हरियाणा में ऐतिहासिक स्थानों का बनाएंगे नया कॉरिडोर, आमजन को करेंगे जागरूक: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन 2047 के तहत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा की
हरियाणा की 10 हजार साल पुरानी विरासत की खोज, संरक्षण और प्रचार पर रहेगा फोकस
वर्ष 2047 के विजन के तहत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने तैयार की पांच वर्षीय कार्ययोजना, 2031 तक 120 से अधिक संरक्षित स्मारकों का लक्ष्य
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 22 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में अनेक ऐसे ऐतिहासिक स्थान हैं जो हमारे गौरवशाली इतिहास और पूर्वजों के संघर्ष के परिचायक हैं। प्रदेशवासियों को इनसे रूबरू करवाने के लिए हरियाणा में ऐतिहासिक स्थानों का नया कॉरिडोर बनाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले वीरों की कहानियों की जानकारी मिल सके।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार करने तथा हरियाणा को टूरिज्म हब बनाने के संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष की गाथा हरियाणा के चप्पे-चप्पे में बिखरी हुई है। सन् 1857 में आजादी की पहली लड़ाई अंबाला कैंट से शुरू हुई जिसके प्रति जन-जागरूकता फैलाने के लिए सरकार द्वारा अंबाला कैंट में विशाल एवं भव्य शहीद स्मारक बनाया गया है। इसमें दर्शाए गए स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित सभी स्थान आज भी अंबाला व अन्य जिलों में मौजूद हैं जिन्हें न केवल संरक्षित करने की जरूरत है बल्कि इन्हें इस प्रकार विकसित करके एक नया कॉरिडोर भी बनाने की आवश्यकता है जिससे आमजन हरियाणा के इतिहास से परिचित हो सकें। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने प्रदेश की प्राचीन सभ्यता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2047 के विजन के तहत पांच वर्षीय कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य हरियाणा की लगभग 10 हजार साल पुरानी विरासत की खोज, संरक्षण और प्रचार के साथ प्रदेश को सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। योजना के तहत प्रदेश में पुरातात्विक स्थलों की वैज्ञानिक खुदाई, ऐतिहासिक धरोहरों का दस्तावेजीकरण, स्मारकों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार, संग्रहालयों का आधुनिकीकरण और आमजन की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
21 नए पुरातात्विक स्थलों पर खुदाई की योजना
प्रदेश में वर्ष 1972 से 2025 के बीच 9 स्थलों पर पुरातात्विक खुदाई की गई है। विभाग द्वारा भविष्य में 21 नए स्थलों पर खुदाई की जाएगी। पहले चरण में 2026-27 के दौरान हिसार जिले के सीसवाल में खुदाई की योजना है। इसके बाद खरड़ अलीपुर में दो चरणों में खुदाई की जाएगी। वर्ष 2029-31 के दौरान बालू, जोगना खेड़ा, तिगड़ाना और राखीगढ़ी में से पुरातात्विक प्राथमिकता के आधार पर स्थलों का चयन किया जाएगा।
संरक्षित स्मारकों की संख्या 120 से अधिक करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 72 संरक्षित स्मारकों की संख्या को वर्ष 2031 तक 120 से अधिक किया जाए। ऐतिहासिक किलों, प्राचीन बावड़ियों, मंदिरों और हवेलियों की पहचान, दस्तावेजीकरण तथा वैज्ञानिक संरक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर पर बने मंदिर के अंदर महाभारतकालीन भाषा लिखी है जिसे संरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मंदिर के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने अंग्रेजों के समय बने पुलों व ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के भी निर्देश दिए।
छह संग्रहालयों का नवीनीकरण और छह नए संग्रहालय
डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि विभाग की योजना के तहत पानीपत संग्रहालय, जहाज कोठी संग्रहालय हिसार, दीनबंधु सर छोटू राम संग्रहालय गढ़ी सांपला, जयंती देवी संग्रहालय जींद, भीमा देवी मंदिर संग्रहालय पिंजौर और गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट संग्रहालय कपाल मोचन का नवीनीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस सूची में शहजादपुर के ऐतिहासिक स्थल तथा नारायणगढ़ थाने के रेस्ट हाउस को भी शामिल करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त पंचकूला में राज्य संग्रहालय, राखीगढ़ी संग्रहालय, कुरुक्षेत्र में सिख एवं रविदास संग्रहालय, झज्जर में स्वामी ओमानंद संग्रहालय तथा कुनाल में संग्रहालय सहित छह नए संग्रहालय विकसित करने की भी योजना है।
राखीगढ़ी और सरस्वती-सिंधु सभ्यता पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी को एक प्रमुख पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ सरस्वती-सिंधु विरासत कॉरिडोर की अवधारणा पर काम किया जाएगा। इसमें राखीगढ़ी, भरड़ाना, तिगड़ाना, बनावली, कुनाल, बालू, भगवानपुरा और खरड़ अलीपुर सहित प्रमुख स्थलों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ कुरुक्षेत्र, अग्रोहा, थानेसर, पिंजौर और अन्य ऐतिहासिक स्थलों की विरासत को भी प्रमुखता दी जाएगी।
जनभागीदारी और सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए राखीगढ़ी महोत्सव, हेरिटेज एवं म्यूजियम वॉक, मेले, उत्सव और स्कूलों में हेरिटेज किट वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएं। संरक्षित स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 की दीर्घकालिक परिकल्पना के तहत हरियाणा के ऐतिहासिक किलों, मंदिरों और स्थापत्य विरासत का दस्तावेजीकरण, शोध प्रकाशन तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को प्रोत्साहित किया जाए। इससे विरासत संरक्षण के साथ पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को गति देने तथा हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक अमित खत्री सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
अब गुरु दर्शन, कैलाश मानसरोवर और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए दोगुने श्रद्धालुओं को मिलेगी आर्थिक सहायता: मुख्यमंत्री
हरियाणा विजन-2047 के अनुरूप पर्यटन विकास का रोडमैप तैयार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की समीक्षा बैठक में वर्ष 2030 और 2047 के लक्ष्यों के लिए विभागीय कार्ययोजना पर मंथन
कृषि-पर्यटन, होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर रहेगा विशेष फोकस
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चंडीगढ़, 22 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा अब स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा तथा सिंधु दर्शन यात्रा के लिए 100-100 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। अब तक इन तीनों यात्राओं के तहत प्रति वर्ष 50-50 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके साथ ही इन यात्राओं के लिए लाभार्थियों का पंजीकरण अब पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से किया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के अंतर्गत पर्यटन विभाग की अगले 5 वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार करने तथा हरियाणा को टूरिज्म हब बनाने के संबंध में अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 50 हजार रुपये तथा सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इन तीनों यात्राओं के तहत प्रति वर्ष 50-50 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने इन तीनों यात्राओं के लिए प्रति वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 50-50 से बढ़ाकर 100-100 करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए और इसी के माध्यम से उनका पंजीकरण किया जाए और पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही आर्थिक सहायता का लाभ दिया जाए।
डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में पर्यटन विभाग के पास 42 पर्यटन परिसर, 21 बैंक्वेट एवं कन्वेंशन हॉल, 35 कॉन्फ्रेंस हॉल, 842 वातानुकूलित कमरे, 8 डॉरमेट्री, 243 दुकानें तथा 1,192 एकड़ भूमि का पर्यटन संबंधी आधार उपलब्ध है। प्रदेश में होटल प्रबंधन के पांच संस्थान तथा 15 पेट्रोल पंप भी संचालित किए जा रहे हैं।
पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण साइट्स का पुनरुद्धार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग की महत्वपूर्ण साइट्स का आवश्यकता अनुसार पुनरुद्धार करें और व्यापक जनहित के मद्देनजर जो साइट्स लीज पर अथवा पीपीपी मोड पर संचालित की जा सकती हैं उन्हें निजी कंपनियों के माध्यम से विकसित करवाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘वेड इन इंडिया’ के तहत पिंजौर में एक वेडिंग सिटी की स्थापना, यमुनानगर में सूर्य मंदिर का जीर्णोद्धार करने, फरीदाबाद में गोल्फ कोर्स का विकास तथा वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियांे के विकास के संबंध में भी व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
गन्ना किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ लेने के लिए 31 अक्टूबर तक करना होगा आवेदन
गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर मिलेगा अनुदान
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना (टेक्नोलॉजी मिशन ऑन शुगरकेन) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना किसान मेकनिजम इन शुगरकेन इम्प्लीमेंट चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना तथा गन्ने की खेती को अधिक सुविधाजनक एवं लाभकारी बनाना है।
कृषि विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत गन्ने की फसल में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इनमें पावर ऑपरेटेड गन्ना सेट ट्रीटमेंट डिवाइस (30 से 120 लीटर क्षमता), पावर वीडर (5 एचपी से कम एवं 7.5 बीएचपी तक), गन्ना रेटून मैनेजर, वाइड-रो रिजर/रिजर, रोटावेटर (4 फीट), ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सॉयलर/चिसलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर तथा मिनी ट्रैक्टर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता की शर्तें तथा आवश्यक दिशा-निर्देश विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। किसान आवेदन करने से पहले योजना के नियमों एवं शर्तों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों के लिए 5 नवंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर- महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा वर्ष 2026-2027 के राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए पात्र महिलाओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पुरस्कारों के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च, 2027 को सम्मानित किया जाएगा।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन पुरस्कारों में सुषमा स्वराज पुरस्कार, इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कार, कल्पना चावला शौर्य पुरस्कार, बहन शन्नो देवी पंचायती राज पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार, सरकारी कर्मचारी पुरस्कार, सामाजिक कार्यकर्ता पुरस्कार और महिला उद्यमी पुरस्कार शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन पुरस्कारों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पात्र महिलाएं 5 नवंबर, 2026 तक विभाग के पोर्टल एचटीटीपीएस://ऑनलाइनएमआईएस.डब्ल्यूसीडीएचआरवाई.जीओवी.इन/गौरव के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। डाक, कूरियर या अन्य किसी ऑफलाइन माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पुरस्कारों से संबंधित नियम एवं शर्तें भी विभाग के इस पोर्टल पर देखी जा सकती हैं।
विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को सूचना मुहैया करवाने के लिए हर विभाग में होगा नोडल अधिकारी
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर-हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के बीच सूचनाओं का समयबद्ध एवं सुचारू आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए हर विभाग में किसी राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, नामित नोडल अधिकारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा लिखित पत्राचार के माध्यम से मांगी गई सूचनाओं के लिए समन्वय स्थापित करने और ऐसी सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिम्मेदार होंगे।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि ब्यूरो से लिखित अनुरोध प्राप्त होने के बाद, जहां तक व्यावहारिक रूप से संभव हो, संबंधित सूचना 48 घंटे के भीतर उपलब्ध करवाई जाए, ताकि आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान में अनावश्यक विलंब न हो।
सभी विभागों को नामित नोडल अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सहित पूरा विवरण इन निर्देशों के जारी होने के 15 दिनों के भीतर सतर्कता विभाग तथा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
चंडीगढ़-हरिद्वार के बीच एचवीएसी बस सेवा से यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा, 23 अक्तूबर, 2026 से आरंभ होगी बस सेवा -परिवहन मंत्री अनिल विज
चंडीगढ़ से हरिद्वार तथा हरिद्वार से चंडीगढ़ के लिए निर्धारित समय-सारिणी जारी, रास्ते में अंबाला, यमुनानगर, सहारनपुर और रुड़की में मिलेगी बस सेवा की सुविधा – अनिल विज
यात्रियों की सुविधा, सुरक्षित सफर और बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाना वर्तमान हरियाणा सरकार की प्राथमिकता – विज
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चंडीगढ़, 22 अक्टूबर – हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में चंडीगढ़ और हरिद्वार के बीच एचवीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन एवं एयर कंडीशनिंग) बस सेवा की शुरूआत आगामी 23 अक्तूबर, 2026 से होगी और निर्धारित समय-सारिणी यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस बस सेवा से चंडीगढ़, अंबाला, यमुनानगर, सहारनपुर, रुड़की और हरिद्वार के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि बस सेवाओं की समयबद्धता और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शहरों से बस के प्रस्थान और गंतव्य तक पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
चंडीगढ़ से हरिद्वार के लिए बस का समय
निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार, चंडीगढ़ से हरिद्वार जाने वाली बस चंडीगढ़ से सुबह 9.08 बजे रवाना होगी। इसके बाद बस अंबाला से सुबह 10.40 बजे, यमुनानगर से दोपहर 12.00 बजे, सहारनपुर से दोपहर 12.50 बजे तथा रुड़की से दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी। बस के हरिद्वार पहुंचने का निर्धारित समय दोपहर 2.40 बजे है।
हरिद्वार से चंडीगढ़ के लिए वापसी का समय
इसी प्रकार, वापसी में हरिद्वार से चंडीगढ़ जाने वाली बस हरिद्वार से दोपहर 3.50 बजे, रुड़की से शाम 4.40 बजे, सहारनपुर से शाम 5.50 बजे, यमुनानगर से शाम 6.40 बजे तथा अंबाला कैंट से शाम 7.50 बजे रवाना होगी। बस के चंडीगढ़ बस स्टैंड पहुंचने का निर्धारित समय रात 9.00 बजे है।
अनिल विज ने कहा कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था न केवल यात्रियों को सुविधाजनक सफर उपलब्ध करवाती है, बल्कि विभिन्न शहरों के बीच संपर्क को भी मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का प्रयास है कि यात्रियों को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर बस सेवाएं उपलब्ध हों और उन्हें आवागमन में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि हरियाणा परिवहन विभाग यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री विज ने कहा कि चंडीगढ़-हरिद्वार मार्ग पर यह बस सेवा यात्रियों को आवागमन का एक सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगी।
राखी गढ़ी संग्रहालय का कार्य जल्द होगा पूरा, बाकी कार्य के लिए 188 करोड़ मंजूर – डॉ. अरविंद शर्मा
हड़प्पा सभ्यता की विरासत को मिलेगा नया स्वरूप, विश्वस्तरीय पुरातात्विक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा राखीगढ़ी
चण्डीगढ, 22 अक्टूबर- हरियाणा के सहकारिता, पुरातत्व, पर्यटन एवं संग्रहालय मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थलों में शामिल ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। राखीगढ़ी में आधुनिक म्यूजियम कॉम्प्लेक्स का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा, शेष बचे कार्य के लिए लिए 180 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस परियोजना से राखीगढ़ी की ऐतिहासिक विरासत को नया स्वरूप मिलेगा और यह स्थल पुरातात्विक शोध, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा।
पुरातत्व, पर्यटन एवं संग्रहालय मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा राखीगढ़ी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी भारत की प्राचीन सभ्यता, वैज्ञानिक सोच, विकसित नगर नियोजन और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यहां की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने, पुरातात्विक खोजों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और देश-विदेश में इसकी पहचान बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
आधुनिक म्यूजियम में प्रदर्शित होगी गौरवशाली विरासत
पर्यटन, पुरातत्व एवं संग्रहालय मंत्री ने बताया कि 180 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला आधुनिक म्यूजियम कॉम्प्लेक्स राखीगढ़ी के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा, जहां ऐतिहासिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक संग्रहालय के माध्यम से यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों और प्राचीन सभ्यता से जुड़े तथ्यों को व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों, शोधार्थियों, इतिहासकारों और पर्यटकों के लिए ज्ञानवर्धक केंद्र के रूप में काम करेगा। इससे लोगों को हड़प्पा सभ्यता की जीवनशैली, सामाजिक व्यवस्था, शिल्पकला, कृषि, आवासीय संरचना और नगर नियोजन को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राखीगढ़ी में विश्राम गृह का निर्माण कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
पुरातात्विक खोजों से प्राचीन सभ्यता के विकास की मिलती है जानकारी
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी में हुए उत्खनन से प्राचीन समाज की विकसित जीवनशैली और व्यवस्थित सामाजिक संरचना से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष भारतीय इतिहास को समझने और प्राचीन सभ्यताओं के विकास का अध्ययन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस विरासत का संरक्षण केवल ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों को अपनी सभ्यता और संस्कृति से जोड़ने का भी माध्यम है। आधुनिक म्यूजियम कॉम्प्लेक्स बनने से इन महत्वपूर्ण खोजों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा और राखीगढ़ी को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
पुरातत्व, पर्यटन एवं संग्रहालय मंत्री ने कहा कि राखीगढ़ी में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन को प्रोत्साहन देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, स्वरोजगार, हस्तशिल्प और अन्य आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। म्यूजियम और ऑडिटोरियम के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरातात्विक गतिविधियां आयोजित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य विरासत के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय विकास को गति प्रदान करना है।
इस अवसर पर सीडीएलयू के वीसी प्रो विजय कुमार, पद्मश्री डॉ आरएस बिष्ट, उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार, डॉ अमरेंद्र नाथ,डॉ. गरिमा सिंह आदि पुरातात्विक वैज्ञानिक ने विस्तार से हड़प्पा कालीन समृद्ध संस्कृति के बारे में जानकारी दी।
हरियाणा सरकार ने जिला अस्पतालों, ब्लड बैंकों और दवा परीक्षण सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए 3.26 करोड़ रुपये की खरीद योजना को मंजूरी दी
9 शवगृह चौंबर, 17 ऑटोप्सी टेबल और आधुनिक प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद स्वीकृत; प्रदेशभर में चिकित्सा उपकरणों का डिजिटलीकरण भी मंजूर
बाबूगिरी न्यूज
चंडीगढ़, 22 अक्टूबर – हरियाणा सरकार ने जिला अस्पतालों को अपग्रेड, ब्लड बैंकों को मजबूत करने, जांच प्रयोगशालाओं की सुविधाओं में सुधार, दवाओं की गुणवत्ता की जांच को बेहतर बनाने तथा प्रदेश के सभी जिलों में चिकित्सा उपकरणों की केंद्रीकृत डिजिटल सूची तैयार करने के लिए लगभग 3.26 करोड़ रुपये की खरीद एवं सेवा संबंधी योजनाओं को मंजूरी दी है।
ये निर्णय स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्वास्थ्य खरीद विशेष स्थायी खरीद समिति (एसएसपीसी-उच्च) की बैठक में लिए गए।
समितियों ने हरियाणा के जिला अस्पतालों के लिए छह शवों की क्षमता वाले नौ शवगृह चौंबर की खरीद हेतु दो वर्ष की दर अनुबंध व्यवस्था को मंजूरी दी। इनकी अनुमानित लागत 70.62 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, लगभग 66.27 लाख रुपये की लागत से 17 ऊंचाई समायोजित करने वाली पेडेस्टल ऑटोप्सी टेबल खरीदने की भी स्वीकृति दी गई।
इन दोनों प्रस्तावों पर कुल अनुमानित 1.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका उद्देश्य शवगृहों की क्षमता बढ़ाना तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत ब्लड बैंक, स्क्रीनिंग और प्रयोगशाला सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 1.09 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई।
इन उपकरणों में लगभग 56.64 लाख रुपये की लागत से माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान बनाए रखने में सक्षम 25 डीप फ्रीजर, 34.02 लाख रुपये की लागत से 20 एलिसा रीडर विद वॉशर तथा 18.55 लाख रुपये की लागत से 15 डिजिटल एनालिटिकल बैलेंस शामिल हैं।
इन उपकरणों से नमूनों और रीएजेंट्स के सुरक्षित भंडारण में सुधार होगा। साथ ही, स्क्रीनिंग और जांच की क्षमता मजबूत होगी तथा स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के लिए लगभग 16.04 लाख रुपये की लागत से दो डिसॉल्यूशन मशीन तथा 8.96 लाख रुपये की लागत से दो डिसइंटीग्रेशन उपकरण खरीदने की मंजूरी दी गई।
इन उपकरणों पर कुल लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनकी सहायता से एफडीए की दवा परीक्षण क्षमता बढ़ेगी और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
समितियों ने हरियाणा के सभी जिलों में स्थित स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित चिकित्सा उपकरणों का सर्वेक्षण, सत्यापन, प्रमाणीकरण और डिजिटलीकरण करने के प्रदेशव्यापी अभियान को भी मंजूरी दी। इस कार्य के लिए एक एजेंसी का चयन किया गया है, जिस पर लगभग 22.42 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा उपकरणों की सटीक और केंद्रीकृत डिजिटल सूची तैयार करना है। इससे अधिकारियों को उपकरणों की स्थिति, उपयोग और उपलब्धता पर नजर रखने के साथ-साथ उनके रखरखाव तथा भविष्य में खरीद की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सूची तैयार होने से जवाबदेही मजबूत होगी और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा उपकरणों का प्रबंधन अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त, समितियों ने पंचकूला स्थित हरियाणा चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड (एचएमएससीएल) के कार्यालय में साफ-सफाई और हाउसकीपिंग सेवाओं के लिए तीन वर्ष के सेवा-स्तरीय अनुबंध के तहत एक एजेंसी की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। इस व्यवस्था पर लगभग 32.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसका उद्देश्य निगम के कार्यालय परिसर में स्वच्छता, साफ-सफाई और उचित रखरखाव सुनिश्चित करना है।
हरियाणा सरकार ने कहा कि इन निर्णयों से प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी, जांच एवं दवा परीक्षण सुविधाओं में सुधार होगा तथा चिकित्सा उपकरणों और आवश्यक सहायक सेवाओं का प्रबंधन बेहतर बनाया जा सकेगा।
इन स्वीकृतियों में चिकित्सा उपकरणों के लिए दो वर्ष के दर अनुबंध, हाउसकीपिंग सेवाओं के लिए तीन वर्ष का अनुबंध तथा प्रदेशभर में चिकित्सा उपकरणों के डिजिटलीकरण की प्रस्तावित प्रक्रिया शामिल है।













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