गरीब की चिंता, किसान का सम्मान, युवाओं को अवसर, महिलाओं की सुरक्षा और बुजुर्गों को सहारा देकर प्रदेश में रामराज्य स्थापित कर रही सरकार:नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने लाडवा में विजय दशमी समारोह में दिया सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश
मुख्यमंत्री ने जय भारत कला मंच लाडवा को 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार में रामराज्य की भावना का अर्थ है कि गरीब की चिंता, किसान को सम्मान मिले, युवाओं को अवसर मुहैया करवाना है। महिलाएं सुरक्षित हो और सशक्त बने तथा बुजुर्गों को सहारा मिले, इस नीति से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मान देकर रामराज्य की भावना के अनुरूप काम किया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को लाडवा में जय भारत कला मंच लाडवा द्वारा आयोजित विजय दशमी समारोह में शिरकत की।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम की आरती की और प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जय भारत कला मंच लाडवा को 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की और शोभायात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने प्रदेशवासियों को विजय दशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प विकसित भारत का निर्माण करना है। सरकार भी प्रदेश को तेज गति के साथ आगे बढ़ाते हुए विकसित हरियाणा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विजय दशमी बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें विश्वास दिलाता है कि सत्य की राह कठिन हो सकती है, लेकिन अंत में विजय सदैव सत्य, धर्म और न्याय की ही होती है। उन्होंने कहा कि विजय दशमी भारत की सनातन चेतना का उत्सव है। यह भक्ति और शक्ति के समन्वय का पर्व है। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत करके समाज को अन्याय और भय से मुक्त कराया, वहीं मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म की स्थापना की। इन प्रसंगों से हमें सीख मिलती है कि शक्ति का उद्देश्य अहंकार नहीं, बल्कि कमजोर की रक्षा करना और अन्याय का अंत करना है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने जीवन के प्रत्येक संबंध की मर्यादा निभाई है। रावण पर उनकी विजय केवल धनुष-बाण की विजय नहीं, बल्कि सत्य, संयम, सेवा, दया, करुणा और सदाचार की विजय रही। भगवान श्रीराम ने निषादराज, माता शबरी, केवट, वनवासी समाज और वानर सेना सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर समरसता का संदेश दिया। यही रामराज्य की आत्मा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विजय दशमी पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करते समय हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प भी लेना चाहिए। केवल पुतले जलाने से हमारा दायित्व पूरा नहीं होता। यह पर्व तभी सार्थक होगा, जब हम अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या छल, कपट और स्वार्थ को दूर करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने जय भारत कला मंच लाडवा के पदाधिकारियों, कलाकारों, आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं और सभी सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि वे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार और आदर्शों से जोडऩे का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सत्य, सेवा, सदाचार और राष्ट्रभक्ति की भावना को अपने जीवन में अपनाएं तथा ऐसा समाज बनाने में योगदान दें, जहां शक्ति के साथ करुणा, समृद्धि के साथ संवेदना और अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी महत्व हो।
इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, चेयरमैन गुरनाम सैनी, नगर पालिका लाडवा की चेयरपर्सन साक्षी खुराना, मार्किट कमेटी चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त, जय भारत कला मंच लाडवा के प्रधान अश्विनी शर्मा सहित पार्षद गण, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
समानांतर बिजली लाइसेंस के खिलाफ एपीटीईएल में अपील करेगा बिजली विभाग : अनिल विज
ऊर्जा मंत्री ने कहा, गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के निजीकरण का किया था मजबूती से विरोध, अब न्यायाधिकरण में रखेंगे पक्ष
नई पार्टियों को लोग बुराई का प्रतीक मान रहे, इसलिए रावण की तरह पुतले जला रहे हैं : अनिल विज
आरएसएस के स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को दी शुभकामनाएं, पंजाब में बढ़ते नशे के लिए मान सरकार को ठहराया जिम्मेदार
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए गए लाइसेंस के मामले में स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार बिजली विभाग के माध्यम से इस निर्णय के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। बिजली वितरण के निजीकरण का पहले भी मजबूती से विरोध किया गया था और अब न्यायाधिकरण के समक्ष विभाग अपना पक्ष रखेगा। अनिल विज मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
नई पार्टियों पर साधा निशाना
दिल्ली में दशहरे के अवसर पर सीजेपी का पुतला जलाए जाने के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विजयदशमी का पर्व सच्चाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। रावण को बुराई का प्रतीक मानकर उसका पुतला जलाया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नई पार्टियां भी आ गई हैं, लोग इन्हें बुराई का प्रतीक मान रहे होंगे, इसलिए इनके पुतले जला रहे हैं।
आरएसएस के स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को दी शुभकामनाएं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने सभी स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करता है। देशभर में करोड़ों स्वयंसेवक इन मूल्यों को बनाए रखने के लिए समर्पित भाव से जुटे हुए हैं।
पंजाब की जनता चुनाव में मान सरकार के अरमानों पर फेरेगी पानी : अनिल विज
पंजाब में बढ़ते नशे के मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री ने आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या को लेकर मौजूदा सरकार की जवाबदेही बनती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब की जनता मान सरकार के सारे अरमानों को मिट्टी में मिला देगी और उसे उसके कामकाज का जवाब देगी।
राहुल गांधी के आरोपों पर भी किया कटाक्ष
गोवा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने संबंधी सवाल पर श्री अनिल विज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी हर चुनाव से पहले विभिन्न राज्यों के बारे में इसी प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते आए हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता उनके आरोपों का जवाब देना जानती है और समय-समय पर देती भी रही है।
महान योद्धा, कुशल प्रशासक और न्यायप्रिय शासक रहे महाराजा शूरसैनी : नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने महाराजा शूरसैनी जी की भव्य प्रतिमा का किया लोकार्पण
शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 98 लाख रुपए की लागत से तैयार की गई है महाराजा शूरसैनी जी की प्रतिमा
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महाराजा शूरसैनी जी एक महान योद्धा, कुशल प्रशासक और न्यायप्रिय शासक रहे। उन्होंने अपने शासनकाल में प्रजा के हित में अनेक कार्य किए और सुशासन की मिसाल पेश की। उनका जीवन हमें सत्य, न्याय, पराक्रम और जनसेवा की प्रेरणा देता है। हमारी सरकार महापुरुषों, संतों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार प्रदेशभर में महापुरुषों की प्रतिमाएं, स्मारक और भवन बनाए जा रहे हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को लाडवा शहर के कुरुक्षेत्र यमुनानगर मार्ग पर स्थापित की गई सैनी समाज के गौरव, चक्रवर्ती सम्राट महाराजा शूरसैनी जी की भव्य प्रतिमा का विधिवत लोकार्पण किया। यह प्रतिमा शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा द्वारा लगभग 98 लाख रुपए की लागत से तैयार करवाई गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महाराजा शूरसैनी जी की प्रतिमा से लाडवा शहर को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में नई पहचान मिली है। प्रतिमा स्थल को आकर्षक लाइटिंग, सौंदर्यीकरण और पार्क के रूप में विकसित किया गया है, जो अब शहर का मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। लाडवा में स्थापित की गई महाराजा शूरसैनी जी की यह प्रतिमा युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि सैनी समाज ने हमेशा देश और प्रदेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। समाज के लोग मेहनती, ईमानदार और राष्ट्रभक्त हैं। प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर काम करते हुए हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाडवा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सरकार द्वारा लाडवा में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं चलाई जा रही हैं। शहर में सड़कों, सफाई व्यवस्था, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सुधार किया जा रहा है। इस प्रतिमा के निर्माण से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ी है, बल्कि यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 98 लाख रुपए की लागत से बनी यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, हमारे इतिहास और हमारे गौरव का प्रतीक है। उन्होंने नगर पालिका लाडवा और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को सुंदर और समयबद्ध कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि महाराजा शूरसैनी चौक को नगर पालिका द्वारा एक मॉडल चौक के रूप में विकसित किया गया है। यहां सुरक्षा, सौंदर्यीकरण, लाइटिंग और ट्रैफिक व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है।
इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, चेयरमैन गुरनाम सैनी, नगर पालिका लाडवा की चेयरपर्सन साक्षी खुराना, चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त सहित पार्षदगण, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने माता मनसा देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना
प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की; हवन-यज्ञ में आहुति अर्पित कर किया कन्या पूजन
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मंगलवार को पंचकूला स्थित ऐतिहासिक श्री माता मनसा देवी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना की।
मंदिर पहुंचने पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक आर्य ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल ने मुख्य मंदिर में माता मनसा देवी की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
तत्पश्चात राज्यपाल मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला पहुंचे, जहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच आयोजित हवन-यज्ञ में भाग लिया और आहुतियां अर्पित कीं। इस दौरान उन्होंने कन्या पूजन भी किया तथा कन्याओं को भोजन करवाया।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विवेक आर्य ने राज्यपाल को सम्मान स्वरूप माता मनसा देवी का चित्र भेंट किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल के ए डी सी स्क्वाड्रान लीडर पी भरत, पुलिस उपायुक्त अदिति सिंह, श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सचिव शारदा प्रजापति, सहायक योजना अधिकारी पावस शर्मा, बोर्ड के एसडीओ राकेश पाहुजा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
23 अक्टूबर से सजेगा सूरजकुंड में दिवाली उत्सव का भव्य रंग, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे तीसरे दिवाली मेले का शुभारंभ
चार दिवसीय मेले में देश की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का अनूठा संगम; 300 स्टॉलों पर मिलेगी दिवाली की विशेष खरीदारी
26 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की गरिमामयी उपस्थिति में होगा समापन, सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की प्रस्तुति रहेगी विशेष आकर्षण
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, स्थानीय शिल्पकारों को प्रोत्साहन और पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : डॉ. अरविंद शर्मा
दिल्ली-एनसीआर सहित पड़ोसी राज्यों के लोगों से सपरिवार मेले में पहुंचने की अपील
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पारंपरिक हस्तशिल्प को नया आयाम देने के लिए फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड मेला परिसर एक बार फिर उत्सव के रंगों से सराबोर होने जा रहा है। 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे, जबकि 26 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
चार दिवसीय यह मेला दिवाली की खुशियों, भारतीय कला-संस्कृति, हस्तशिल्प, लोक संगीत, पारंपरिक व्यंजनों और पारिवारिक मनोरंजन का आकर्षक संगम बनेगा। लगभग 300 स्टॉलों के माध्यम से देश के कारीगरों और शिल्पकारों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के साथ लोगों को त्योहार की खरीदारी का विशेष अनुभव मिलेगा। हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास :
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला केवल खरीदारी और मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कलाओं और पीढ़ियों से चली आ रही शिल्प परंपराओं को सम्मान देने का महत्वपूर्ण मंच है। यह आयोजन स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने, उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार आगे बढ़ा रही है। प्रदेश सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, लोक संस्कृति के संवर्धन और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सूरजकुंड जैसे आयोजन इसी सोच को धरातल पर उतारने के साथ हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाते हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड मेला परिसर हरियाणा की कला और शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। दिवाली मेले के माध्यम से इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों को प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
300 स्टॉलों पर दिखेगा भारतीय शिल्पकारों का हुनर :
मेले में लगाए जाने वाले लगभग 300 स्टॉलों पर हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक कलाकृतियों, घर की सजावट से संबंधित वस्तुओं और दिवाली के लिए उपयोगी उत्पादों की विविधता देखने को मिलेगी। पर्यटक एक ही स्थान पर विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक कलाओं और शिल्प उत्पादों को देखने तथा खरीदने का आनंद उठा सकेंगे।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हस्तशिल्प हमारी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा होने के साथ लाखों लोगों की आजीविका से भी जुड़ा है। ऐसे आयोजनों से कारीगरों को अपनी कला के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलता है। इससे पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने, नई पीढ़ी को उससे जोड़ने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलती है।
कंवर ग्रेवाल की सूफियाना प्रस्तुति से सजेगी सांस्कृतिक संध्या :
सूरजकुंड दिवाली मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रसिद्ध सूफी एवं लोक गायक कंवर ग्रेवाल की प्रस्तुति मेले की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएगी। इसके अलावा लोक कलाकारों और पारंपरिक नृत्य दलों की प्रस्तुतियां भारतीय लोक संस्कृति के विविध रंगों को जीवंत करेंगी।
डॉ. शर्मा ने कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा हैं। इनके माध्यम से हमारी परंपराएं एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती हैं। सूरजकुंड दिवाली मेले में होने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पर्यटकों को मनोरंजन के साथ भारतीय लोक जीवन की विविधता को करीब से अनुभव करने का अवसर देंगी।
फूड कोर्ट में मिलेगा विविध व्यंजनों का स्वाद :
मेले में खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खानपान की भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। विशाल फूड कोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों के साथ प्रतिष्ठित खाद्य ब्रांडों के लोकप्रिय पकवान उपलब्ध होंगे। इससे परिवारों और पर्यटकों को एक ही परिसर में खरीदारी, संगीत, मनोरंजन और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
आयोजन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि बच्चे, युवा, बुजुर्ग और परिवार के सभी सदस्य दिवाली से पहले उत्सव के माहौल का भरपूर आनंद उठा सकें।
पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति :
विरासत एवं पर्यटन मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित रखने के बजाय उसे सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला, हस्तशिल्प और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। सूरजकुंड दिवाली मेला इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कारीगरों, कलाकारों, छोटे कारोबारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित करते हैं। सरकार का प्रयास है कि हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विशेषताओं को देश-दुनिया के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।
26 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में होगा समापन :
23 अक्टूबर से शुरू होने वाला तीसरा सूरजकुंड दिवाली मेला 26 अक्टूबर तक चलेगा। समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में हस्तशिल्प प्रदर्शनी, लोक कला, संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक व्यंजन पर्यटकों को दिवाली से पहले एक यादगार अनुभव प्रदान करेंगे।
हरियाणा सरकार और पर्यटन विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा तथा पड़ोसी राज्यों के लोगों से सपरिवार सूरजकुंड पहुंचकर इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला देश की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाने, स्थानीय शिल्पकारों की प्रतिभा को सम्मान देने और त्योहार की खुशियों को साझा करने का अवसर है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचने और भारतीय कला, संस्कृति तथा पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने की अपील की।













Total Users : 439850
Total views : 699082