ने जैसी कड़ियां सामने आई हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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