August 5, 2026 8:29 am

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हरियाणा के नगर निकायों में महिला आरक्षण 33% से बढ़ाकर 50% करने की  अपील 

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष

 गुजरात सहित देश के सभी भाजपा शासित राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों  दोनों   में 50% महिला आरक्षण — हेमंत

चंडीगढ़ –   प्रतिवर्ष 8 मार्च का दिन  विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (इंटरनेशनल विमेंस डे) के रूप में मनाया जाता  है. इस दिन  देश में  कई स्थानों पर विशेष समारोह आयोजित किये जाते है और महिला अधिकारों की रक्षा और उनके उत्थान एवं सशक्तिकरण  के लिए  नेताओं और अधिकारियों आदि  द्वारा बड़े बड़े दावे और वादे किये जाते है.

बहरहाल,  पंजाब एवं हरियाणा  हाई कोर्ट एडवोकेट और कानूनी विश्लेषक  हेमंत कुमार (9416887788)  ने बताया कि  इस वर्ष 2026 में  महिला दिवस पर संयुक्त राष्ट्र (यू.एन.) का थीम है– राइट्स, जस्टिस एंड  एक्शन- फॉर आल वीमेन एंड गर्ल्स – जो दुनिया भर में महिलाओं के लिए कानूनी समानता, न्याय और सशक्तिकरण के लिए तत्काल कार्रवाई पर जोर देती है.

 

हेमंत का मानना है कि  कड़वी सच्चाई  यह है कि भारत में महिलाओ की दशा बीते कुछ वर्षो में दयनीय से शोचनीय होती जा रही है. विगत  समय में  महिलाओं  के  विरुद्ध अपराधो में, ख़ास तौर पर यौन एवं लैंगिक अपराधो में, बेतहाशा वृद्धि हुई  है. हालांकि इस सम्बन्ध में  संसद एवं राज्यों की विधानसभाओ द्वारा सम्बंधित कानूनों को  और कड़ा कर ऐसे अपराधों के दंड/सजा को  सख्त  किया गया है, परन्तु इसका  जमीनी स्तर पर कोई ठोस असर नहीं हुआ  है. विडम्बना यह है कि आज की महिला न ऑनलाइन न ऑफलाइन,  न कार्यालय और  शिक्षण संस्थाओ, न बाहर  खुली सड़क पर और न ही घर की चारदीवारी  के भीतर  आदि कहीं भी पूर्णतया सुरक्षित नहीं है.

 

उन्होंने आगे  बताया कि  महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए उनमे सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ ही राजनीतिक जागरूकता भी लानी होगी जिसके लिए उनको राजनीतिक आरक्षण देना बनता  है हालांकि इसके साथ साथ महिलाओं  शासन-विधि में पर्याप्त प्रशिक्षण देना भी अत्यंत आवश्यक है ताकि वह अपने पति या अन्य पर निर्भरता के बिना एवं  उनके  अनावश्यक दखल के बगैर  स्वयं अपने बल-बूते पर उस पद का निर्वहन कर सके  जिस पर उनका निर्वाचन हुआ है.

जहाँ तक संसद और विधानसभाओ में एक-तिहाई महिला आरक्षण का विषय  है, तो देश की स्वतंत्रता के 76 वर्ष  बाद अढ़ाई वर्ष पूर्व सितम्बर, 2023 में मोदी सरकार द्वारा संसद मार्फ़त महिला आरक्षण विधेयक पारित कराया गया जिसे हालांकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम‌ का नाम दिया गया  हालांकि  वास्तव में यह  संविधान ( 106 वां संशोधन) कानून, 2023 के नाम से अधिनियमित हुआ है.  हालांकि धरातल पर उक्त महिला आरक्षण कानून लागू होने में अर्थात लोकसभा और प्रदेश विधानसभा में एक तिहाई अर्थात 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित‌  होने में कुछ वर्षों का समय लगेगा क्योंकि उपरोक्त कानून के प्रावधान अनुसार इसके लागू होने के बाद की गई पहली जनगणना के प्रासंगिक आंकड़े आने के बाद किए जाने वाले सीटों के परिसीमन के बाद ही इसका क्रियान्वयन हो सकेगा.

 

हेमंत ने आगे   बताया कि आज तक  भारतीय समाज में  पारम्परिक पुरुष-प्रधान मानसिकता ही विद्यमान  है.  हालांकि जहाँ तक राज्यों में स्थापित नगर निकाय (नगर निगम/परिषद/पालिका) और पंचायती राज संस्थाओं में महिला आरक्षण को  मौजूदा 33 %  से बढ़ाकर 50 % करने का विषय है, जो वर्तमान संवैधानिक प्रावधानों में ऐसा करना संभव है, तो  पिछले कुछ वर्षो में देश के  डेढ़ दर्जन से ऊपर राज्यों, खासकर जहाँ जहाँ भाजपा की प्रदेश  सरकारें रहीं, वहां  ऐसा किया जा चुका है जिनमें गुजरात भी शामिल हैं जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए ऐसी 50% महिला आरक्षण व्यवस्था लागू करवाई थी.   यहाँ तक कि वर्ष 2017 में पडोसी पंजाब में कांग्रेस की तत्कालीन कैप्टन अमरेन्द्र  सिंह  सरकार ने भी शहरी निकायों से  संबंधित कानूनों में संशोधन कर इसे  लागू  कर दिया था. हालांकि  हरियाणा में गत 11 वर्षो में सत्तासीन भाजपा   सरकार ने इस मुद्दे पर अभी तक पूर्ण गंभीरता नहीं दिखाई है.

बहरहाल, हेमंत ने  हरियाणा की नायब सैनी  के नेतृत्व वाली भाजपा  सरकार से सार्वजनिक अपील  की  है  कि दिसम्बर,2025 में प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित हरियाणा म्युनिसिपल (नगर निकाय) कानून, 2025 जो शीघ्र ही लागू होकर प्रदेश के  मौजूदा लागू दोनों म्युनिसिपल कानूनों नामत: हरियाणा नगर पालिका अधिनियम, 1973 और हरियाणा नगर निगम अधिनियम,  1994 का स्थान लेगा, में उपयुक्त  संशोधन मार्फ़त  हरियाणा की  सभी नगर निकायों में  महिला आरक्षण को  मौजूदा  33 % से बढ़ाकर  50 % कर देना  चाहिए.   अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो महिला विकास और सशक्तिकरण के दावे आधे-अधूरे और  एक प्रकार से खोखले ही  प्रतीत होंगे.

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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