October 11, 2026 7:15 am

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हिमाचल में वाहनों की एंट्री फीस में बड़ा बदलाव, निजी कार से लेकर कमर्शियल बस तक बढ़ी दरें

शिमला। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगने वाली एंट्री फीस में सरकार ने संशोधन किया है। नई दरों के अनुसार अधिकांश श्रेणियों में शुल्क बढ़ाया गया है, जबकि कुछ श्रेणियों में मामूली वृद्धि या कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह फैसला पर्यटन सीजन से ठीक पहले लागू किया गया है, जिससे निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहन मालिकों पर असर पड़ेगा।
किन-किन वाहनों पर कितनी बढ़ी फीस?
सरकार द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार:
प्राइवेट कार / जीप / वैन / हल्के मोटर वाहन
पहले 70 रुपये एंट्री फीस थी, जिसे बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है। यानी सीधे 100 रुपये की बढ़ोतरी।

12+1 सीटर पैसेंजर वाहन
पुरानी फीस 110 रुपये थी, जो अब 130 रुपये कर दी गई है। इसमें 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

मिनी बस (32 सीटर)
पहले 180 रुपये देने पड़ते थे, अब 320 रुपये शुल्क देना होगा। यानी 140 रुपये की वृद्धि।

कमर्शियल बस
एंट्री फीस 320 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई है। यह 280 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी है।
निर्माण कार्य की मशीनरी
570 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। यानी 230 रुपये अधिक।

बड़े मालवाहक वाहन
पहले 720 रुपये फीस थी, अब 900 रुपये देनी होगी। 180 रुपये की वृद्धि।
ट्रैक्टर
70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिए गए हैं। 30 रुपये की बढ़ोतरी।

डबल एक्सल बस/ट्रक
इस श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले की तरह 570 रुपये ही एंट्री फीस रहेगी।
सरकार का तर्क: सड़क रखरखाव और इंफ्रास्ट्रक्चर
सूत्रों के अनुसार, सरकार का कहना है कि बाहरी वाहनों की बढ़ती संख्या से सड़कों पर दबाव बढ़ रहा है। खासकर पर्यटन सीजन में ट्रैफिक लोड कई गुना बढ़ जाता है, जिससे सड़क रखरखाव, ट्रैफिक प्रबंधन और सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त खर्च आता है। एंट्री फीस में वृद्धि से प्राप्त राजस्व का उपयोग सड़क सुधार, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने में किया जाएगा।

पर्यटन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
निजी कार चालकों के लिए 100 रुपये की बढ़ोतरी सीधे जेब पर असर डालेगी। वहीं कमर्शियल बसों और मालवाहक वाहनों के लिए बढ़ी हुई फीस का असर किरायों और मालभाड़े पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि पहले से ही डीजल की कीमतें और अन्य परिचालन लागत अधिक हैं, ऐसे में एंट्री फीस में वृद्धि से लागत और बढ़ेगी।
टूर ऑपरेटरों का मानना है कि अगर फीस में बढ़ोतरी का असर पैकेज कीमतों पर डाला गया, तो पर्यटन पर हल्का प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर 100–200 रुपये की अतिरिक्त फीस से पर्यटकों की संख्या पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम है।

किन पर सबसे ज्यादा असर?
सबसे अधिक वृद्धि कमर्शियल बसों (280 रुपये) पर हुई है।
मिनी बसों और निर्माण मशीनरी पर भी 140–230 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
निजी वाहनों पर 100 रुपये की सीधी बढ़ोतरी आम लोगों को प्रभावित करेगी।
आगे क्या?
नई दरें लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में टोल नाकों और चेक पोस्टों पर शुल्क वसूली की नई व्यवस्था को लेकर सख्ती देखी जा सकती है। परिवहन विभाग द्वारा संबंधित एजेंसियों को दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।
राज्य सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई एंट्री फीस से अतिरिक्त राजस्व जुटेगा, जिससे पर्यटन स्थलों और सड़कों की बेहतर देखभाल संभव हो सकेगी। अब देखना यह होगा कि इस फैसले पर ट्रांसपोर्ट यूनियनों और पर्यटक संगठनों की प्रतिक्रिया क्या रहती है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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