मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी व गृह सचिव सुमिता मिश्रा संभाल रहे अतिरिक्त जिम्मेदारी
चंडीगढ़। यह भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन यह एक तथ्य है कि हरियाणा सरकार में पिछले करीब 11 महीनों से राजस्व विभाग और वित्त विभाग में नियमित अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) की तैनाती नहीं हो पाई है।
प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग, जिसे आमतौर पर राजस्व सचिव / वित्तायुक्त-राजस्व (FCR) कहा जाता है, का पद 19 फरवरी 2025 से रिक्त चल रहा है। उस दिन तत्कालीन एफसीआर अनुराग रस्तोगी को हरियाणा का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। इसके बाद से आज तक इस अहम पद पर किसी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की नियमित नियुक्ति नहीं की गई।
इसी तरह, प्रदेश के वित्त विभाग में भी फरवरी 2025 से नियमित एसीएस की तैनाती नहीं है, और इस विभाग का अतिरिक्त कार्यभार भी फिलहाल मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ही संभाल रहे हैं।
राजस्व सचिव: मुख्य सचिव के बाद दूसरा सबसे अहम पद
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के अनुसार, राज्य की नौकरशाही में मुख्य सचिव के बाद सबसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित पद वित्तायुक्त-राजस्व (FCR) का होता है। इस पद पर आमतौर पर मुख्य सचिव के समान या उससे एक बैच जूनियर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की जाती है, हालांकि कभी-कभी अपवाद भी देखने को मिले हैं।
केंद्र सरकार द्वारा प्रकाशित आईएएस सिविल लिस्ट के अनुसार हरियाणा कैडर में 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारियों में सबसे ऊपर सुधीर राजपाल हैं, जो वर्तमान में स्वास्थ्य, आयुष, चिकित्सा शिक्षा एवं वन विभाग के एसीएस हैं।
उनके बाद डॉ. सुमिता मिश्रा, जो गृह, न्याय-प्रशासन एवं जेल विभाग की एसीएस हैं।
इसके बाद 1990 बैच में अनुराग रस्तोगी आते हैं, जो फिलहाल राज्य के मुख्य सचिव हैं और उन्हें जून 2025 में सेवा विस्तार भी मिला था।
इसके पश्चात राजा शेखर वुन्दरू हैं, जो मत्स्य पालन और परिवहन विभाग के एसीएस के रूप में कार्यरत हैं।
लिंक ऑफिसर व्यवस्था से चल रहा काम
हेमंत कुमार ने बताया कि नियमित तैनाती न होने के बावजूद राजस्व विभाग का काम पूरी तरह ठप नहीं है। हरियाणा सरकार के सर्कुलर के अनुसार, यदि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रशासनिक सचिव का पद रिक्त होता है, तो
गृह विभाग का प्रशासनिक सचिव प्रथम लिंक ऑफिसर
वित्त विभाग का प्रशासनिक सचिव द्वितीय लिंक ऑफिसर
होता है।
इसी व्यवस्था के तहत 20 फरवरी 2025 से गृह विभाग की एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग की लिंक ऑफिसर बनाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लिंक ऑफिसर की व्यवस्था अस्थायी होती है, इसे लंबे समय तक चलाना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
जनगणना-2027 के मद्देनज़र नियमित तैनाती जरूरी
हेमंत कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि भले ही किसी विभाग में किस वरिष्ठ अधिकारी को तैनात करना मुख्यमंत्री का विवेकाधिकार है, लेकिन यह तथ्य अहम है कि देश की आगामी जनगणना (Census-2027) का कार्य प्रारंभ हो चुका है, और हरियाणा में यह विषय राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधीन आता है।
ऐसे में प्रशासनिक दक्षता और समयबद्ध निर्णयों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक हो जाता है कि
राजस्व विभाग में नियमित एसीएस/एफसीआर,
और वित्त विभाग में नियमित एसीएस
की शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि आने वाले बड़े प्रशासनिक दायित्वों को सुचारु रूप से निभाया जा सके।












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