August 28, 2026 10:14 am

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मोहाली में विकसित होगी हाईटेक एक्सपो सिटी, बनेगा देश का पहला AI टावर

मोहाली: पंजाब में औद्योगिक और तकनीकी गतिविधियों को नई दिशा देने के लिए मोहाली में एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। चार गांवों की 182.88 एकड़ जमीन पर विकसित होने जा रही इस हाईटेक एक्सपो सिटी का उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना, उद्योगों को तकनीकी सहयोग देना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।
देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टावर
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टावर होगा। इस टावर में करीब 300 कंपनियों के लिए आधुनिक ऑफिस स्पेस उपलब्ध होंगे। इस तरह यह तकनीकी और औद्योगिक नवाचार के केंद्र के रूप में काम करेगा।

अत्याधुनिक सुविधाएं
एक्सपो सिटी में व्यापार और तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण होगा:
5000 सीटों वाला कन्वेंशन सेंटर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन और प्रदर्शनियों की मेजबानी करेगा।
300 कमरों वाला आधुनिक होटल आगंतुकों और प्रतिभागियों के लिए सुविधा प्रदान करेगा।
दिल्ली के प्रसिद्ध प्रगति मैदान की तर्ज पर पूरे परिसर का डिजाइन तैयार किया जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर औद्योगिक और व्यापारिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें।

निवेश और रोजगार के अवसर
गमाडा और राज्य सरकार का अनुमान है कि एक्सपो सिटी बनने से मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को नई दिशा मिलेगी और पंजाब को टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

अधिसूचना और जमीन का विवरण
पंजाब सरकार के हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के अधीन ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित जमीन का विवरण जारी किया है। एक्सपो सिटी के लिए चार गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी:
गांव
जमीन क्षेत्र (एकड़)
सफीपुर
34.03
लंडियाली
6.95
धर्मगढ़
68.06
रुड़का
76.84
कुल
182.88

एसआईए प्रक्रिया और कानूनी ढांचा
अधिसूचना में कहा गया है कि यह परियोजना नियोजित विकास से संबंधित है और धारा 2(1)(ई) के अंतर्गत आती है। इसलिए धारा 2(2) के तहत ग्राम सभा या भूमि मालिकों की सहमति आवश्यक नहीं होगी। सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) प्रक्रिया अधिसूचना की तिथि से छह माह के भीतर पूरी की जाएगी।
इस प्रक्रिया के दौरान सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट और सामाजिक प्रभाव प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी और अधिनियम की धारा-6 के अनुसार इसका सार्वजनिक प्रकटीकरण किया जाएगा।
सभी अधिग्रहण कार्य राइट टू फेयर कम्पनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट 2013 के तहत किए जाएंगे, ताकि भूमि मालिकों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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