April 5, 2026 1:40 am

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हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन से शुरू हो 160 करोड़ घोटाले की जांच, बड़े नेटवर्क की आशंका: विकास मंच पंचकूला

पंचकूला, 4 अप्रैल 2026: शहर में कथित 160 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर अब मामला और गहराता जा रहा है। विकास मंच पंचकूला ने इस पूरे प्रकरण में बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि घोटाले की जड़ें केवल नगर निगम पंचकूला तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका मुख्य केंद्र हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन (HPHC), सेक्टर-6 पंचकूला हो सकता है। संस्था ने मांग की है कि जांच की शुरुआत इसी विभाग से की जाए, जहां सबसे बड़े वित्तीय हेरफेर की आशंका जताई जा रही है।

मुख्य पद HPHC में, नगर निगम में था अतिरिक्त चार्ज

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस मामले में सामने आए सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक की मूल तैनाती हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में थी, जबकि नगर निगम पंचकूला में उनके पास केवल अतिरिक्त (एडिशनल) चार्ज था। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी HPHC में थी, तो सबसे बड़ा वित्तीय खेल वहीं क्यों और कैसे हुआ।
संस्था का आरोप है कि नगर निगम में सामने आया घोटाला केवल एक हिस्सा है, जबकि असली गड़बड़ी हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के वित्तीय लेन-देन, खातों और भुगतान प्रक्रियाओं में हो सकती है।

160 करोड़ से कहीं बड़ा हो सकता है घोटाला
विकास मंच ने दावा किया है कि यह घोटाला 160 करोड़ रुपये तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी राशि कई गुना अधिक हो सकती है। संस्था के अनुसार, यह एक संगठित वित्तीय अनियमितता है, जिसमें विभागीय स्तर पर सुनियोजित तरीके से हेरफेर किया गया।

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राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण की आशंका
प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि इतने बड़े स्तर पर घोटाला बिना उच्च स्तर के संरक्षण के संभव नहीं है। संस्था ने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी, विभाग में बैठे प्रभावशाली लोग और चुनिंदा जनप्रतिनिधि इस पूरे मामले में संलिप्त हो सकते हैं या उन्होंने जानबूझकर आंखें मूंद रखीं।
विकास मंच ने मांग की है कि जांच के दायरे में केवल बैंक कर्मचारी ही नहीं, बल्कि नगर निगम के अधिकारी, HPHC के कर्मचारी, संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड खंगालने की मांग

संस्था ने वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। इसमें बैंक खातों, आरटीजीएस ट्रांजैक्शन, ठेकेदारों को किए गए भुगतान और विभागीय खर्चों की विस्तृत फोरेंसिक जांच शामिल हो।
साथ ही, संबंधित अधिकारियों और नेताओं की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि कहीं अवैध कमाई को संपत्ति में तो नहीं बदला गया।

पुराने मामले को नजरअंदाज करने का आरोप
विकास मंच पंचकूला ने वर्ष 2020 के एक मामले का हवाला देते हुए बताया कि सेक्टर-2 पंचकूला स्थित पंजाब नेशनल बैंक में करीब 1.5 करोड़ रुपये के फर्जी आरटीजीएस ट्रांजैक्शन की शिकायत की गई थी। संस्था का आरोप है कि उस समय यदि नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सख्ती दिखाई होती, तो आज इतना बड़ा घोटाला सामने नहीं आता।

सीबीआई और ईडी जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए विकास मंच ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि जांच सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी जाए, ताकि बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष जांच हो सके और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो।

जनता के पैसे की रिकवरी और पारदर्शिता की मांग
संस्था ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर जनता के पैसे से जुड़ा है, इसलिए यह जरूरी है कि घोटाले की पूरी राशि की रिकवरी की जाए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि पैसा किन-किन खातों में गया और अब तक कितनी राशि वापस लाई गई है।

जन आंदोलन की चेतावनी
विकास मंच पंचकूला ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन बड़े स्तर पर जन आंदोलन शुरू करेगा। संस्था का कहना है कि पंचकूला को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए यह लड़ाई अंतिम परिणाम तक लड़ी जाएगी।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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