May 4, 2026 12:47 pm

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मनरेगा में बदलाव के विरोध में हरियाणा कांग्रेस की ज़ूम बैठक, कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जागरूकता अभियान के निर्देश

चंडीगढ़, 25 जनवरी 2026: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की मूल भावना और अधिकारों के संरक्षण को लेकर हरियाणा कांग्रेस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। इसी कड़ी में हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद की अध्यक्षता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में शनिवार को एक महत्वपूर्ण ज़ूम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सह प्रभारी प्रफुल्ल गुड्धे, जितेंद्र बघेल, कांग्रेस सांसद, विधायक, मनरेगा के जिला प्रभारी, अग्रणी संगठनों के प्रदेश व जिला अध्यक्षों सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी जुड़े।
पदयात्रा और जनसंवाद पर ज़ोर
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने सांसदों, विधायकों, जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पदयात्राओं के माध्यम से आमजन से संवाद करें और मनरेगा को लेकर जागरूकता अभियान तेज करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और ढांचे में किए गए हालिया बदलावों के खिलाफ यह अभियान जमीनी स्तर पर चलाया जाएगा।
मनरेगा ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा: राव नरेंद्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत के गरीबों, मजदूरों, छोटे किसानों और भूमिहीन श्रमिकों के लिए एक मजबूत जीवनरेखा रही है। यह योजना न केवल 100 दिन का गारंटीड रोजगार देती थी, बल्कि जल संरक्षण, सड़क निर्माण और भूमि विकास जैसे कार्यों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाती थी।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत इस ऐतिहासिक कानून को कमजोर कर इसे महज एक “स्कीम” में बदल दिया गया है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 करने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि अधिकांश मजदूरों को 50 दिन का भी काम नहीं मिल पा रहा।
पंचायतों के अधिकार छीने जाने का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मजदूरी का समय पर भुगतान नहीं हो रहा है और योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नए बदलावों में पंचायतों के अधिकार लगभग समाप्त कर दिए गए हैं और सभी निर्णय केंद्र सरकार के हाथ में सिमट गए हैं, जो ग्रामीण लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
नाम बदलने पर कड़ा ऐतराज
मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ किए जाने और इसे ‘जी राम जी’ कहकर प्रचारित करने पर भी कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। राव नरेंद्र सिंह ने इसे भ्रामक और आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना को हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है और राम जी के पवित्र नाम का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
25 फरवरी तक चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 फरवरी तक पूरे हरियाणा में गांव-गांव जाकर लोगों को मनरेगा के तहत मिलने वाले अधिकारों, न्यूनतम मजदूरी, समयबद्ध भुगतान, जॉब कार्ड और सामाजिक ऑडिट जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नए बदलावों से होने वाले नुकसान को भी जनता के सामने रखा जाएगा।
ज़ूम बैठक में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित लगभग सभी कांग्रेस सांसद, विधायक और जिला व ब्लॉक स्तर के नेता शामिल रहे। नेताओं ने सोशल मीडिया, ग्राम सभाओं और चौपालों के माध्यम से आंदोलन को और व्यापक बनाने के सुझाव भी दिए।
बैठक के अंत में राव नरेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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