600 में से 460 अंक लेकर डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्ण हुए
कृष्णा, कैथल मूल के सोनू बत्रा के बेटे की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 22 अक्तूबर। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव पार करते हुए कृष्णा बत्रा ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। सितंबर 2026 की परीक्षा में कृष्णा ने 600 में से 460 अंक हासिल कर डिस्टिंक्शन के साथ सफलता प्राप्त की। उन्हें ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 24 मिली है और उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार उन्होंने ट्राइसिटी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
कृष्णा, सोनू बत्रा और अनीता बत्रा के बेटे हैं। जो आजकल डकोली में रह रहे है। उन्होंने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी पंचकूला के सेक्टर-10 स्थित एसडी कॉमर्स इंस्टीट्यूट से की। परीक्षा में 600 में से 460 अंक प्राप्त करना उनकी मेहनत और तैयारी को दर्शाता है। भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) की ओर से जारी परिणाम के अनुसार कृष्ण दोनों ग्रुप में सफल रहे और उन्हें डिस्टिंक्शन के साथ उत्तीर्ण घोषित किया गया।

दोनों ग्रुप में किया शानदार प्रदर्शन
बत्रा ने परीक्षा के ग्रुप-I में कुल 222 अंक हासिल किए। इसमें एडवांस्ड अकाउंटिंग में 83 अंक, कॉरपोरेट एंड अदर लॉज में 75 अंक और टैक्सेशन में 64 अंक शामिल हैं। इस तरह उन्होंने पहले ग्रुप की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
वहीं, ग्रुप-II में कृष्णा ने 238 अंक प्राप्त किए। इसमें कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग में 95 अंक, ऑडिटिंग एंड एथिक्स में 69 अंक तथा फाइनेंशियल मैनेजमेंट एंड स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट में 74 अंक हासिल किए। दोनों ग्रुप के अंकों को मिलाकर उनका कुल स्कोर 460 रहा।
कृष्ण के विषयवार परिणाम पर नजर डालें तो कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग में 95 अंक उनका सर्वाधिक स्कोर रहा। इसके अलावा एडवांस्ड अकाउंटिंग में 83 अंक प्राप्त कर उन्होंने लेखांकन विषय में भी अच्छा प्रदर्शन किया। सभी छह विषयों में मिले अंकों के आधार पर उन्होंने परीक्षा में डिस्टिंक्शन हासिल की।

कैथल से चंडीगढ़ तक परिवार का सफर
कृष्णा के पिता सोनू बत्रा मूल रूप से हरियाणा के कैथल जिले के रहने वाले हैं। जो आजकल डकोली में रह रहे है। वर्तमान में वह चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के एक विभाग में सेक्शन ऑफिसर (एसओ) के पद पर कार्यरत हैं। कृष्णा की इस सफलता को परिवार के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।
सीए की पढ़ाई को वाणिज्य और वित्तीय क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण व्यावसायिक योग्यताओं में गिना जाता है। इस परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को लेखांकन, कानून, कराधान, लेखा-परीक्षा और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों की गहन तैयारी करनी होती है। ऐसे में कृष्ण का दोनों ग्रुप में सफल होना और कुल 460 अंक प्राप्त करना उनकी शैक्षणिक उपलब्धि को खास बनाता है।

सीए बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
सीए इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करना चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। कृष्णा ने इस परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने व्यावसायिक लक्ष्य की दिशा में आगे कदम बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो वाणिज्य और वित्तीय क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
कृष्णा की सफलता में उनकी मेहनत के साथ परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही होगी। परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने से उनकी आगे की पढ़ाई के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
कृष्णा की इस उपलब्धि पर परिवारजनों और शुभचिंतकों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।













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