नई आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन ,एमसीयू और नेफिस, नागरिक सेवाओं तथा न्याय प्रणाली से डिजिटल इंटीग्रेशन में भी अव्वल
डीजीपी अजय सिंघल का विज़न: तकनीक आधारित स्मार्ट कानून व्यवस्था
चंडीगढ़,17 फरवरी। हरियाणा पुलिस ने वर्ष 2025 में सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नई मिसाल कायम की है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्रतिमाह तैयार किए जाने वाले ‘प्रगति डैशबोर्ड’ में राज्य ने लगातार 100% अंक प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। दिसंबर 2025 में भी हरियाणा पुलिस ने सभी मानकों पर पूर्ण अंक हासिल कर रिकॉर्ड कायम रखा। जून 2021 से पिछले 55 महीनों में से 41 बार प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा पुलिस तकनीक आधारित पुलिसिंग में देश का नेतृत्व कर रही है। इसके अतिरिक्त, एनसीआरबी द्वारा नई दिल्ली में आयोजित सीसीटीएनएस – आईसीजेएस की वार्षिक गुड प्रैक्टिसेज कॉन्फ्रेंस में हरियाणा पुलिस को वर्ष 2022 और 2023 में लगातार दो बार ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
डिजिटल नवाचार से पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग की ओर अग्रसर हरियाणा-पुलिस महानिदेशक
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि “सीसीटीएनएस और आईसीजीएस के प्रभावी क्रियान्वयन ने पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाया है। हमारी प्राथमिकता नागरिकों को समयबद्ध, सरल और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान करना है। 100% स्कोर केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी टीम की निरंतर मेहनत, अनुशासन और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आने वाले समय में हरियाणा पुलिस डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में और अधिक सुधार व नवाचार सुनिश्चित करेगी, ताकि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनविश्वास को भी और मजबूत किया जा सके।” हरियाणा पुलिस की ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि राज्य में स्मार्ट, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हुआ है।
हरियाणा पुलिस की तकनीकी बढ़त: एमसीयू और नेफिस में देश में अग्रणी, स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
सभी जिलों में नेफिस (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) तथा एमसीयू (मोबाइल क्राइम यूनिट) स्थापित कर दी गई हैं, जिनके माध्यम से सभी गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन तथा शारीरिक माप एकत्रित किए जा रहे हैं। इन आधुनिक प्रणालियों के माध्यम से एक सुदृढ़ एवं केंद्रीकृत डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे अपराधियों की शीघ्र पहचान संभव हो सके और अपराध की रोकथाम तथा त्वरित अन्वेषण में प्रभावी सहायता मिल सके। उल्लेखनीय है कि हरियाणा देश में एमसीयू की संख्या तथा नेफिस अपलोड के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है और इसे तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग के क्षेत्र में एक उन्नत राज्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह पहल कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में अग्रणी
एससीआरबी की पुलिस अधीक्षक नितिका गहलोत ने बताया कि हरियाणा ने निर्धारित समय सीमा के भीतर नए आपराधिक कानूनों को सफलतापूर्वक लागू किया और इस मामले में केवल असम के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया। एनआईसी द्वारा विकसित ई-साक्ष्य और ई-सम्मन पोर्टल/एप्लीकेशन को राज्य में सुचारु रूप से लागू किया गया है तथा सभी स्तरों पर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।
नागरिक सेवाओं में भी अव्वल
हरियाणा पुलिस ने नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हरियाणा पुलिस ‘हरसमय पोर्टल’ पर आरटीएस डैशबोर्ड में 10/10 अंक के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। 31 दिसंबर 2025 तक, ‘सरल’ पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग के बाद से हरियाणा पुलिस ने 78,33,268 आवेदन निर्धारित समय सीमा में निपटाकर सभी विभागों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। नागरिक सुविधाओं को और सशक्त बनाने के लिए ‘हरसमय पोर्टल’ पर “लापता व्यक्तियों का पंजीकरण” फीचर प्रारंभ किया गया है तथा सत्यापन प्रमाणपत्र सेवाओं को डिजिलॉकर से जोड़ा गया है। साथ ही, नागरिक पोर्टल पर जीआईएस आधारित पुलिस स्टेशन लोकेटर उपलब्ध कराया गया है, जिससे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना और अधिक सरल एवं पारदर्शी हुआ है।
न्याय प्रणाली से डिजिटल एकीकरण
सीसीटीएनएस का ई-कोर्ट्स और ई-प्रॉसिक्यूशन प्रणाली से सफल एकीकरण कर दिया गया है, जिससे अनुसन्धान अधिकारियों को बार-बार न्यायालय जाने की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आई है।थाना प्रभारियों के लिए बंदियों की रिहाई संबंधी अलर्ट प्रणाली विकसित की गई है, जिससे संवेदनशील व्यक्तियों की प्रभावी निगरानी संभव हो सकी है। इसके अतिरिक्त, सीसीटीएनएस में “आधार” आधारित जेनेरिक ई-साइन सुविधा लागू की गई है, जिससे एफआईआर, चालान आदि दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर संभव हुए हैं। इससे कागज की बचत के साथ-साथ अन्वेषण अधिकारियों का समय भी सुरक्षित हुआ है। हरियाणा पुलिस की ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि राज्य में स्मार्ट, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल नवाचार और सुशासन के इस मॉडल ने हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है।











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