September 20, 2026 6:37 am

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निवेश के नाम पर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार

कंबोडिया बैठे मास्टरमाइंड्स तक पहुंचती थी ठगी की रकम, 63 NCRP शिकायतें उजागर
नई दिल्ली: निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का दिल्ली पुलिस की साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर टीम ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 08 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो मोटे मुनाफे का झांसा देकर आम लोगों से ठगी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भारत के कई राज्यों में सक्रिय था और ठगी से हासिल रकम को म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइंड्स तक पहुंचाया जा रहा था। शुरुआती जांच में ही इस नेटवर्क से जुड़ी 63 से अधिक NCRP शिकायतें सामने आई हैं।

व्हाट्सएप के जरिए शेयर मार्केट में निवेश का झांसा
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब वसंत कुंज निवासी 42 वर्षीय महिला ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता को व्हाट्सएप के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश का ऑफर दिया गया और गारंटीड रिटर्न का लालच देकर उससे 15 लाख 58 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
जांच में सामने आया कि जिन व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क किया गया, वे विदेश से ऑपरेट हो रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस स्टेशन साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में एक विशेष टीम गठित की गई। इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में टीम ने डिजिटल फॉरेंसिक, बैंकिंग लेन-देन और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया।

चार राज्यों में छापेमारी, कई अहम गिरफ्तारियां
जांच के दौरान पुलिस ने तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में एक के बाद एक छापेमारी की। तेलंगाना से म्यूल अकाउंट सप्लायर वनापतला सुनील और शंकर को गिरफ्तार किया गया।
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर, बनारस और बरेली से गिरोह के अन्य सदस्य पकड़े गए, जबकि राजस्थान के कोटा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो टेलीग्राम के जरिए विदेशी हैंडलर्स को बैंक अकाउंट्स उपलब्ध कराता था।

10 हाई-टेक स्मार्टफोन और 13 सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 हाई-टेक स्मार्टफोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनका इस्तेमाल फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म चलाने, बैंक ट्रांजैक्शन करने और विदेश में बैठे हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखने के लिए किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि मात्र 14 दिनों के भीतर करीब 4 करोड़ रुपये म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहन जांच कर रही है।
डीसीपी अमित गोयल की जनता से अपील
इस पूरे मामले पर डीसीपी साउथ वेस्ट अमित गोयल ने बताया कि यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क है, जो निवेश के नाम पर आम लोगों को निशाना बना रहा था।
उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप मैसेज, फर्जी निवेश ऐप या गारंटीड रिटर्न के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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