April 6, 2026 1:30 pm

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जनगणना-2027 के डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च, ‘प्रगति’ और ‘विकास’ बने शुभंकर

नई दिल्ली। Amit Shah ने नई दिल्ली में Census of India 2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च किया और जनगणना-2027 के शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह सचिव, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्र सरकार ने 16 जून 2025 को राजपत्र में जनगणना-2027 की अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हुई। दो चरणों में होने वाली यह जनगणना दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगी। पहली बार यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी और नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा।

16 भाषाओं में उपलब्ध होगी स्व-गणना सुविधा
स्व-गणना एक सुरक्षित वेब आधारित सुविधा होगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर-घर सर्वेक्षण से पहले अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा 16 भाषाओं में उपलब्ध रहेगी। सफल पंजीकरण के बाद उत्तरदाता को एक विशिष्ट Self-Enumeration ID (SE ID) जारी की जाएगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा कर जानकारी की पुष्टि की जा सकेगी।

प्रगति’ और ‘विकास’ देंगे जनजागरूकता का संदेश
जनगणना-2027 के शुभंकर प्रगति (महिला प्रगणक) और विकास (पुरुष प्रगणक) को मैत्रीपूर्ण और सहज प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। ये शुभंकर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी का प्रतीक हैं। इनके माध्यम से जनगणना से जुड़ी जानकारी, उद्देश्य और संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाए जाएंगे।

जनगणना के लिए चार डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार
जनगणना-2027 भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें तकनीकी उपकरणों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके लिए चार प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं—
हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब एप्लिकेशन – यह वेब-मैप आधारित एप्लिकेशन है, जिसकी मदद से अधिकारी उपग्रह चित्रों के आधार पर मकान सूचीकरण ब्लॉक तैयार कर सकेंगे, जिससे पूरे देश में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होगा।
HLO मोबाइल एप्लिकेशन – यह सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल ऐप है, जिसके माध्यम से प्रगणक मकान सूचीकरण से संबंधित डेटा एकत्र कर सीधे सर्वर पर अपलोड कर सकेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा और 16 भाषाओं में संचालित किया जा सकेगा।
स्व-गणना (SE) पोर्टल – इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक घर-घर सर्वेक्षण से पहले स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल – यह केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जिसके माध्यम से जनगणना से जुड़ी गतिविधियों की योजना, प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी की जाएगी। राज्य, जिला और तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय में प्रगति का अवलोकन कर सकेंगे।

दो चरणों में होगी जनगणना
जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
पहला चरण – गृह सूचीकरण एवं आवास जनगणना (HLO)
इस चरण में घरों की स्थिति और घरेलू सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए अधिसूचना 7 जनवरी 2026 को जारी की गई थी। मकान सूचीकरण और आवास गणना 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अधिसूचित 30 दिनों की अवधि में कराई जाएगी। घर-घर सर्वेक्षण से पहले 15 दिनों की वैकल्पिक स्व-गणना अवधि भी होगी।


दूसरा चरण – जनसंख्या गणना (PE)
देशभर में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में की जाएगी। जबकि Ladakh तथा Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh और Uttarakhand के हिमाच्छादित क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में पूरी की जाएगी। इस चरण में जाति से संबंधित प्रश्न भी शामिल किया जाएगा।
जनगणना-2027 की संदर्भ तिथि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है, जबकि लद्दाख और हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि होगी।

30 लाख से अधिक अधिकारी होंगे शामिल
जनगणना-2027 के दौरान देशभर में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी घर-घर जाकर सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। सरकार का मानना है कि तकनीक के उपयोग और नवाचार के साथ यह जनगणना अधिक सटीक, सुरक्षित और व्यापक होगी, जिससे देश की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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