गौरव कुमार और प्रदीप अहलावत जल्द संभाल सकते हैं कार्यभार, नगर निगम में भी बदलाव के संकेत
ज्वाइंट कमिश्नर की खाली कुर्सी पर होगी नई तैनाती, दो SDM के तबादले की भी चर्चा; DANICS अधिकारी को नगर निगम में जिम्मेदारी देने पर नजरें
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 18 अक्तूबर। चंडीगढ़ प्रशासन में अधिकारियों की खाली पड़ी कुर्सियों को भरने और प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हरियाणा कैडर के अधिकारियों की तैनाती को लेकर प्रशासन ने तीन अधिकारियों के पैनल में से दो नामों को मंजूरी दे दी है। स्वीकृत पैनल में गौरव कुमार और प्रदीप अहलावत के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों अधिकारी सोमवार या बुधवार तक हरियाणा सरकार से रिलीव होकर चंडीगढ़ में कार्यभार संभाल सकते हैं। हालांकि, उनकी ज्वाइनिंग की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ में हरियाणा कोटे के अंतर्गत अधिकारियों के पद खाली होने के कारण नई नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। हरियाणा की ओर से भेजे गए तीन अधिकारियों के पैनल में गौरव कुमार, मानव मलिक और प्रदीप अहलावत के नाम शामिल थे। इनमें से गौरव कुमार और प्रदीप अहलावत के नामों को स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है। अब इन दोनों अधिकारियों की चंडीगढ़ में तैनाती और कार्यभार संभालने की प्रक्रिया पर नजरें टिकी हैं। गौरव कुमार हरियाणा सिविल सेवा के 2011 बैच के अधिकारी हैं। प्रदीप अहलावत हरियाणा सिविल सेवा के 2013 बैच के अधिकारी हैं।

दो HCS अधिकारियों के समय से पहले लौटने से खाली हुई थीं सीटें
चंडीगढ़ प्रशासन में हरियाणा कैडर के अधिकारियों की दो सीटें सुमित सिहाग और डॉ. इंदरजीत रंगा के समय से पहले हरियाणा कैडर में वापस लौटने के कारण खाली हुई थीं। इन रिक्त पदों को भरने के लिए नए अधिकारियों की तैनाती जरूरी हो गई थी।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले हरियाणा कैडर के अधिकारियों की उपलब्धता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। प्रशासनिक हलकों में यह बात भी उठती रही है कि हरियाणा से चंडीगढ़ आने के इच्छुक अधिकारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। पिछले पांच वर्षों के दौरान आधा दर्जन से अधिक HCS अधिकारियों के लगभग एक वर्ष के भीतर ही वापस लौटने की चर्चा ने भी प्रतिनियुक्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
ऐसे में गौरव कुमार और प्रदीप अहलावत की संभावित तैनाती को चंडीगढ़ प्रशासन में रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दशहरे के बाद प्रशासनिक फेरबदल की संभावना
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के राजस्थान दौरे से लौटने और दशहरे के बाद चंडीगढ़ प्रशासन में बड़े स्तर पर फेरबदल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी आधिकारिक आदेश की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि अधिकारियों की नई तैनाती केवल खाली पदों को भरने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि कुछ मौजूदा अधिकारियों के विभागों और जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया जा सकता है।
यदि ऐसा होता है तो चंडीगढ़ सचिवालय से लेकर नगर निगम तक प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से SDM स्तर पर होने वाले संभावित तबादलों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
नगर निगम में ज्वाइंट कमिश्नर का पद खाली, नए अधिकारी की होगी तैनाती
नगर निगम चंडीगढ़ में डॉ. इंदरजीत रंगा के वापस हरियाणा कैडर में लौटने के बाद ज्वाइंट कमिश्नर का पद खाली होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में हरियाणा से आने वाले दो अधिकारियों में से किसी एक को नगर निगम में तैनात किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यदि किसी नए HCS अधिकारी को नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो इससे निगम के प्रशासनिक कामकाज में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। नगर निगम में ज्वाइंट कमिश्नर का पद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस स्तर पर विभिन्न विभागों के कामकाज की निगरानी और प्रशासनिक समन्वय जैसी जिम्मेदारियां निभाई जाती हैं।
फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चंडीगढ़ प्रशासन दोनों नए अधिकारियों को किन विभागों में तैनात करता है और क्या इनमें से किसी एक को नगर निगम भेजा जाता है।
तीन में से दो SDM के बदलने की चर्चा
चंडीगढ़ में तीन SDM में से दो अधिकारियों को बदले जाने की संभावना भी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि संभावित बदलाव के तहत एक पद पर हरियाणा कैडर के अधिकारी और दूसरे पर DANICS अधिकारी को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
यदि यह बदलाव होता है तो प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों का नया समीकरण बन सकता है। हालांकि, किन SDM को बदला जाएगा और उनकी जगह किन अधिकारियों को तैनात किया जाएगा, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक फेरबदल की संभावनाओं के बीच अब सभी की निगाहें चंडीगढ़ प्रशासन के आगामी आदेशों पर टिकी हैं।
नगर निगम से हिमांशु गुप्ता के बाहर जाने की भी चर्चा
नगर निगम में संभावित बदलावों के बीच हिमांशु गुप्ता के भी निगम से बाहर जाने की कोशिशों की चर्चा है। हालांकि, उनकी संभावित नई तैनाती या तबादले को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नगर निगम में हाल ही में रिश्वत मामले में एक इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद विभागीय कामकाज और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं शुरू हुई हैं। इस घटनाक्रम के बीच ज्वाइंट कमिश्नर बलबीर राज, जो PCS अधिकारी बताए जाते हैं, का नाम भी चर्चाओं में लिया जा रहा है।
हालांकि, बलबीर राज की किसी भी कथित भूमिका या आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी अधिकारी के खिलाफ आरोप सही हैं या गलत, इसका निर्धारण जांच के तथ्यों और सक्षम एजेंसी के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जा सकता है। इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी अधिकारी को मामले से जोड़कर दोषी मानना उचित नहीं होगा।
इसी घटनाक्रम के बीच प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि संबंधित विभाग के कुछ अधिकारी अपने बचाव में दूसरे अधिकारियों के नाम सामने ला रहे हैं। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
DANICS अधिकारी को नगर निगम में तैनात करने पर उठेगा नया सवाल
नगर निगम में संभावित फेरबदल का एक महत्वपूर्ण पहलू DANICS कैडर के अधिकारियों की तैनाती से जुड़ा है। चर्चा है कि यदि बलबीर राज और हिमांशु गुप्ता की जिम्मेदारियों में बदलाव होता है तो नगर निगम में DANICS कैडर के किसी अधिकारी को भी तैनात किया जा सकता है।
बताया जाता है कि चंडीगढ़ नगर निगम के गठन के बाद से यहां पंजाब और हरियाणा कैडर के अधिकारियों की तैनाती होती रही है। नगर निगम में DANICS कैडर के अधिकारी की तैनाती का मुद्दा ऐसे में महत्वपूर्ण हो जाता है।
दूसरी ओर, चंडीगढ़ प्रशासन में DANICS अधिकारियों की तैनाती को लेकर कैडर और पदों के वितरण का सवाल भी उठता रहा है। पहले पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर निर्धारित अनुपात के अनुसार तैनात किए जाने की व्यवस्था की चर्चा होती थी, जबकि अब हरियाणा के लिए उपलब्ध पदों की संख्या कम होने और DANICS अधिकारियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, पदों के वास्तविक आवंटन और कैडरवार तैनाती की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित प्रशासनिक आदेशों और स्वीकृत पदों के आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है।
PCS और HCS अधिकारियों के बीच समीकरण पर भी नजर
नगर निगम में संभावित नियुक्तियों और कैडरवार तैनाती को लेकर PCS तथा HCS अधिकारियों के बीच मनमुटाव की चर्चा भी सामने आ रही है। ऐसे में यदि DANICS अधिकारी को नगर निगम में जिम्मेदारी दी जाती है तो यह केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे और कैडर प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी होगा।
हालांकि, अधिकारियों के बीच मनमुटाव या किसी विशेष नियुक्ति को लेकर विरोध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस पहलू पर अंतिम स्थिति प्रशासन के फैसले और संबंधित आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब प्रशासनिक आदेशों का इंतजार
कुल मिलाकर, हरियाणा से गौरव कुमार और प्रदीप अहलावत की संभावित ज्वाइनिंग, नगर निगम में खाली ज्वाइंट कमिश्नर पद को भरने, दो SDM के संभावित तबादलों और DANICS अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन में गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दशहरे के बाद चंडीगढ़ प्रशासन केवल खाली पदों को भरेगा या नगर निगम समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में व्यापक फेरबदल भी करेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों से ही मिलेगा।













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