बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की सफलता, दसवीं में रह चुकी हैं पंचकूला जिले की टॉपर; शिवालिक विकास मंच ने किया सम्मानित
बाबूगिरी न्यूज़
पंचकूला/पिंजौर, 18 अक्टूबर। हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) परीक्षा-2026 में 88वीं रैंक हासिल कर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद के लिए चयनित हुईं पिंजौर की बेटी नेहा कमल को शिवालिक विकास मंच की ओर से ‘शिवालिक गौरव अवार्ड’ देकर सम्मानित किया गया। बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी, मेहनत और लगन के दम पर यह उपलब्धि हासिल करने वाली नेहा ने अपने परिवार के साथ-साथ कालका-पिंजौर क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।
रविवार को शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं एडवोकेट विजय बंसल के निवास पर आयोजित सम्मान समारोह में नेहा कमल को शॉल ओढ़ाकर और ‘शिवालिक गौरव अवार्ड’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजय बंसल और उनकी पत्नी एवं सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सिमी बंसल ने नेहा का मुंह मीठा करवाकर उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
तीसरी बार सम्मानित हुईं नेहा कमल
शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल ने कहा कि नेहा कमल शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती और प्रतिभाशाली रही हैं। उन्हें खुशी है कि वह नेहा को तीसरी बार सम्मानित कर रहे हैं। इससे पहले नेहा को दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया था। अब HCS परीक्षा में 88वीं रैंक हासिल कर DSP पद के लिए चयनित होकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की है।
विजय बंसल ने कहा कि साधारण परिवार से संबंध रखने वाली नेहा ने बिना कोचिंग और किसी सिफारिश के अपनी मेहनत, लगन तथा स्वाध्याय के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। यह उपलब्धि साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने नेहा की सफलता में उनके पिता राजिंदर पाल और परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। राजिंदर पाल पर्यटन विभाग से सेवानिवृत्त हैं। विजय बंसल ने नेहा और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा है।
दसवीं में रह चुकी हैं पंचकूला जिले की टॉपर
पिंजौर के बीटना रोड स्थित लेख राम कॉलोनी की निवासी नेहा कमल ने बताया कि उन्होंने HCS परीक्षा-2026 में दूसरी बार सफलता हासिल करते हुए 88वीं रैंक प्राप्त की है। इस रैंक के आधार पर उनका चयन DSP पद के लिए हुआ है। इससे पहले HCS-2024 बैच में उनका चयन जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSO) के पद पर हुआ था। वर्तमान में वह हरियाणा सरकार में कार्यरत हैं।
नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जे.पी. गुरुकुल हाई स्कूल से प्राप्त की। दसवीं की परीक्षा में वह पंचकूला जिले की टॉपर रही थीं। इसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पिंजौर से नॉन-मेडिकल विषय में बारहवीं की पढ़ाई पूरी की।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया और अपनी मेहनत के बल पर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
नेहा की शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रशासनिक सेवा में चयन का सफर क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।
प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करता है शिवालिक विकास मंच
विजय बंसल ने कहा कि शिवालिक विकास मंच समय-समय पर क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करता है। मंच का उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को पहचान देना और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि नेहा कमल की उपलब्धि पूरे कालका-पिंजौर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता से अन्य युवाओं को भी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
सम्मान समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति रहे मौजूद
सम्मान समारोह में विजय बंसल की पत्नी एवं सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सिमी बंसल, उनके बेटे एडवोकेट दीपांशु बंसल, नेहा कमल के पिता राजिंदर पाल, बार एसोसिएशन कालका के प्रधान एवं शिवालिक विकास मंच पिंजौर ब्लॉक के अध्यक्ष संजीव राजू, शिवालिक विकास मंच कालका ब्लॉक के अध्यक्ष लोकेश शर्मा, मंच के प्रदेश सचिव जसपाल कंडियाला, बलबीर सिंह, सदरू खान, गुरप्यारा डोड सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नेहा कमल की इस उपलब्धि से पिंजौर और कालका क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी के माध्यम से HCS परीक्षा में सफलता हासिल कर DSP पद के लिए चयनित होना उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि लगन और निरंतर प्रयास से सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।













Total Users : 439984
Total views : 699249