चंडीगढ़, 9 फरवरी: नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूती देने के उद्देश्य से चंडीगढ़ नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत सोमवार को “हर घर, हर द्वार स्वच्छता की दस्तक” जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ शहर के महापौर सौरभ जोशी ने सेक्टर-15 स्थित सामुदायिक केंद्र में किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार (आईएएस), पार्षद गुरबक्स रावत, संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता, बाजार कल्याण संघों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी ने सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगी टीमें
अभियान के तहत नगर निगम की टीमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर नागरिकों से संवाद करेंगी। लोगों को स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ जीवनशैली की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए विशेष पर्चे भी वितरित किए जाएंगे।
शुभारंभ के बाद महापौर और आयुक्त ने सेक्टर-15 के घरों का दौरा कर स्वयं निवासियों से बातचीत की और कचरा पृथक्करण के दिशा-निर्देशों का पालन करने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
चार डिब्बों में कचरा अलग करने पर जोर
नागरिकों को कचरे को चार अलग-अलग डस्टबिन में अलग करने, घरेलू स्तर पर शून्य-अपशिष्ट (Zero Waste) पद्धतियां अपनाने, भोजन की बर्बादी कम करने और रसोई व सब्जी कचरे से घर पर खाद बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे न केवल डंपिंग साइट्स पर बोझ कम होगा, बल्कि परिवारों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।
बाजारों और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर विशेष फोकस
अभियान में शून्य-अपशिष्ट बाजारों और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुकानदारों और विक्रेताओं को सही अपशिष्ट प्रबंधन अपनाने और बाजार क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मेयर बोले—स्वच्छता घर से शुरू होती है
सभा को संबोधित करते हुए महापौर सौरभ जोशी ने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत घर से होती है और स्वच्छ सर्वेक्षण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कचरा पृथक्करण, घर पर खाद बनाने और डंपिंग साइट्स पर जाने वाले कचरे की मात्रा कम करने का आह्वान किया।
महापौर ने नगर निगम की ‘स्वच्छ सवारी’ पहल का भी जिक्र किया, जिसके तहत जूते, कपड़े, बर्तन, किताबें और अन्य घरेलू सामान दान कर उन्हें मरम्मत के बाद जरूरतमंदों तक वन रुपी स्टोर्स के माध्यम से पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें स्वच्छता के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को भी बढ़ावा देती हैं।
प्लास्टिक से दूरी बनाने की अपील
महापौर ने नागरिकों से एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने, प्लास्टिक कचरे का जिम्मेदारी से निपटान करने और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के उपयोग का आग्रह किया।
आयुक्त का संदेश—जन सहयोग से ही सफल होंगे अभियान
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, आईएएस ने कहा कि स्वच्छता अभियान जन सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकते। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। घर पर खाद बनाने से स्वच्छता के साथ-साथ आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी मिलते हैं।
नगर निगम का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से हर घर और हर बाजार तक पहुंचना है, ताकि यह संदेश मजबूत हो सके कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है और नागरिकों का हर छोटा प्रयास स्वच्छ, स्वस्थ और हरित चंडीगढ़ के निर्माण में योगदान देता है।











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