April 6, 2026 12:32 pm

April 6, 2026 12:32 pm

भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई: एएसआई रिश्वत लेते गिरफ्तार, दो लाईनमैन को 4-4 वर्ष की सजा

चंडीगढ़, 20 फरवरी| राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया तथा दो मामलों में न्यायालय द्वारा दोषियों को सजा सुनाई गई है।पहला मामला (एएसआई विजय पाल गिरफ्तारी):राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक ने आरोपी एएसआई विजय पाल नं. 129/सोनीपत (उम्र 44 वर्ष), पुलिस चौकी सैदपुर, थाना खरखौदा, जिला सोनीपत को 5,000/- रुपये रिश्वत लेते हुए पुलिस चौकी सैदपुर से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।शिकायतकर्ता रविन्द्र कुमार निवासी खांडा, जिला सोनीपत ने शिकायत दी थी कि एक सड़क दुर्घटना मामले (मुकदमा नं. 740 दिनांक 02.12.2025, थाना खरखौदा) में जांच अधिकारी के रूप में कार्यरत एएसआई विजय पाल ने उसके जीजा जयबीर से फाइल खर्च व वाहन सुपरदारी के नाम पर कुल 13,000/- रुपये की मांग की थी। आरोपी पहले 5,000/- रुपये ले चुका था तथा शेष राशि देने का दबाव बना रहा था। शिकायत पर अभियोग संख्या 35 दिनांक 24.12.2025 धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक में मामला दर्ज किया गया। निरीक्षक सचिव कुमार के नेतृत्व में गठित रेडिंग पार्टी ने आरोपी को 5,000/- रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।दूसरा मामला (अतर सिंह लाईनमैन को सजा):दिनांक 19.02.2026 को माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत द्वारा आरोपी अतर सिंह, लाईनमैन, बिजली विभाग सोनीपत को धारा 7 व 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 4 वर्ष के कारावास व 10,000/- रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।मामले में शिकायतकर्ता ने 29.08.2022 को शिकायत दी थी कि बिजली मीटर लगाने के एवज में आरोपी ने 7,000/- रुपये की रिश्वत मांगी थी। ब्यूरो ने अभियोग संख्या 17 दिनांक 29.08.2022 दर्ज कर आरोपी को 6,500/- रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच पूर्ण होने पर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को दोषी ठहराया गया।तीसरा मामला (सुमेर सिंह लाईनमैन को सजा):इसी दिन माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत द्वारा आरोपी सुमेर सिंह, लाईनमैन, बिजली विभाग मुरथल, जिला सोनीपत को भी धारा 7 व 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 4 वर्ष के कारावास व 10,000/- रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई| शिकायतकर्ता ने 22.07.2022 को शिकायत दी थी कि सोसाइटी के बिजली बिल में संशोधन करने के बदले आरोपी ने 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जो बाद में 18 लाख रुपये में तय हुई। अग्रिम राशि के रूप में रिश्वत लेते समय आरोपी को अभियोग संख्या 13 दिनांक 22.07.2022 के तहत 50,000/- रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। अनुसंधान पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया।निदेशक का वक्तव्य:श्री ए एस चावला, भा.पु.से., निदेशक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। भ्रष्टाचारी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 तथा 1064 पर दें।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 4 9 0
Total Users : 291490
Total views : 493855

शहर चुनें