April 5, 2026 10:41 pm

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हरियाणा के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मिलेगा आईआईटी स्तर का मार्गदर्शन: महीपाल ढांडा

आईआईटी रुड़की के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

चंडीगढ़, 20 फरवरी — हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (आईआईटी रुड़की) के साथ 20 फरवरी, 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन राज्य के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि यह समझौता राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी एवं बहुतकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान एकीकरण, संकाय विकास और नवाचार आधारित शिक्षण को नई गति प्रदान करेगा। इस समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक, डीन (प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) तथा हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से श्री प्रभजोत सिंह महानिदेशक तकनीकी शिक्षा, हरियाणा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त आईआईटी रुड़की इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी एवं उन्नत अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक ख्याति रखता है। इस सहयोग से हरियाणा के राज्य इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों (एसआईईटीएस) राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों तथा तकनीकी विश्वविद्यालयों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह समझौता आईआईटी रुड़की और तकनीकी शिक्षा विभाग के बीच एक सशक्त शैक्षणिक सेतु स्थापित करेगा, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता एवं संसाधनों का लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने बताया कि समझौता ज्ञापन की प्रमुख विशेषताओं में संकाय विकास एवं क्षमता निर्माण के अंतर्गत संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और संरचित ज्ञान-साझाकरण पहलें शामिल हैं। छात्र प्रशिक्षण एवं परियोजना-आधारित शिक्षण के तहत संस्थागत नियमों के अनुरूप आईआईटी रुड़की में प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त संयुक्त अनुसंधान, संकाय विनिमय और शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग के माध्यम से अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हैकाथॉन, इन्क्यूबेशन कार्यक्रम, स्टार्ट-अप मार्गदर्शन तथा प्रौद्योगिकी आधारित पहलों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि संकाय को भी आधुनिक अनुसंधान, उद्योगोन्मुखी दृष्टिकोण और नवीन शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाना है। यह समझौता प्रदेश में एक गतिशील, नवाचार-केंद्रित और उद्योग-संबद्ध शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र की नींव रखेगा।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा विनीत गर्ग के मार्गदर्शन तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करेगी।

यह समझौता गैर-वित्तीय एवं गैर-बाध्यकारी प्रकृति का है तथा पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जो भविष्य में परियोजना-विशिष्ट सहयोग के लिए एक संरचित एवं लचीला ढांचा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर डॉ. वाई.पी.एस. बरवाल, निदेशक तकनीकी शिक्षा, अनिल कुमार, अतिरिक्त निदेशक प्रो. अमित अग्रवाल, एसोसिएट डीन कॉर्पोरेट इंटरैक्शन (एडीसीआई) आईआईटी रुड़की सहित तकनीकी शिक्षा निदेशालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: BabuGiri Hindi

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