August 27, 2026 10:05 pm

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हरियाणा में संगठित अपराध और एक्सटॉरशन कॉल्स के खिलाफ STF का सख्त प्रहार, 2026 में अब तक 512 अपराधी गिरफ्तार

बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
चंडीगढ़, 25 अगस्त। हरियाणा में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, संगठित अपराध एवं गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा बहुआयामी रणनीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से एसटीएफ हरियाणा को संगठित अपराध, आपराधिक गैंगों की गतिविधियों और फिरौती के लिए आने वाली धमकी भरी कॉल्स के विरुद्ध विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। एसटीएफ द्वारा खुफिया सूचनाओं पर आधारित पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी, अंतरराज्यीय समन्वय तथा ग्राउंड लेवल पर कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार प्रभावी प्रहार किया जा रहा है। 1 जनवरी से 24 अगस्त 2026 तक एसटीएफ हरियाणा ने 55 मोस्ट वांटेड अपराधियों, 270 गैंगस्टरों/गैंग सदस्यों तथा 187 अन्य जघन्य अपराधों में शामिल आरोपियों सहित कुल 512 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

संगठित अपराध और फिरौती के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर होगा निर्णायक प्रहार – डीजीपी हरियाणा अजय सिंघल

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हरियाणा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश में कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई चुनौती उत्पन्न होती है, हरियाणा पुलिस उससे पूरी क्षमता, संयम और पेशेवर तरीके से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी हिस्से से प्राप्त होने वाली फिरौती की कॉल को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा संगठित अपराध और फिरौती के मामलों के विरुद्ध एसटीएफ को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों का उद्देश्य चाहे आम नागरिकों को डराना हो, व्यापारियों से फिरौती मांगना हो या गैंग के माध्यम से अपना वर्चस्व स्थापित करना हो, हरियाणा पुलिस ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी। एसटीएफ द्वारा की जा रही कार्रवाई का लक्ष्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क को चिन्हित कर उसे जड़ से कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि विदेशों में छिपे अपराधियों को वापस लाने, संभावित गंभीर अपराधों को समय रहते रोकने तथा खुफिया सूचनाओं पर आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार ने बताया कि हरियाणा पुलिस की रणनीति का मुख्य उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क, उनके सहयोगियों, हथियारों की सप्लाई, फाइनेंसियल रिसोर्सेज तथा आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले तंत्र को चिन्हित कर उसे पूरी तरह निष्क्रिय करना है। इसी दिशा में एसटीएफ द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। मोस्ट वांटेड एवं इनामी अपराधियों के साथ-साथ गैंगस्टरों तथा उनके सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उनके विरुद्ध योजनाबद्ध कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2024 से अब तक एसटीएफ द्वारा कुल 1,972 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 369 मोस्ट वांटेड/इनामी अपराधी, 1,063 गैंगस्टर/गैंग सदस्य तथा 540 जघन्य अपराधों में शामिल आरोपी शामिल हैं। यह आंकड़ा एसटीएफ की निरंतर और प्रभावी कार्रवाई को दर्शाता है। अकेले गैंग सदस्यों के विरुद्ध की गई कार्रवाई में वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 तथा वर्ष 2026 में अब तक 270 गैंगस्टर/गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे स्पष्ट है कि हरियाणा पुलिस द्वारा गैंगस्टर नेटवर्क को लगातार कमजोर किया जा रहा है और अपराधियों को संगठित होकर आपराधिक गतिविधियां संचालित करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।

विदेशों में छिपे गैंगस्टरों पर भी शिकंजा

एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि हरियाणा पुलिस की कार्रवाई अब केवल प्रदेश या देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रही है। विदेशों में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले गैंगस्टरों के विरुद्ध भी लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2025-26 में अब तक 21 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट/Extradite करवाकर भारत लाया गया है, जिनमें 14 गैंगस्टर वर्ष 2026 में वापस लाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 12 गैंगस्टरों को विदेशों में डिटेन करवाया गया है। एसटीएफ द्वारा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधित लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के साथ तालमेल स्थापित कर ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

एक्सटॉरशन कॉल्स पर प्रभावी कार्यवाही

प्रदेश में व्यापारियों, उद्यमियों और आम नागरिकों को धमकी देकर फिरौती वसूलने की कोशिश करने वाले अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। वर्ष 2026 में अब तक फिरौती/एक्सटॉरशन से संबंधित 109 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में संबंधित एसटीएफ टीमों तथा डिस्ट्रिक्ट पुलिस यूनिट्स द्वारा आपसी तालमेल के साथ तुरंत कार्रवाई की गई है। कॉल्स की टेक्निकल एनालिसिस, आरोपियों की पहचान, उनके नेटवर्क की निगरानी तथा आवश्यकतानुसार फील्ड ऑपरेशन्स के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षा का भरोसा देना और अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना है। विशेष रूप से व्यापारिक प्रतिष्ठानों, उद्योगपतियों तथा अन्य संभावित लक्ष्यों को निशाना बनाने वाले गैंगस्टरों के विरुद्ध एसटीएफ द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है।

वारदात से पहले अपराध रोकने पर STF का विशेष जोर
एसटीएफ की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू रोकथाम आधारित पुलिसिंग है। एसटीएफ द्वारा संभावित गंभीर अपराधों से संबंधित सूचनाओं का लगातार विश्लेषण कर उन्हें वारदात में बदलने से पहले ही रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष 2025 से अब तक एसटीएफ ने हत्या एवं फायरिंग की 126 संभावित घटनाओं को होने से रोका है। इनमें 58 घटनाएं अज्ञात तथा 68 घटनाएं ज्ञात आरोपियों से संबंधित थीं। इसी अवधि में एसटीएफ द्वारा 9 संभावित बम विस्फोट की घटनाओं को भी समय रहते रोका गया है। यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के संग्रह, तकनीकी इनपुट और मैदानी स्तर पर सत्यापन के बेहतर समन्वय का परिणाम है। इससे स्पष्ट है कि एसटीएफ अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय खुफिया सूचनाओं पर आधारित तथा रोकथाम केंद्रित पुलिसिंग व्यवस्था के तहत संभावित अपराधों की पहचान कर उन्हें समय रहते रोकने की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।

एसटीएफ और जिला पुलिस के बीच बेहतर समन्वय

संगठित अपराध और फिरौती से संबंधित मामलों में एसटीएफ के साथ-साथ संबंधित जिला पुलिस इकाइयों को भी सक्रिय भूमिका दी गई है। स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं, तकनीकी इनपुट तथा एसटीएफ की खुफिया जानकारी को आपस में साझा करते हुए अपराधियों की पहचान, निगरानी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। इस समन्वित व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी फिरौती की कॉल अथवा गैंग से संबंधित गतिविधि को केवल एक सामान्य आपराधिक घटना के रूप में न देखा जाए, बल्कि उसके पीछे सक्रिय पूरे आपराधिक नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की जाए। इस व्यवस्था से सूचना के त्वरित आदान-प्रदान और कार्रवाई की गति में भी तेजी आई है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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