राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया बोले—‘फ्यूचर रेडी चंडीगढ़ 2030’ की दिशा में बड़ा कदम
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 27 जनवरी। चंडीगढ़ में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य सचिव यूटी चंडीगढ़ एच. राजेश प्रसाद के साथ आईटी पार्क और मौली जागरां में दो अत्याधुनिक पुलिस थानों का शिलान्यास किया। ये पुलिस थाने शहर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, पुलिस महानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हूडा, वित्त सचिव दिप्रवा लकड़ा, पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, सचिव इंजीनियरिंग सुश्री प्रेरणा पुरी सहित चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ये परियोजनाएं “फ्यूचर-रेडी चंडीगढ़ 2030 एंड बियॉन्ड” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक-केंद्रित, उत्तरदायी और आधुनिक पुलिसिंग किसी भी शहर के समग्र विकास की बुनियाद होती है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि ये नए पुलिस थाने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यक्षमता को और सुदृढ़ करेंगे तथा सार्वजनिक सुरक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
राज्यपाल ने नशा-दुरुपयोग को चंडीगढ़ और पंजाब के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए इसके खिलाफ और अधिक सशक्त व नवाचारपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
परियोजनाओं के विवरण साझा करते हुए बताया गया कि आईटी पार्क पुलिस थाना 0.366 एकड़ भूमि पर लगभग 19,832 वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र के साथ करीब ₹9.81 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। वहीं मौली जागरां पुलिस थाना 0.789 एकड़ भूमि पर लगभग 41,227 वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र के साथ ₹19.51 करोड़ की लागत से विकसित होगा। मौली जागरां पुलिस थाना कुल 52 कमरों का होगा और इसमें अग्नि सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए जाएंगे।
दोनों पुलिस थानों में महिला सहायता डेस्क, पुरुष एवं महिला के लिए अलग-अलग बैरक और लॉक-अप, पूछताछ कक्ष, मालखाना, शस्त्रागार, कॉन्फ्रेंस हॉल, कैंटीन, पर्याप्त पार्किंग सुविधा और दिव्यांगजनों के लिए बाधा-मुक्त पहुंच जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके साथ ही दोनों भवनों को ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा पर विकसित किया जाएगा, जिनमें वर्षा जल संचयन प्रणाली, सौर ऊर्जा संयंत्र और सोलर लाइटिंग जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को शामिल किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि इन नए पुलिस थानों से आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी, सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा और पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ये पहल चंडीगढ़ को एक और अधिक सुरक्षित एवं भरोसेमंद शहर बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।











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