September 22, 2026 7:04 pm

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चंडीगढ़: समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस मामले में HPEA को हाईकोर्ट से राहत

HERC को 28 सितंबर को एसोसिएशन की आपत्तियां और अतिरिक्त दस्तावेज सुनने के निर्देश
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़

चंडीगढ़, 21 सितंबर। हरियाणा में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (रजि.) को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। हाईकोर्ट ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) को निर्देश दिया है कि वह 28 सितंबर, 2026 को होने वाली सुनवाई में एसोसिएशन की आपत्तियों और प्रस्तुतियों पर विचार करे।
यह आदेश न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की अदालत ने 21 सितंबर को एसोसिएशन की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी तलवार ने अधिवक्ता दीपक गोयत के साथ मामले में पैरवी की।

Eleven Power Limited के लाइसेंस आवेदन से जुड़ा मामला
मामला M/s Eleven Power Limited द्वारा हरियाणा के संबंधित क्षेत्रों में समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस प्राप्त करने के लिए HERC के समक्ष प्रस्तुत आवेदन से जुड़ा है। HPEA ने हाईकोर्ट में कहा कि लाइसेंस आवेदन की कार्यवाही के दौरान अतिरिक्त सामग्री और दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखे गए हैं। ऐसे में एसोसिएशन को उन दस्तावेजों पर प्रभावी आपत्ति दर्ज करने और अपना पक्ष रखने के लिए उचित अवसर मिलना जरूरी है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद HPEA अब 28 सितंबर को HERC के समक्ष अपनी विस्तृत आपत्तियां और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेगी। एसोसिएशन की ओर से 15 सितंबर, 2026 को पहले ही दाखिल की जा चुकी आपत्तियों के अतिरिक्त अन्य दस्तावेज और आपत्तियां भी रिकॉर्ड पर रखी जा सकेंगी।
एसोसिएशन ने HERC के समक्ष Eleven Power Limited द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग भी की है, ताकि उन पर प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखा जा सके।

बिजली वितरण के समानांतर नेटवर्क को लेकर उठाए सवाल
HPEA ने प्रस्तावित समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर जनहित, बिजली वितरण के बुनियादी ढांचे के दोहराव, मौजूदा वितरण कंपनियों की वित्तीय व्यवहार्यता, क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था और उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए हैं।
एसोसिएशन का तर्क है कि बिजली वितरण व्यवस्था दूरसंचार क्षेत्र से अलग है। बिजली वितरण के लिए पोल, बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर और अन्य भौतिक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। ऐसे में एक ही क्षेत्र में समानांतर वितरण नेटवर्क स्थापित किए जाने की स्थिति में संसाधनों के दोहराव तथा इसकी आर्थिक और व्यावहारिक व्यवहार्यता से जुड़े सवालों का आकलन जरूरी है।

DHBVNL की वित्तीय स्थिति और क्रॉस-सब्सिडी पर चिंता
एसोसिएशन ने मौजूदा वितरण कंपनियों, विशेष रूप से DHBVNL, पर संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है। HPEA के अनुसार यदि अधिक राजस्व वाले उपभोक्ता समानांतर वितरण लाइसेंसधारी के क्षेत्र में चले जाते हैं, तो इसका असर मौजूदा वितरण व्यवस्था और विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने कहा है कि समानांतर वितरण व्यवस्था की आवश्यकता और उसके दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन करते समय उन क्षेत्रों में पहले से काम कर रही राज्य वितरण कंपनियों के प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के हितों पर जोर
HPEA ने बिजली को आवश्यक सार्वजनिक सेवा बताते हुए कहा है कि समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस से जुड़े किसी भी निर्णय में उसके दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के साथ उपभोक्ताओं के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, औद्योगिक उपभोक्ताओं तथा अन्य बिजली उपभोक्ताओं के हितों पर विशेष रूप से विचार किए जाने की आवश्यकता जताई है।

28 सितंबर को HERC के समक्ष रखेगा पक्ष
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब HPEA 28 सितंबर को HERC के समक्ष अपनी विस्तृत आपत्तियां, अतिरिक्त दस्तावेज और कानूनी प्रस्तुतियां रखेगी। इससे एसोसिएशन को चल रही लाइसेंसिंग प्रक्रिया में अपना पक्ष नियामक आयोग के समक्ष विस्तार से रखने का अवसर मिलेगा।
मामले में हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (रजि.) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी तलवार और अधिवक्ता दीपक गोयत ने पैरवी की।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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