September 1, 2026 1:24 pm

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चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव: 16,468 वोटर आज तय करेंगे छात्र राजनीति की नई दिशा, महिला मतदाताओं की भूमिका सबसे अहम

बाबूगिरी हिंदी न्यूज
चंडीगढ़, 31 अगस्त 2026। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में छात्र संघ चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। कैंपस में चुनावी माहौल के बीच 16,468 छात्र मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान के लिए विश्वविद्यालय में 191 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। चार प्रमुख पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के साथ विभागीय प्रतिनिधियों के लिए भी मतदान हो रहा है। इस बार अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं

महिला वोटर पहली बार बनीं निर्णायक ताकत
इस चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मतदाता सूची का लैंगिक आंकड़ा है। कुल 16,468 मतदाताओं में 9,000 से अधिक महिलाएं हैं। 7,467 पुरुष मतदाता हैं, जबकि सूची में एक ट्रांसजेंडर छात्र भी शामिल है। महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 54.6 प्रतिशत है। यानी पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या लगभग 1,533 अधिक है।

दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी महिला वोटर संख्या के बावजूद इस बार अध्यक्ष पद के चारों उम्मीदवार पुरुष हैं। ऐसे में महिला मतदाताओं का रुख चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है

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UIET, UILS और लॉ विभाग के वोट सबसे अहम
चुनावी गणित में तीन विभाग सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। UIET में 2,670, UILS में 1,950 और डिपार्टमेंट ऑफ लॉ में 1,064 वोटर हैं। तीनों को मिलाकर 5,684 मतदाता बनते हैं, जो पूरे कैंपस के वोट बैंक का लगभग 34.5 प्रतिशत हैं। इसलिए इन तीन विभागों में जिस उम्मीदवार या संगठन को मजबूत समर्थन मिलता है, वह अध्यक्ष पद की दौड़ में बढ़त बना सकता है।

पिछले चुनाव के आंकड़े भी इन विभागों की ताकत को दिखाते हैं। 2025-26 के अध्यक्ष गौरववीर सोहल ने UIET, UILS और लॉ विभाग में अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी से बढ़त बनाई थी। इस बार भी इन तीन विभागों में मतदान का पैटर्न पूरे चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

चार उम्मीदवारों के बीच अध्यक्ष पद की जंग
अध्यक्ष पद के लिए NSUI के गुरमन सिंह सिद्धू, AAP समर्थित ASAP के आदिल बराड़, ABVP के अंकित बिधान और Sath के दर्शप्रीत सिंह चुनाव मैदान में हैं। कुल मिलाकर विश्वविद्यालय के चार प्रमुख पदों के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में हैं।

एक दिन पहले ABVP और SOI के बीच गठबंधन की घोषणा ने भी चुनावी समीकरणों को नया मोड़ दिया है। इससे कैंपस की राजनीति में संगठनात्मक वोटों के ध्रुवीकरण की संभावना बढ़ी है।

मतदान के साथ सुरक्षा भी कड़ी
चुनाव को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। विश्वविद्यालय और शहर के प्रमुख कॉलेजों में करीब 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कैंपस में नियमित गश्त के साथ-साथ मतगणना स्थल जिम्नेजियम हॉल के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। बाहरी लोगों के प्रवेश पर निगरानी रखी जा रही है और आसपास के सेक्टरों में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी तैनात है।

मतदान के बाद दोपहर 12:30 बजे से मतगणना शुरू होने का कार्यक्रम है, इसलिए आज दोपहर से ही कैंपस की छात्र राजनीति के नए समीकरण सामने आने लगेंगे।

पंजाब की राजनीति की नर्सरी माना जाता है PU
पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्र संघ चुनाव केवल कैंपस तक सीमित नहीं रहता। पिछले कई दशकों में यहां की छात्र राजनीति ने पंजाब और चंडीगढ़ को अनेक राजनीतिक चेहरे दिए हैं। पूर्व छात्र नेताओं ने बाद में विधानसभा और लोकसभा की राजनीति में जगह बनाई है। पुराने चुनावों के विश्लेषण में भी PU छात्र राजनीति से निकले नेताओं के विधानसभा चुनावों तक पहुंचने का उल्लेख मिलता है।

इसी वजह से 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह छात्र चुनाव राजनीतिक दलों के लिए भी खास महत्व रखता है। हाल के विश्लेषणों में AAP की PU में वापसी की कोशिश को भी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी और युवाओं के बीच राजनीतिक आधार मजबूत करने से जोड़कर देखा गया है।

नेताओं से लेकर खिलाड़ियों और गायकों तक ने लगाया जोर
इस बार PU चुनाव का प्रचार कैंपस की सीमाओं से बाहर भी दिखाई दिया। पंजाब और हरियाणा की राजनीति से जुड़े नेताओं के साथ-साथ खिलाड़ियों और गायकों ने भी अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार किया या सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हरियाणा के कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और पंजाब के AAP सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के कैंपस पहुंचकर प्रचार करने से चुनाव में राजनीतिक दलों की दिलचस्पी साफ दिखाई दी।
हरियाणवी संगीत जगत से मासूम शर्मा और गजेंद्र फोगाट तथा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योगेश्वर दत्त भी सोशल मीडिया के जरिए चुनावी कैंपेन से जुड़े। इससे साफ है कि PU छात्र चुनाव अब केवल विश्वविद्यालय की चारदीवारी के भीतर की राजनीतिक गतिविधि नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पंजाब-हरियाणा की युवा राजनीति और सोशल मीडिया के राजनीतिक विमर्श तक दिखाई देता है।

असली सवाल—कितने छात्र डालेंगे वोट?
हालांकि मतदाताओं की संख्या 16,468 है, लेकिन चुनाव का अंतिम परिणाम मतदान प्रतिशत पर भी काफी निर्भर करेगा। 2025 में मतदान प्रतिशत 58.6 रहा था, जबकि 2024 में यह 66.6 प्रतिशत और 2023 में 65.8 प्रतिशत था। इस बार रक्षाबंधन और सप्ताहांत के कारण कई छात्रों के घर चले जाने की वजह से मतदान प्रतिशत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

ऐसे में आज का चुनाव सिर्फ यह तय नहीं करेगा कि चार प्रमुख पदों पर कौन काबिज होगा, बल्कि यह भी संकेत देगा कि PU के 16 हजार से ज्यादा युवा मतदाताओं का राजनीतिक रुझान किस दिशा में जा रहा है। खास तौर पर 9,000 से अधिक महिला मतदाता, UIET-UILS-लॉ विभाग का 34.5 प्रतिशत वोट बैंक और राजनीतिक संगठनों के गठबंधन इस चुनाव के सबसे बड़े निर्णायक फैक्टर बनकर उभरे हैं।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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