October 12, 2026 10:27 am

October 12, 2026 10:27 am

भारत में क्रिप्टो निवेश पर शिकंजा, FIU-IND ने लागू किए 5 सख्त नियम

नियम तोड़े तो अकाउंट फ्रीज, VPN और बिना KYC ट्रेडिंग पर रोक

नई दिल्ली: भारत में बिटकॉइन, एथेरियम सहित अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए अब नियम पहले से कहीं अधिक सख्त हो गए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और अवैध लेनदेन पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) ने क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े पांच बड़े सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों के बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग अब आसान नहीं रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर यूजर्स का अकाउंट फ्रीज तक किया जा सकता है।

क्यों अहम हैं FIU-IND के निर्देश
FIU-IND ने भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ-साथ भारत में पंजीकृत विदेशी एक्सचेंजों को भी कड़े अनुपालन निर्देश जारी किए हैं। WazirX, CoinDCX, CoinSwitch जैसे प्लेटफॉर्म्स को अब हर यूजर की पहचान, लेनदेन और फंड्स से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी का गलत इस्तेमाल देश की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

लॉगिन के साथ होगी लाइव लोकेशन ट्रैकिंग
नए नियमों के तहत जब भी कोई यूजर क्रिप्टो ऐप में लॉगिन करेगा, उसे अपनी लाइव लोकेशन शेयर करनी होगी। यदि यूजर लोकेशन एक्सेस नहीं देता या उसका IP एड्रेस भारत से बाहर का पाया जाता है, तो एक्सचेंज उसका अकाउंट अस्थायी या स्थायी रूप से फ्रीज कर सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेडिंग भारतीय कानूनों के दायरे में ही हो।

लाइव सेल्फी और सख्त KYC अनिवार्य
अब सिर्फ आधार या पैन कार्ड अपलोड करना पर्याप्त नहीं होगा। KYC प्रक्रिया को और मजबूत करते हुए ‘लाइवनेस चेक’ अनिवार्य कर दिया गया है। यूजर्स को ऐप पर लाइव सेल्फी लेनी होगी और कई मामलों में वीडियो वेरिफिकेशन भी देना पड़ेगा। इससे फर्जी और बेनामी अकाउंट्स पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

VPN इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध
FIU-IND के निर्देशों के अनुसार, यदि कोई यूजर VPN का इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसका ट्रांजैक्शन तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है। एक्सचेंजों को साफ कहा गया है कि VPN डिटेक्ट होते ही ट्रेडिंग रोक दी जाए, ताकि यूजर अपनी असली पहचान और लोकेशन छिपा न सके।
50 हजार से ऊपर ट्रेड पर फंड्स का स्रोत बताना जरूरी
यदि कोई निवेशक 50 हजार रुपये या उससे अधिक की राशि से ट्रेड करता है, तो उसे फंड्स का स्रोत बताना होगा। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप या अन्य वैध दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इसके अलावा, किसी दूसरे वॉलेट में क्रिप्टो ट्रांसफर करते समय रिसीवर का नाम, पता और वॉलेट डिटेल देना भी अनिवार्य होगा। पूरी जानकारी न होने पर ट्रांजैक्शन फेल माना जाएगा।

निगरानी के दायरे में आई क्रिप्टो ट्रेडिंग
इन सख्त नियमों के लागू होने के बाद यह साफ हो गया है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा कारोबार अब पूरी तरह सरकारी निगरानी के दायरे में आ चुका है। सरकार का फोकस पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने पर है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

Our Visitor

4 2 9 0 5 3
Total Users : 429053
Total views : 684239

शहर चुनें