चंडीगढ़ प्रशासन ने पारदर्शी व शांतिपूर्ण चुनाव का दिया आश्वास
चंडीगढ़। 29 जनवरी 2026 को होने वाले नगर निगम, चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। उपायुक्त, यू.टी. चंडीगढ़, जो कि आगामी मेयर चुनाव के लिए निर्धारित प्राधिकारी (Prescribed Authority) भी हैं, ने आज नगर निगम कार्यालय का दौरा कर चुनाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और प्रक्रियात्मक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
दौरे के दौरान उपायुक्त ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर तथा डिप्टी मेयर पदों के चुनाव संचालन को लेकर एक व्यापक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में नगर निगम चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उपायुक्त को चुनाव के सुचारु, विधिसम्मत एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए की जा रही प्रशासनिक, प्रक्रियात्मक, लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि यू.टी. चंडीगढ़ में लागू पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अधिनियम, 1976 तथा चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (प्रक्रिया एवं कार्य संचालन) विनियम, 1996 के तहत मेयर चुनाव “हाथ उठाकर मतदान (Show of Hands)” की प्रक्रिया से संपन्न कराया जाएगा। मतदान प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और विवाद-रहित बनाने के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को अंतिम रूप दिया गया है।
इस SOP में मतदान से पूर्व की तैयारी, मतदान का क्रम, हाथ उठाने की प्रक्रिया, मतों की गणना, सत्यापन, अभिलेखीकरण और परिणामों की घोषणा से संबंधित सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। SOP के अनुसार, किसी विकल्प का नाम पुकारे जाने पर पार्षद स्पष्ट रूप से हाथ उठाएंगे। मतों की गणना दृश्य सत्यापन और मौखिक पुष्टि के माध्यम से की जाएगी, जबकि मत रजिस्टर और बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) में समुचित रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अस्पष्टता या विवाद की संभावना न रहे।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पूरी चुनावी कार्यवाही की निरंतर और बिना संपादन के वीडियोग्राफी कराई जाएगी। वीडियो रिकॉर्ड को कम से कम 90 दिनों तक या सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार सुरक्षित रखा जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, निर्धारित सीमा के भीतर मीडिया कवरेज और लाइव फीड की भी अनुमति दी जाएगी।
पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अधिनियम, 1976 की धारा 60(क) के तहत डॉ. रमनीक सिंह बेदी, पार्षद, जो मेयर चुनाव के प्रत्याशी नहीं हैं, को 29 जनवरी 2026 को होने वाली बैठक के लिए पीठासीन प्राधिकारी (Presiding Authority) नामित किया गया है। वे बैठक का संचालन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी चुनावी प्रक्रिया कानून, निर्धारित नियमों और स्वीकृत SOP के अनुरूप ही संपन्न हो।
सुरक्षा एवं उपस्थिति व्यवस्था को लेकर यह भी स्पष्ट किया गया कि चुनाव बैठक में भाग लेने वाले पार्षद अपने साथ अन्य राज्यों से समर्थक या निजी सुरक्षा कर्मी नहीं लाएंगे। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही नगर निगम परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। चंडीगढ़ पुलिस को चुनाव से पहले, दौरान और बाद में शांति, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नामांकन प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने दोहराया कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया और समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा, जो कि म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (चुनाव) विनियम, 1996 के अनुसार होगी। नामांकन से जुड़ी विशिष्ट तिथियों की अधिसूचना सक्षम प्राधिकारी द्वारा शीघ्र जारी की जाएगी।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी प्रक्रियाओं का अक्षरशः और भावना के अनुरूप पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और अपने दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
चंडीगढ़ प्रशासन की लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि मेयर चुनाव को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, विधिसम्मत और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।













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