August 29, 2026 11:10 am

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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: मृतकों की गरिमा के लिए हर जिले में शव वाहन सेवा अनिवार्य

सभी उपायुक्तों को निर्देश, संपर्क नंबर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के आदेश
चंडीगढ़, 7 फरवरी 2026: हरियाणा सरकार ने मृत व्यक्तियों के सम्मानजनक और सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में शव वाहन (डेड बॉडी एंबुलेंस) सेवाओं की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस संबंध में सभी उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा का होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी परिस्थिति में मृतकों की गरिमा के साथ अंतिम यात्रा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि कई जिलों में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और विभिन्न प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के माध्यम से शव वाहन सेवाएं पहले से संचालित हो रही हैं, लेकिन इनकी जानकारी आम जनता तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पा रही है।

संपर्क नंबर सार्वजनिक करने के निर्देश
एसीएस स्वास्थ्य ने निर्देश दिए कि सभी जिलों के सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सभी चालू शव वाहनों के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं। इनमें भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, एनजीओ या अन्य विधिवत अधिकृत एजेंसियों द्वारा संचालित वाहन शामिल होंगे।
संपर्क विवरण जिला अस्पतालों, उप-विभागीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), मेडिकल कॉलेजों, मुर्दाघरों, पोस्टमार्टम केंद्रों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि जरूरत के समय लोगों को तुरंत सुविधा मिल सके।

अनुपालन को बताया प्राथमिकता
डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एंबुलेंस विशेष रूप से सुसज्जित और एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए वाहन होते हैं, जिनका उपयोग आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और मरीजों के परिवहन के लिए किया जाता है, जबकि शव वाहनों का उद्देश्य मृतकों के सम्मानजनक परिवहन को सुनिश्चित करना है।
हरियाणा सरकार के इस कदम को आम जनता के लिए संवेदनशील और मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे कठिन समय में परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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