चंडीगढ़, 23 फरवरी 2026 (सोमवार): आज फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि है, जिसे धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। इस तिथि के अधिष्ठाता देव Murugan (कार्तिकेय) माने जाते हैं। मान्यता है कि आज के दिन जमीन-जायदाद या नए गहनों की खरीद शुभ फलदायी होती है। साथ ही आज मासिक कार्तिगई का भी संयोग है, जिससे दिन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है।
23 फरवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: षष्ठी
दिन: सोमवार
योग: ब्रह्म
नक्षत्र: भरणी
करण: तैतिल
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 06:53 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:16 बजे
चंद्रोदय: सुबह 10:11 बजे
चंद्रास्त: देर रात 12:31 बजे (24 फरवरी)
शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं भरणी नक्षत्र
आज चंद्रमा मेष राशि में भ्रमण करते हुए भरणी नक्षत्र में स्थित रहेंगे। भरणी नक्षत्र के देवता यम और स्वामी ग्रह शुक्र हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह नक्षत्र उग्र और क्रूर स्वभाव का माना जाता है।
इस नक्षत्र में निम्न कार्य करना उपयुक्त माना गया है:
कृषि संबंधी कार्य
कुआं खुदवाना
औषधि निर्माण
अग्नि से संबंधित कार्य
हथियार या प्रतियोगिता से जुड़े कार्य
पेड़ काटना
हालांकि, इस नक्षत्र में शुभ मांगलिक कार्य, विवाह, गृह प्रवेश या किसी को धन उधार देना अशुभ माना जाता है।
आज का वर्जित समय
राहुकाल: सुबह 08:18 से 09:44 बजे तक
यमगंड: सुबह 11:09 से 12:34 बजे तक
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल और यमगंड के दौरान किसी भी शुभ कार्य से परहेज करना चाहिए। साथ ही गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम में भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक आस्था रखने वाले श्रद्धालु आज भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना कर विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं











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