October 14, 2026 10:39 pm

October 14, 2026 10:39 pm

पीजीटी कंप्यूटर साइंस की भर्ती पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी को किया बेनकाब

HPSC का नाम बदलकर GHPSC (गैर-हरियाणवी पब्लिक सर्विस कमीशन) कर दे बीजेपी: हुड्डा

चंडीगढ़, 07 फरवरी ।पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि नाम बदलने में माहिर बीजेपी सरकार को HPSC का नाम भी बदल देना चाहिए। इसे बदलकर GHPSC (गैर-हरियाणवी पब्लिक सर्विस कमीशन) कर देना चाहिए। क्योंकि ये संस्था जानबूझकर हरियाणा की नौकरियां अन्य राज्यों के लोगों को दे रही है और एचपीएससी के पदों को खाली रखकर हरियाणा के युवाओं को उच्च पदों से वंचित रखने की साजिश रच रही है।हुड्डा ने कहा कि एचपीएससी अब सिलेक्शन कमीशन की बजाय रिजेक्शन कमीशन बन चुका है। पिछले 11 साल से बीजेपी सरकार भर्तियों के नाम पर हरियाणा के युवाओं को ठग रही है। हरियाणा सरकार ने कृषि विभाग में एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर (ADO) के 100 पदों की भर्ती प्रक्रिया को साढ़े तीन साल बाद किया रद्द !हुड्डा ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद एचपीएससी पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती का रिजल्ट आया, लेकिन सिर्फ 39 उम्मीदवार ही पास हुए, जबकि बाकी 1672 पद खाली रह जाएंगे। इससे पहले भी अनेक भर्तियों में पदों को खाली रखा गया है। एचपीएससी दरअसल, हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की बजाय गैर-हरियाणवी पब्लिक सर्विस कमीशन बन गया है, क्योंकि ज्यादातर चयन बाहर के युवाओं का हो रहा है।उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा के युवा यूपीएससी एवं अन्य बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को पास कर लेते हैं, लेकिन एचपीएससी सोची-समझी साजिश के तहत अपनी परीक्षाओं में इन्हें अयोग्य ठहरा रहा है। सवाल है कि क्या हरियाणा के युवा इतने अक्षम हैं कि वे भर्ती पेपर में पास होने जितने अंक भी नहीं ले पाए? हरियाणा के युवा आईएएस, आईपीएस बन रहे हैं। देश के सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस हरियाणा से हैं। सब जगह हम अपने प्रदेश के गौरव में झंडे गाड़ रहे हैं, तो ऐसा क्यों है कि एचपीएससी की नजरों में वे फेल हैं?यह हैरानी की बात है कि हमारे हरियाणा के बच्चे जो कि नेट, जेआरएफ टॉपर हैं, जो यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडलिस्ट हैं और कई सालों से उच्च पदों पर नौकरियां कर रहे हैं, वे एचपीएससी के असिस्टेंट प्रोफेसर के एग्जाम में 35 प्रतिशत अंक तक नहीं ला पा रहे हैं।हुड्डा ने बीजेपी सरकार द्वारा पहले भी कई भर्तियों में ऐसा खेल करने का जिक्र किया। पिछले दिनों अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में कुल 613 पोस्ट थीं, लेकिन इंटरव्यू के लिए सिर्फ 151 लोगों को बुलाया गया। यानी जनरल, एससी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस सभी की भर्तियों को ये सरकार खा गई।इससे पहले भी विभिन्न भर्तियों में बड़े पैमाने पर पद खाली रखे गए हैं, जैसे एचसीएस Ex बीआर की भर्ती में कुल 100 पदों में से केवल 61 भरे गए और 39 खाली रह गए। इसी तरह एडीओ एग्रीकल्चर की 600 पदों की भर्ती में सिर्फ 50 पद भरे गए, जबकि 550 पद खाली रह गए। पीजीटी म्यूजिक की 80 पदों की भर्ती में केवल 25 पद भरे गए और 55 खाली रह गए।पीजीटी पोलिटिकल साइंस की 287 पदों में से 192 भरे गए और 95 खाली रह गए। लेक्चरर इलेक्ट्रिकल की 61 पदों में से 40 भरे गए और 21 खाली रह गए। लेक्चरर कंप्यूटर इंजीनियरिंग की 44 पदों में से 34 भरे गए और 10 खाली रह गए। लेक्चरर इंस्ट्रूमेंट की 17 पदों में से 8 भरे गए और 9 खाली रह गए। पीजीटी फिजिकल एजुकेशन एवं फाइन आर्ट्स की 1325 पदों की भर्ती में केवल 642 पद भरे गए, जबकि 683 पद खाली रह गए।हुड्डा ने मांग करी कि एचपीएससी चेयरमैन को तुरंत बर्खास्त कर किसी हरियाणवी को चेयरमैन नियुक्त किया जाए। साथ ही, एचपीएससी को भंग करके तमाम भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

Our Visitor

4 3 0 2 2 4
Total Users : 430224
Total views : 685908

शहर चुनें