बच्चे देश का भविष्य, इन्हें खूब पढ़ाएं, देश और तेजी से करेगा उन्नति
पैतृक गांव पेटवाड़ में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का भव्य सम्मान समारोह
गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाया जाएगा
चंडीगढ़/हांसी, 10 जनवरी : भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के पैतृक गांव पेटवाड़ (हांसी) में उनके सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने गांव, माता-पिता, शिक्षकों, बुजुर्गों और ग्रामवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों की निष्ठा और बुजुर्गों के आशीर्वाद ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गांव का स्नेह और बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
मुख्य न्यायाधीश ने शिक्षा को सबसे बड़ा निवेश बताते हुए प्रत्येक परिवार से बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों को सामूहिक सहयोग से उच्च शिक्षा दिलाने की आवश्यकता पर बल दिया और इसके लिए स्वयं आर्थिक सहयोग देने की घोषणा भी की। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में वे हरियाणा और देश का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। युवाओं को सेना, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि उन्होंने इसी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उस समय सुविधाएं कम थीं, लेकिन शिक्षकों का समर्पण अद्भुत था। बड़े हॉल में धान की पराली बिछाकर पढ़ाई होती थी और शिक्षक देर रात तक विद्यार्थियों को पढ़ाते थे, ताकि स्कूल का परिणाम बेहतर रहे।

इस दौरान ग्रामीणों ने गांव के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं, जिनमें बस स्टैंड के पास एक एकड़ भूमि पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण, पुराने स्कूल भवन को कंडम कर नया भवन बनवाना, डोबा वाले तालाब के पीछे हर्बल पार्क, ई-पुस्तकालय की स्थापना, डोबा व डोबी तालाब का सौंदर्यीकरण तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सोलर पैनल लगवाने की मांग शामिल रही। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि उनकी हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात हुई है, जिन्होंने गांव की सभी मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया है।

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाने की घोषणा की। इस अवसर पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। इससे पूर्व उन्होंने गांव के मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत के व्यक्तित्व में गांव की खुशबू झलकती है। उनका जीवन बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि कड़ी मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है, जिसे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने जीवन से सिद्ध किया है।

समारोह के दौरान बच्चों द्वारा बनाई गई मुख्य न्यायाधीश की पेंटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों को मंच पर बुलाकर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने स्नेहपूर्वक सम्मानित किया। कार्यक्रम में उनकी धर्मपत्नी सविता वशिष्ठ को भी गांव की ओर से सम्मानित किया गया। गायक लोकेश शर्मा ने उनके जीवन पर आधारित गीत प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी, कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, सफीदों विधायक रामकुमार गौतम, विधायक रणधीर पनिहार, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।










Total Users : 291149
Total views : 493331