October 28, 2026 5:49 am

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हरियाणा HPSC चेयरमैन पद के लिए लॉबिंग तेज, 22 अक्टूबर को पूरा होगा आलोक वर्मा का कार्यकाल

आयोग में छह महीने से सदस्य का एक पद खाली, रिटायर्ड IAS या IPS अधिकारी की नियुक्ति की भी चर्चा

बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 20 अक्तूबर। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन पद पर नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग के मौजूदा चेयरमैन आलोक वर्मा का कार्यकाल 22 अक्टूबर 2026 को पूरा हो रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को जल्द ही आयोग के नए चेयरमैन को लेकर फैसला करना होगा। दूसरी ओर, आयोग में सदस्य का एक पद भी पिछले छह महीने से रिक्त है। इस पद पर भी अब तक नियुक्ति नहीं हुई है।
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि हरियाणा सरकार आयोग के चेयरमैन पद पर किसी सेवानिवृत्त IAS या IPS अधिकारी को नियुक्त कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

छह साल का कार्यकाल पूरा कर रहे आलोक वर्मा
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं कानूनी-प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 316(2) के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के चेयरमैन और सदस्यों का कार्यकाल नियुक्ति की तारीख से छह वर्ष या 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक होता है। इनमें से जो भी अवधि पहले पूरी हो जाती है, उसी के अनुसार कार्यकाल समाप्त हो जाता है।
भारतीय वन सेवा (IFS) के 1989 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी आलोक वर्मा की जन्मतिथि 24 अक्टूबर 1964 है। उन्होंने 23 अक्टूबर 2020 को 56 वर्ष की आयु में हरियाणा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन का पदभार संभाला था। हेमंत कुमार के मुताबिक, छह वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के कारण उनका कार्यकाल 22 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रहा है।

अप्रैल से खाली है सदस्य का एक पद
HPSC में चेयरमैन के अलावा पांच सदस्यों के पद स्वीकृत हैं। आयोग के सदस्य राजेंद्र कुमार का कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गया था। उन्हें 23 सितंबर 2022 को सदस्य नियुक्त किया गया था। हालांकि, उनका छह साल का कार्यकाल सितंबर 2028 तक हो सकता था, लेकिन 62 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण उन्हें अप्रैल 2026 में ही पद छोड़ना पड़ा।
उनके स्थान पर अब तक किसी नए सदस्य की नियुक्ति नहीं हुई है। इस तरह आयोग में सदस्य का एक पद लगभग छह महीने से खाली पड़ा है।

आयोग में कौन-कौन हैं सदस्य?
वर्तमान में HPSC में चेयरमैन आलोक वर्मा के अलावा चार सदस्य कार्यरत हैं। इनमें आनंद कुमार शर्मा जुलाई 2021 से सदस्य हैं और उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक है।
ज्योति बैंदा सितंबर 2022 से सदस्य हैं और उनका कार्यकाल सितंबर 2028 तक है। ममता यादव अप्रैल 2023 से आयोग की सदस्य हैं और उनका कार्यकाल अप्रैल 2029 तक है। वहीं, डॉ. सोनिया त्रिखा दिसंबर 2023 में सदस्य नियुक्त हुई थीं और उनका कार्यकाल दिसंबर 2029 तक निर्धारित है।

गैर-सरकारी पृष्ठभूमि के व्यक्ति की भी हो सकती है नियुक्ति
हेमंत कुमार के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 316(1) में प्रावधान है कि लोक सेवा आयोग के लगभग आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए, जिन्होंने नियुक्ति से पहले केंद्र या राज्य सरकार के अधीन कम से कम दस वर्ष तक सेवा की हो।
उनके मुताबिक, आयोग में पहले से सरकारी सेवा की पृष्ठभूमि वाले सदस्य मौजूद हैं। ऐसे में सरकार नियमों के अनुरूप किसी राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक या अन्य गैर-सरकारी क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति को भी चेयरमैन या सदस्य नियुक्त कर सकती है।
यदि सरकार तत्काल नए चेयरमैन की नियुक्ति नहीं करती है, तो आयोग के किसी मौजूदा सदस्य को कार्यवाहक चेयरमैन का दायित्व सौंपा जा सकता है।

सदस्यों की संख्या पांच से घटाकर चार भी कर सकती है सरकार
हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार चाहे तो आयोग में सदस्यों की स्वीकृत संख्या पांच से घटाकर चार कर सकती है। इसके लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियमन, 2018 के विनियम संख्या तीन में संशोधन करना होगा। उनके अनुसार, हरियाणा कैबिनेट की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी करके यह बदलाव किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले तत्कालीन मनोहर लाल सरकार ने आयोग में सदस्यों की संख्या आठ से घटाकर पांच कर दी थी।

रिटायर्ड IAS या IPS अधिकारी को अधिकतम दो साल का कार्यकाल
HPSC के चेयरमैन पद पर किसी सेवानिवृत्त IAS या IPS अधिकारी की नियुक्ति की चर्चाओं पर हेमंत कुमार ने कहा कि ऐसी नियुक्ति में कोई कानूनी बाधा नहीं है। हालांकि, संबंधित अधिकारी की आयु कार्यकाल निर्धारित करने में अहम होगी।
उन्होंने बताया कि यदि कोई अधिकारी 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होता है और इसके बाद HPSC चेयरमैन नियुक्त किया जाता है, तो उसे 62 वर्ष की आयु तक ही पद पर रहने का अवसर मिलेगा। इस स्थिति में उसका अधिकतम कार्यकाल दो वर्ष होगा।
वहीं, यदि सरकार किसी अधिकारी को छह वर्ष का पूरा कार्यकाल देना चाहती है, तो संबंधित अधिकारी को नियुक्ति के समय 56 वर्ष या उससे कम आयु का होना होगा। इसके लिए IAS या IPS सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने की स्थिति भी प्रासंगिक हो सकती है।
अब सबकी निगाहें हरियाणा सरकार के अगले कदम पर हैं। आलोक वर्मा का कार्यकाल पूरा होने से पहले नए चेयरमैन की नियुक्ति होती है या किसी मौजूदा सदस्य को कार्यवाहक चेयरमैन की जिम्मेदारी दी जाती है, इस पर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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