चंडीगढ़, 11 मार्च – State Bank of India की सेक्टर-23 शाखा में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब झगड़ा शांत कराने पहुंचे पुलिसकर्मी के साथ ही एक व्यक्ति ने मारपीट कर दी। हाथापाई के दौरान एएसआई की पगड़ी भी नीचे गिर गई। घटना से बैंक परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में मौके पर मौजूद लोगों और अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी को काबू कर लिया गया।
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान सेक्टर-24 निवासी अवतार सिंह के रूप में हुई है, जो मानसिक बीमारी से पीड़ित बताया जा रहा है और उसका इलाज चल रहा है।
एटीएम बंद होने पर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार अवतार सिंह बुधवार को सेक्टर-23 स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचा था। उस समय एटीएम मशीन काम नहीं कर रही थी। वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने उसे बताया कि मशीन खराब है और वह पास के किसी अन्य एटीएम से पैसे निकाल सकता है।
बताया जाता है कि इसी बात को लेकर अवतार सिंह सिक्योरिटी गार्ड से उलझ गया। विवाद बढ़ने पर वह बैंक के अंदर चला गया और वहां मौजूद स्टाफ से भी बहस करने लगा। स्थिति तनावपूर्ण होती देख बैंक मैनेजर ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दे दी।
समझाने पहुंचे एएसआई पर ही कर दिया हमला
सूचना मिलने के बाद एरिया बीट इंचार्ज एएसआई लखबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले अवतार सिंह को शांत करने की कोशिश की और उसे समझाकर बैंक के बाहर ले जाने लगे।
इसी दौरान अचानक आरोपी ने गालियां देना शुरू कर दिया और एएसआई के साथ धक्का-मुक्की करते हुए थप्पड़ मार दिए। हाथापाई के दौरान एएसआई लखबीर सिंह की पगड़ी भी नीचे गिर गई।
घटना देखकर बैंक में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई।
पुलिस वाहन में बैठाने को लेकर भी करता रहा जिद
थोड़ी देर बाद अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। आरोपी को काबू कर पुलिस वाहन में बैठाया गया। इस दौरान वह जिद करने लगा कि वह गाड़ी की आगे वाली सीट पर बैठेगा और वाहन खुद चलाएगा। पुलिसकर्मियों ने समझाकर उसे पीछे की सीट पर बैठाया और थाने ले जाया गया।
मानसिक रोगी होने के कारण नहीं हुई कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि अवतार सिंह साइकियाट्रिक मरीज है और उसका इलाज चल रहा है। बताया गया कि घटना वाले दिन वह अपनी दवा लेना भूल गया था, जिसके कारण उसका व्यवहार असामान्य हो गया।
थाना-17 पुलिस के मुताबिक बैंक मैनेजर की ओर से भी कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई। वहीं आरोपी के भाई गुरमीत सिंह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों से माफी मांग ली।
इसी को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और आरोपी को परिवार के सुपुर्द कर दिया।
बैंक में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल
घटना के दौरान बैंक में मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल रहा। हालांकि पुलिस के पहुंचने और आरोपी के काबू में आने के बाद स्थिति सामान्य हो गई और बैंक का कामकाज फिर से शुरू कर दिया गया।
यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सतर्कता की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।











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