चंडीगढ़, 21 जनवरी 2026: यूटी चंडीगढ़ में जनगणना भारत-2027 की तैयारियों को लेकर आज यूटी/राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव, यूटी चंडीगढ़ एच. राजेश प्रसाद ने की। यह बैठक चंडीगढ़ सचिवालय, सेक्टर-9 में संपन्न हुई।
बैठक में जनगणना से पूर्व की गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बजटीय व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। निदेशक, जनगणना संचालनालय, यूटी चंडीगढ़ द्वारा आयोजित इस बैठक में SLCCC से जुड़े सभी सदस्य विभागों — स्थानीय निकाय, राजस्व, मुख्य वास्तुकार, शहरी नियोजन, वित्त एवं शिक्षा विभाग — के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक के प्रमुख निर्णय
जनगणना तिथियों का निर्धारण:
चरण-I (मकान सूचीकरण कार्य) 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, स्व-गणना की अवधि 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक निर्धारित की गई है। इन तिथियों को शीघ्र ही यूटी चंडीगढ़ के राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा।
डिजिटल जनगणना की तैयारी:
डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रधान जनगणना अधिकारी (उपायुक्त), चार्ज अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को उन्मुख करने हेतु 25 फरवरी 2026 को एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह सम्मेलन जनगणना संचालनालय, यूटी चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया जाएगा।
जनगणना पूर्व गतिविधियाँ:
बैठक में सरंगपुर एवं सेक्टर-22, चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक आयोजित प्री-टेस्ट गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा मुख्य जनगणना के लिए की जा रही तैयारियों पर चर्चा की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम:
मास्टर ट्रेनर्स एवं फील्ड ट्रेनर्स के लिए विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम को मंजूरी दी गई। प्रशिक्षण सत्र फरवरी 2026 के तृतीय सप्ताह से शुरू किए जाएंगे।
बजट एवं अवसंरचना:
बैठक में बजट की उपलब्धता और स्वीकृत वित्तीय मानकों की समीक्षा की गई। साथ ही तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति तथा आईटी अवसंरचना की खरीद प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध, समन्वित और प्रभावी ढंग से पूरी की जाएं, ताकि यूटी चंडीगढ़ में जनगणना कार्य का सुचारू और सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।












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