भिवानी: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित 10वीं कक्षा का गणित प्रश्न पत्र गुरुवार को लीक हो गया। मामले के सामने आते ही जिला प्रशासन और बोर्ड ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोषी छात्रों, परीक्षा केंद्र स्टाफ और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कदम उठाए हैं।
रानीला स्कूल केंद्र की संलिप्तता, 7 लोगों पर केस
बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि जांच में बौंद ब्लॉक के रानीला स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र की संलिप्तता सामने आई है। इस मामले में कुल 7 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एफआईआर में मुख्य केंद्राधीक्षक, केंद्राधीक्षक, उपकेंद्राधीक्षक, दो कक्ष निरीक्षक (वीक्षक) और मोबाइल फोन के जरिए पेपर लीक करने में शामिल दो छात्र शामिल हैं।
इसके अलावा बोर्ड ने परीक्षा केंद्र के पूरे स्टाफ को आगामी सभी परीक्षाओं के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, एसएचओ-एसपीओ को नोटिस
एसपी चरखी दादरी की ओर से परीक्षा केंद्र के गेट पर छात्रों की जांच में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों—हेड कांस्टेबल नरेश और ईएचसी जयकिशन—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही बौंद कलां थाना प्रभारी (एसएचओ) और संबंधित एसपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल होने से हुआ खुलासा
चेयरमैन के अनुसार परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ग्राउंड स्टाफ की तैनाती की गई थी। दोपहर 1 बजकर 56 मिनट पर सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने की सूचना ग्राउंड स्टाफ को मिली।
उन्होंने तुरंत बोर्ड चेयरमैन और कंट्रोल रूम को सूचित किया। इसके बाद अधिकारियों ने प्रश्न पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड और अल्फा न्यूमरिक कोड के आधार पर संबंधित परीक्षा केंद्र और परीक्षार्थियों की पहचान कर ली।
क्यूआर और अल्फा न्यूमरिक कोड से पकड़े गए छात्र
डॉ. पवन कुमार ने बताया कि कोड की जांच में पता चला कि लीक हुआ पेपर चरखी दादरी जिले के बौंद ब्लॉक स्थित रानीला स्कूल के ब्लॉक नंबर-2 के कमरा नंबर 2 और 3 में बैठे छात्रों से संबंधित था।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि छात्रों ने मोबाइल फोन के जरिए प्रश्न पत्र की तस्वीर लेकर उसे बाहर साझा किया। अब यह पता लगाया जा रहा है कि पेपर किन-किन मोबाइल यूजर्स और ग्रुप्स तक पहुंचा।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मोबाइल फोन परीक्षा केंद्र के अंदर कैसे पहुंचा और किन अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही रही।
साइबर क्राइम टीम को सौंपी गई जांच
बोर्ड चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि नकल और पेपर लीक को लेकर बोर्ड की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। पूरे परीक्षा केंद्र को शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर क्राइम टीम को सौंप दी गई है, ताकि डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से यह पता लगाया जा सके कि प्रश्न पत्र किन-किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ग्रुप्स में साझा किया गया।
बोर्ड ने भविष्य में प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल निगरानी को और सख्त करने के संकेत दिए हैं।










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