June 10, 2026 10:44 am

June 10, 2026 10:44 am

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जन्मदिवस पर विशेष –

जनसेवक बनकर हर आम को खास बनाने में जुटें हैं मुख्यमंत्री नायब सैनी

लेखक अरविंद सैनी प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा हरियाणा

हरियाणा की राजनीति में ‘सादगी’ और ‘सरोकार’ के नए युग की शुरुआत हुई है, जिसका चेहरा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हैं। सत्ता के शीर्ष पर बैठकर अक्सर लोग धरातल की धूल और कार्यकर्ताओं के पसीने की गंध भूल जाते हैं, लेकिन नायब सैनी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आज हरियाणा का आम आदमी और अंतिम पंक्ति का कार्यकर्ता खुद को केवल ‘जनता’ नहीं, बल्कि ‘वीआईपी’ महसूस कर रहा है।सही मायने में नायब सिंह सैनी सत्ता का मानवीय चेहरा है।अमूमन मुख्यमंत्री का काफिला सायरन बजाते हुए निकलता है और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लेकिन नायब सैनी के मामले में तस्वीर अलग है। वे चलते काफिले को रुकवाकर सड़क किनारे खड़े बुजुर्ग का हाल चाल पूछने लगते हैं। कभी किसी ढाबे या चाय की दुकान पर रुककर आम जन के साथ बैठकर चाय की चुस्कियां लेना उनके लिए कोई ‘फोटो अवसर’ नहीं, बल्कि उनका स्वभाव है। जब एक मुख्यमंत्री भीड़ के बीच घुसकर किसी पुराने कार्यकर्ता का हाथ थाम लेता है, तो वह केवल एक हाथ नहीं थामता, बल्कि उस कार्यकर्ता के वर्षों के संघर्ष और निष्ठा को सम्मान देता है।आज के डिजिटल दौर में राजनेताओं के साथ सेल्फी लेना आम बात है, लेकिन नायब सैनी का अंदाज यहाँ भी जुदा है। कई बार देखा गया है कि जब कोई प्रशंसक नर्वस होकर सही से फोटो नहीं खींच पाता, तो मुख्यमंत्री खुद उसके हाथ से मोबाइल लेकर ‘परफेक्ट सेल्फी’ क्लिक करते हैं। यह छोटा सा व्यवहार उस आम व्यक्ति के मन में यह विश्वास जगा देता है कि मुख्यमंत्री कोई ‘अजेय किला’ नहीं, बल्कि उनके परिवार का ही एक हिस्सा हैं।मुख्य सेवक नायब सैनी  कार्यकर्ताओं को लगातार वीआईपी अहसास कराते रहते हैं। इसका सबसे जीवंत उदाहरण 13 जनवरी को देखने को मिला। भाजपा मीडिया और सोशल मीडिया कार्यशाला के समापन के बाद, मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं को लोहड़ी मनाने के लिए मुख्यमंत्री निवास (संत कबीर कुटीर) पर आमंत्रित किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ऐसे थे जिन्होंने आज तक मुख्यमंत्री आवास को केवल बाहर से या टीवी पर देखा था। उनके लिए मुख्यमंत्री आवास के भीतर कदम रखना किसी सपने के सच होने जैसा था। वहां कोई प्रोटोकॉल की दीवार नहीं थी। मुख्यमंत्री ने न केवल मेजबानी की, बल्कि लोहड़ी की आग के चारों ओर कार्यकर्ताओं के साथ खुशियां बांटीं। उन कार्यकर्ताओं के लिए यह गर्व का क्षण था जिन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे प्रदेश के मुखिया के साथ बैठकर मूंगफली और रेवड़ी खाएंगे। नायब सैनी ने यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री निवास वास्तव में जनता का है और हर कार्यकर्ता वीआईपी है।नायब सैनी की सादगी ही सबका दिल छू लेती है।नायब सैनी की यह शैली केवल लोकप्रियता के लिए नहीं है, बल्कि यह उस सांगठनिक पृष्ठभूमि की उपज है जहाँ उन्होंने खुद एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में जमीन पर काम किया है। वे जानते हैं कि एक कार्यकर्ता की असली पूंजी ‘सम्मान’ होती है। जब मुख्यमंत्री खुद भीड़ में घुसकर फोटो खिंचवाते हैं, तो वह कार्यकर्ता की ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देते हैं।हरियाणा की राजनीति में नायब सैनी ने यह सिद्ध कर दिया है कि पद से कोई बड़ा नहीं होता, बल्कि व्यक्ति अपने व्यवहार और विनम्रता से बड़ा बनता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पद के इर्द-गिर्द बुने गए ‘आभामंडल’ और ‘दहशत’ को तोड़कर उसे ‘अपनेपन’ और ‘विश्वास’ में बदल दिया है। आज हरियाणा का हर आम आदमी कह सकता है कि चंडीगढ़ में बैठा व्यक्ति उनका अपना है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 3 8 7 9 0
Total Users : 338790
Total views : 561937

शहर चुनें