September 23, 2026 8:49 pm

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चंडीगढ़ में एंटी-ड्रग हेल्पलाइन शुरू, नशे से जुड़ी सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय

प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने यूटी सचिवालय में किया हेल्पलाइन नंबरों का शुभारंभ, नशा तस्करी की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी करेंगे त्वरित कार्रवाई
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 23 सितंबर। चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करते हुए बुधवार को एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबरों की औपचारिक शुरुआत की। यूटी सचिवालय, सेक्टर-9 में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हेल्पलाइन नंबरों का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को नशा तस्करी, नशे के सेवन और इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों की सूचना देने तथा जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए सीधा माध्यम प्रदान करना है।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, चंडीगढ़ के गृह सचिव मंडीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दीप्रवा लाकरा, डीजीपी यूटी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, सचिव कार्मिक एवं स्थापना स्वप्निल एम. नाइक, नगर निगम के विशेष आयुक्त हरप्रीत सिंह सूदन, एसएसपी/यूटी कंवरदीप कौर, एसएसपी सुरक्षा एवं ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी ऑपरेशन राजेश शर्मा, एसपी मुख्यालय विनीत कुमार और एसपी सिटी विजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ये हैं एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर
चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिकों के लिए तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं—
1933 — मानस हेल्पलाइन
9282040100 — एंटी-ड्रग हेल्पलाइन, चंडीगढ़ (मोबाइल)
0172-2677037 — एंटी-ड्रग हेल्पलाइन, चंडीगढ़ (लैंडलाइन)
इन नंबरों के माध्यम से नागरिक नशा तस्करी और नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रशासन एवं पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।
सूचना देने वालों की पहचान रखी जाएगी गोपनीय
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशा बेचने वालों, नशे के सेवन से जुड़ी गतिविधियों या अन्य संबंधित मामलों की जानकारी सामने लाएं और जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले लोगों की पहचान और संपर्क संबंधी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। उनके अनुसार, कॉल करने वालों या शिकायतकर्ताओं की जानकारी को रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाएगा। प्राप्त शिकायतों पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि महत्वपूर्ण सूचनाओं पर जल्द कदम उठाया जा सके।

चार श्रेणियों में बांटी जाएगी हेल्पलाइन से मिलने वाली सूचना
डीजीपी यूटी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि हेल्पलाइन पर प्राप्त जानकारी को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा, ताकि शिकायत या सूचना की प्रकृति के अनुसार उचित और समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि विशेष अभियान के तहत अब तक 130 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 133 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा लगभग 359 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
डीजीपी के अनुसार, नशे से जुड़े संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां पुलिस की विशेष निगरानी और घेराबंदी की जा रही है। नशा तस्करी में कथित रूप से शामिल संदिग्धों को हिरासत में लेकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

तत्काल सूचना पर विशेष टीम करेगी कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि यदि हेल्पलाइन पर नशा तस्करी से संबंधित कोई तत्काल और विश्वसनीय सूचना प्राप्त होती है, तो उस पर एसएसपी की निगरानी में गठित विशेष टीम द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं नियमित शिकायतों और अन्य सूचनाओं को आगे की कार्रवाई के लिए एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स को भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन केवल एक फोन नंबर नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ पुलिस और आम नागरिकों की साझी भागीदारी का प्लेटफॉर्म है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों के बजाय विश्वसनीय जानकारी प्रशासन और पुलिस के साथ साझा करें।
घर-घर सर्वे से चिन्हित किए जाएंगे जरूरतमंद परिवार
प्रशासक ने बताया कि नशा मुक्त चंडीगढ़ अभियान के अगले चरण में शहर में घर-घर सर्वे कराया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों और परिवारों की पहचान करना है जिन्हें नशे से संबंधित समस्याओं के कारण सहायता की जरूरत है।
सर्वे के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को उचित काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

बिना पर्ची दवा बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
गुलाब चंद कटारिया ने स्वास्थ्य विभाग को ऐसी दवाओं की बिक्री पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, जिनमें ऐसे पदार्थ हो सकते हैं जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई मेडिकल आउटलेट पंजीकृत चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना ऐसी दवाएं उपलब्ध कराता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नाइट क्लबों की टाइमिंग और उपलब्ध पदार्थों पर भी निगरानी
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रशासक ने कहा कि शहर में नाइट क्लबों की टाइमिंग को नियंत्रित करने और वहां उपलब्ध पदार्थों की निगरानी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर आगे बढ़ाया जाएगा, क्योंकि नशे की समस्या प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित नहीं है।
डी-एडिक्शन सेंटरों की संख्या बढ़ाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले मौजूदा क्षमता और जरूरत का संबंधित विभागों के साथ आकलन किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा।

स्वास्थ्य, समाज कल्याण और पुलिस विभाग का संयुक्त अभियान
प्रशासन के अनुसार, नशे के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़ पुलिस और चंडीगढ़ प्रशासन की विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। नई हेल्पलाइन को इसी संयुक्त प्रयास का हिस्सा बनाया गया है, ताकि आम नागरिक नशे से जुड़ी जानकारी देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सहायता भी प्राप्त कर सकें।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशा तस्करी या नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो वे जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें और नशामुक्त चंडीगढ़ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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