आज विक्रम संवत 2082 के अंतर्गत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि भगवान भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। चतुर्थी तिथि रणनीतिक योजना, विरोधियों पर विजय की तैयारी और बुद्धि से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त है, किंतु रिक्ता तिथि होने के कारण मांगलिक एवं शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए।
21 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल पक्ष
दिन : शनिवार
तिथि : शुक्ल पक्ष चतुर्थी
योग : शुभ
नक्षत्र : रेवती
करण : विष्टि
चंद्र राशि : मीन
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : प्रातः 06:55 बजे
सूर्यास्त : सायं 06:15 बजे
चंद्रोदय : प्रातः 08:56 बजे
चंद्रास्त : रात्रि 10:16 बजे
राहुकाल : 09:45 से 11:10 बजे तक
यमगंड : 14:00 से 15:25 बजे तक
आज का नक्षत्र: व्यापार एवं योजना के लिए अनुकूल
आज चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेंगे और रेवती नक्षत्र में गोचर करेंगे। रेवती नक्षत्र 16°40’ से 30°00’ मीन राशि तक विस्तृत है। इसके स्वामी ग्रह बुध तथा अधिदेवता पूषा हैं।
यह नक्षत्र कोमल एवं सौम्य स्वभाव का माना जाता है। आध्यात्मिक उन्नति, नई व्यापारिक योजनाओं की रूपरेखा, यात्रा की तैयारी और रणनीतिक निर्णय लेने के लिए यह समय अनुकूल है।
आज का वर्जित समय
राहुकाल : 09:45 से 11:10 बजे तक
यमगंड : 14:00 से 15:25 बजे तक
इन समयावधियों में किसी भी प्रकार का शुभ या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए। साथ ही गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम में भी सावधानी बरतना उचित रहेगा।
विशेष संकेत:
आज गणेश जी की पूजा, दुर्वा अर्पण और बुद्धि-विवेक से जुड़े कार्य करने से लाभ की संभावना है। शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए पंचांग विचार अवश्य करें।











Total Users : 291335
Total views : 493631