नई दिल्ली: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच सर्राफा बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है, जिसका सीधा फायदा सोने को मिला। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) यानी MCX पर सोने की कीमतों में ₹1,315 की बड़ी तेजी दर्ज की गई और यह ₹1,56,134 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 5,046.95 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया, जो अपने आप में ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
ट्रंप की चेतावनी से बाजार में हड़कंप
तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का ईरान को दिया गया कड़ा अल्टीमेटम माना जा रहा है। ट्रंप ने तेहरान से 10 दिनों के भीतर परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने को कहा है, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है और निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में चुना है। विशेषज्ञ इसे “जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम” का असर बता रहे हैं, जो कीमतों को ऊपर धकेल रहा है।
रिकॉर्ड कारोबार और आंकड़े
MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.85% की मजबूती के साथ ₹1,56,134 पर ट्रेड करता दिखा।
कुल 7,355 लॉट का भारी कारोबार दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1% की तेजी के साथ 5,046.95 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह तेजी केवल आर्थिक कारकों का परिणाम नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता का सीधा प्रभाव है।
विशेषज्ञों की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी. के अनुसार,
“अमेरिका-ईरान तनाव ने सुरक्षित निवेश की मांग को चरम पर पहुंचा दिया है। हालांकि डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें कीमतों की तेजी पर अस्थायी लगाम लगा सकती हैं, लेकिन युद्ध का खतरा बना रहा तो सोना और ऊंचाई छू सकता है।”
ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी का कहना है कि मध्य-पूर्व के अलावा रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में रुकावट और क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य गतिविधियां भी वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं।
शादी सीजन में बढ़ी चिंता
सोने की कीमतों में आई इस ऐतिहासिक तेजी का सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ रहा है। शादी-ब्याह के सीजन में गहनों की खरीदारी करने वाले लोगों के लिए यह रिकॉर्ड स्तर बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक सोने में तेजी बनी रह सकती है। हालांकि मौजूदा ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़े तो सोना नए रिकॉर्ड स्तर भी छू सकता है। वहीं यदि कूटनीतिक समाधान निकलता है, तो कीमतों में कुछ नरमी भी आ सकती है।













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