September 13, 2026 4:35 am

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हरियाणा की बेटी भाविका सैनी का ब्रिटेन के प्रतिष्ठित शोध कार्यक्रम में चयन

वायु प्रदूषण और PM2.5 पर करेगी शोध, दक्षिण एशिया, भारत और हरियाणा से चयनित एकमात्र शोधार्थी

रमेश गोयत
रोहतक/चंडीगढ़, 12 सितंबर। हरियाणा की बेटी भाविका सैनी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर परिवार के साथ-साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। भाविका का चयन ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डॉक्टरेट प्रशिक्षण केंद्र (Centre for Doctoral Training) के चार वर्षीय संरचित पीएचडी शोध कार्यक्रम के लिए हुआ है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से ब्रिटेन के अनुसंधान एवं नवाचार संगठन (UKRI) द्वारा वित्त पोषित है।
भाविका अपने शोध के दौरान पीएम2.5 और वायु प्रदूषण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय का अध्ययन करेंगी। उन्हें बर्मिंघम विश्वविद्यालय और ब्रिस्टल विश्वविद्यालय से जुड़े प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा। वायु प्रदूषण और पीएम2.5 का मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, ऐसे में भाविका का शोध वर्तमान समय में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

20 शोधार्थियों में सबसे कम उम्र की
भाविका की उपलब्धि को और खास बनाता है कि प्रशिक्षण केंद्र के लिए चयनित 20 शोधार्थियों के समूह में वह सबसे कम उम्र की शोधार्थी हैं। इसके साथ ही पूरे दक्षिण एशिया, भारत और हरियाणा से चयनित वह एकमात्र शोधार्थी हैं। भाविका की जड़ें हरियाणा के रोहतक से जुड़ी हैं।
इस उपलब्धि से भाविका के परिवार, परिचितों और हरियाणा की मीडिया बिरादरी में खुशी की लहर है। परिवार ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि भाविका ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा के माध्यम से प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

आईआईएसईआर भोपाल से हासिल की पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान में डिग्री
भाविका पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने इसी वर्ष जुलाई में प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (आईआईएसईआर भोपाल) से पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान में बीएस-एमएस की डिग्री हासिल की।
इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा में समुद्री जीवन से संबंधित विशेष अध्ययन भी किया है। अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए भाविका को छात्रवृत्ति भी मिल चुकी है।
पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण और समुद्री जीवन से जुड़े उनके अध्ययन का अनुभव अब ब्रिटेन में होने वाले उच्चस्तरीय शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सोमवार से शुरू होगी नई शोध यात्रा
भाविका शुक्रवार को बर्मिंघम पहुंच चुकी हैं। सोमवार से उनके जीवन के नए और महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत होगी। चार वर्ष के इस शोध कार्यक्रम के दौरान वह वायु प्रदूषण और पीएम2.5 से जुड़े विषयों पर गहन अध्ययन करेंगी।
एक पिता के लिए बेटी की ऐसी उपलब्धि निश्चित रूप से गर्व का विषय है। परिवार की ओर से भाविका को शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि उन्होंने परिवार के साथ-साथ हरियाणा और भारत का नाम भी रोशन किया है।
परिवार ने भाविका के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा, “तुम्हारी यह नई यात्रा ज्ञान, शोध और उपलब्धियों की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। आसमान तुम्हारा है… उड़ान अभी शुरू हुई है।”

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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