October 14, 2026 10:11 pm

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हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का अभियान तेज, नौ महीने में 155 रेड; 190 अधिकारी-कर्मचारी चिह्नित

रिश्वतखोरी के आरोपों पर कार्रवाई के लिए विशेष सूची तैयार, छह कर्मचारियों की गिरफ्तारी; शिकायतकर्ताओं को प्रोत्साहित करने और सूचना देने वालों को इनाम देने पर जोर

रमेश गोयत
पंचकूला, 14 अक्टूबर। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो प्रमुख डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार से संबंधित प्रत्येक शिकायत और सूचना को गंभीरता से लिया जाए तथा तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने, उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करने और लंबित जांचों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पंचकूला स्थित ब्यूरो मुख्यालय में बुधवार को आयोजित तीसरी तिमाही समीक्षा बैठक में पिछले नौ महीनों के दौरान की गई कार्रवाई, रिश्वतखोरी के मामलों में छापेमारी, जांचों के निस्तारण और सरकारी स्वीकृति के लिए भेजे गए मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि चालू वर्ष के पहले नौ महीनों में प्रदेशभर में कुल 155 रेड की गईं, जबकि तीसरी तिमाही में 64 रेड की गईं। इसके अलावा, रिश्वतखोरी की शिकायतों के आधार पर तैयार की गई ‘डोंट मूव विदाउट मनी’ सूची में 190 अधिकारी-कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। इनमें से छह के खिलाफ रेड कर गिरफ्तारी की जा चुकी है।

नौ महीने में 90 जांच दर्ज, 60 का निस्तारण
समीक्षा बैठक में जांचों की प्रगति से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि तीसरी तिमाही के दौरान भ्रष्टाचार से संबंधित 44 जांच दर्ज की गईं। इस अवधि में 20 जांचों की रिपोर्ट सरकार को भेजी गई।
वहीं, पिछले नौ महीनों में कुल 90 जांच दर्ज की गईं और 60 जांचों का निस्तारण कर रिपोर्ट सरकार को भेजी गई। इन 60 मामलों में पहले की अवधि से लंबित जांचें भी शामिल हैं, जिनमें मुख्यालय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी गई।
डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने जांचों के निस्तारण को लेकर एक खबर को तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि पिछले नौ महीनों में प्राप्त 90 जांचों में से 60 का निस्तारण किया जा चुका है। उनके अनुसार, औसतन हर महीने छह से सात जांचों का निस्तारण किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित जांचों की नियमित समीक्षा की जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रत्येक मामले में तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जा सकें।

रिश्वत लेते प्रथम श्रेणी के अधिकारी को पकड़ने पर एक लाख रुपये तक इनाम
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली विजिलेंस टीमों का मनोबल बढ़ाने के लिए ब्यूरो प्रमुख ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रथम श्रेणी के अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने वाली विजिलेंस टीम को एक लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।
इसके साथ ही भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी के संबंध में विश्वसनीय सूचना देकर उसे पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्ति को निर्धारित इनाम राशि का 30 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा।
डॉ. चावला ने कहा कि रिश्वतखोरी के मामलों में शिकायतकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कई मामलों में शिकायतकर्ता के सहयोग से ही भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ना संभव हो पाता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाए। उन्हें यह भरोसा दिलाया जाए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी ओर से दी गई सूचना महत्वपूर्ण है और उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ताओं का विश्वास बनाए रखना और उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना ब्यूरो की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।

‘डोंट मूव विदाउट मनी’ सूची में 190 अधिकारी-कर्मचारी
बैठक में भ्रष्टाचार के प्रति संवेदनशील अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान के लिए तैयार की गई विशेष सूची की भी समीक्षा की गई। इस सूची को ‘डोंट मूव विदाउट मनी’ नाम दिया गया है। इसमें ऐसे 190 अधिकारी-कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है, जिनके संबंध में रिश्वत लिए बिना काम नहीं करने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
ब्यूरो के अनुसार, सूची में शामिल छह अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ रेड कर गिरफ्तारी की जा चुकी है।
डॉ. चावला ने निर्देश दिए कि सूची में शामिल व्यक्तियों के संबंध में प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाए। शिकायतों की पुष्टि होने और आवश्यक तथ्य सामने आने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर लेने के बजाय उनकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

तीसरी तिमाही में 64 रेड, सात विजिलेंस रेंज की समीक्षा
हरियाणा की सात विजिलेंस रेंज में भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि तीसरी तिमाही में कुल 64 रेड की गईं। पिछले नौ महीनों में रेड की कुल संख्या 155 रही।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रिश्वतखोरी से संबंधित शिकायतें मिलने पर आवश्यक कार्रवाई में देरी न की जाए। शिकायतकर्ताओं से समन्वय स्थापित कर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ब्यूरो प्रमुख ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को परिणामोन्मुखी बनाने के लिए अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार करना होगा। शिकायतों की जांच, सूचनाओं का सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

‘सतर्क हरियाणा’ ऐप के प्रचार-प्रसार पर जोर
बैठक में भ्रष्टाचार से संबंधित सूचनाएं जुटाने के लिए ‘सतर्क हरियाणा’ मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
डॉ. चावला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में आमजन को इस ऐप के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि लोग भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें और सूचनाएं ब्यूरो तक पहुंचा सकें।
उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त सूचनाएं भ्रष्टाचार के मामलों की पहचान करने और आवश्यक जांच शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए ऐप के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लिया जाए और उसकी उचित जांच की जाए।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जानबूझकर गलत या भ्रामक सूचना देने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों के माध्यम से वास्तविक मामलों की पहचान हो और जांच की प्रक्रिया तथ्यों के आधार पर आगे बढ़े।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली चार टीमों को किया सम्मानित
समीक्षा बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और बेहतर कार्यप्रदर्शन के लिए प्रदेशभर की चार टीमों को सम्मानित किया गया। डीएसपी सुरिंदर कुमार सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की गई।
डॉ. चावला ने कहा कि बेहतर परिणाम देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने वालों को अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का प्रभावी निस्तारण करने, जांच की गुणवत्ता बेहतर बनाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में ब्यूरो के पास उपलब्ध उपकरणों और संसाधनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कार्रवाई के दौरान व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, शिकायतकर्ताओं का विश्वास और जवाबदेह कार्यप्रणाली ब्यूरो की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करते हुए भ्रष्टाचार के मामलों में ठोस परिणाम सुनिश्चित करने चाहिए।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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