नागरिक-सैन्य समन्वय, क्षेत्रीय सुरक्षा और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर हुई अहम चर्चा
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 11 अगस्त। थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने मंगलवार को पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान नागरिक-सैन्य समन्वय, क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, एवीएसएम, एसएम सहित सेना मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। भारतीय सेना की कमान संभालने के बाद थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ की राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ यह पहली मुलाकात थी।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि गुलाब चंद कटारिया पंजाब के राज्यपाल होने के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में पंजाब, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्र में नागरिक प्रशासन तथा सेना के बीच बेहतर समन्वय का विशेष महत्व है।

राष्ट्र निर्माण में सेना की प्रतिबद्धता पर जोर
बैठक के दौरान जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना की भूमिका और उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता से राज्यपाल को अवगत कराया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों और नीतियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
थल सेनाध्यक्ष ने राज्यपाल को आंतरिक सुरक्षा से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों की जानकारी दी। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं और पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।

सीमावर्ती क्षेत्रों और आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के बीच सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, नागरिक प्रशासन और सैन्य संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय न केवल आंतरिक सुरक्षा को प्रभावी बनाने में मदद करता है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारी को भी मजबूत करता है।
आपदा और संकट से निपटने में समन्वय महत्वपूर्ण
कर्नल जसदीप संधू, सलाहकार, नागरिक-सैन्य मामलों के अनुसार, यह बैठक क्षेत्र में नागरिक-सैन्य समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास और बेहतर तालमेल से आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, सीमाओं पर शांति बनाए रखने तथा प्राकृतिक आपदाओं, बाहरी खतरों और अन्य संकटों से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहयोग और समन्वय को लगातार मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
यह मुलाकात पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में नागरिक प्रशासन तथा भारतीय सेना के बीच बेहतर तालमेल, सुरक्षा तैयारियों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।














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