मनरेगा में 100 दिन , जी राम जी में 125 दिन के रोजगार की गारंटी
ग्रामीण श्रमिकों की आय बढ़ाने का नया कानून है जी राम जी योजना : औमप्रकाश धनखड़
जी राम जी योजना को लेकर विपक्ष केवल झूठ व भ्रम फैलाकर कर रहा है गुमराह : बोले धनखड़
चंडीगढ़, 23 जनवरी : भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने बादली विधान सभा के गांव बाढसा में विकसित भारत 2047 में जी राम जी योजना के 125 दिन के रोजगार की गारंटी के तहत आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम चौपाल सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। विकसित भारत की मुहिम में इन सुधारों से श्रमिकों और किसानों को लाभ मिलेगा।धनखड़ ने नए स्वरूप विकसित भारत जी राम जी योजना पर विस्तृत जानकारी साझा करते कहा कि यह नया कानून न केवल ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ाएगा, बल्कि पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करके उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में बदलाव ग्रामीण भारत को विकसित भारत में बदलने के लिए किए गए हैं । जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, ग्रामीण आजीविका, मौसमी आपदाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता पर रखा गया है। मोदी सरकार का प्रयास है कि विकसित भारत में हर ग्रामीण की भूमिका होनी चाहिए।
भाजपा राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि सरकार ने श्रमिकों और किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा का जिक्र करते हुए कहा कि देश में सबसे अधिक दिहाड़ी हरियाणा दे रहा है, वर्तमान में जी राम जी योजना के तहत देश में सबसे अधिक मानदेय देने वाला राज्य बन गया है। रोजगार के दिन बढऩे से हरियाणा के प्रत्येक श्रमिक को सालाना लगभग 10,000 रुपये की अतिरिक्त आय होगी। नए कानून की सबसे बड़ी विशेषता पारदर्शिता और जवाबदेही है। धनखड़ ने स्पष्ट किया कि जी राम जी योजना के तहत काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर पारिश्रमिक का भुगतान नहीं होता है तो उस राशि पर ब्याज दिया जाएगा। इसके साथ ही अब योजनाओं की निगरानी पीएम गति शक्ति फ्रेमवर्क के माध्यम से होगी, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी। उन्होंने बताया कि कार्यों की जियो-टैगिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से केवल वास्तविक कामगारों को ही लाभ मिलेगा।
धनखड़ ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए अब फसल की कटाई और बुआई के समय काम का दबाव नहीं रहेगा। योजना में 60 दिनों के अवकाश का प्रावधान किया गया है, ताकि श्रमिक भाई खेती के समय अपने खेतों या अन्य किसानों के साथ काम कर अपनी अतिरिक्त आय सुनिश्चित कर सकें।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा योजना के नाम बदलने पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि महात्मा गांधी स्वयं राम भक्त थे और उनके अंतिम शब्द भी हे राम थे। इस योजना का नया स्वरूप विकसित भारत की ओर एक कदम है। विपक्ष केवल झूठ फैलाकर मजदूरों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में पैसे का बंदरबांट होता था, लेकिन अब पारदर्शिता प्रणाली और डिजिटल माध्यमों से पैसा सीधे मजदूर के खाते में पहुंच रहा है। बजट में भी 17 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है ताकि 125 दिनों के रोजगार का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है, जिसके चलते केंद्र में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है, जिनका उद्देश्य नागरिकों को लाभ पहुंचाना है। चौपाल सभा में पार्टी कार्यकर्ताविनोद भठेड़ा, तेजपाल लोहारी , जय किशन छिल्लर , बसंत सुहरा, विनोद बाढसा, संजीत बाढसा , राजेंद्र पार्षद अमित गुभाना, महावीर पेलपा, जयपाल देशवाल, अनिल शाहपुर, संदीप सरपंच बाढसा, राजे प्रधान, प्रदीप बुपनिया,अनार निमाना, जसबीर अहरी हरकेश नगला सहित ग्रामीण मौजूद रहे।













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