फ्लाईओवर के नीचे कूड़े के ढेर और चौराहों पर भिखारियों की बढ़ती संख्या से लोग परेशान
विमल चोपड़ा
Zirakpur। ट्राइसिटी का तेजी से विकसित हो रहा शहर Zirakpur इन दिनों कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। एक ओर जहां शहर में नई-नई हाउसिंग सोसायटियां, मॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक जाम, सड़कों पर घूमते आवारा पशु, फ्लाईओवर के नीचे फैली गंदगी और चौराहों पर भिखारियों की बढ़ती संख्या आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्था को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। रोजाना लगने वाले जाम और सफाई व्यवस्था की खराब हालत के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों पर रोज लग रहा लंबा जाम
Zirakpur की मुख्य सड़कों पर लगभग हर दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर Patiala Road, Ambala–Chandigarh Highway, Baltana Chowk और Dhakoli क्षेत्र में सुबह और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
कई बार लोगों को कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में आधे घंटे से भी ज्यादा समय लग जाता है। ट्रैफिक जाम के कारण एंबुलेंस, स्कूल बसें और दफ्तर जाने वाले लोग भी प्रभावित होते हैं।
स्थानीय निवासी राकेश शर्मा का कहना है,
“सुबह ऑफिस जाने और शाम को घर लौटने के समय जाम की समस्या सबसे ज्यादा होती है। कई बार हमें आधे घंटे तक एक ही जगह पर खड़ा रहना पड़ता है। प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”
आवारा पशु बढ़ा रहे हादसों का खतरा
शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा गाय और सांड घूमते दिखाई देते हैं। कई बार ये पशु अचानक सड़क के बीच में आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रात के समय जब सड़कों पर रोशनी कम होती है, तब यह खतरा और बढ़ जाता है। पिछले कुछ समय में आवारा पशुओं की वजह से कई छोटे-बड़े हादसे भी सामने आए हैं।
Dhakoli निवासी मनोज कुमार बताते हैं,
“आवारा पशु सड़क के बीच में बैठ जाते हैं। कई बार बाइक सवार उनसे टकराकर गिर जाते हैं। प्रशासन को इन्हें पकड़कर गौशाला में भेजना चाहिए ताकि हादसे रोके जा सकें।”
फ्लाईओवर के नीचे कूड़े के ढेर, बढ़ रहा बीमारी का खतरा
शहर के कई फ्लाईओवर और पुलों के नीचे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नियमित सफाई न होने के कारण यहां गंदगी फैलती जा रही है। इससे आसपास के क्षेत्रों में बदबू और मच्छरों की समस्या भी बढ़ रही है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि समय-समय पर सफाई करवाई जाए और कूड़ा फेंकने वालों पर सख्ती की जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
Baltana क्षेत्र के दुकानदार सुरेश गुप्ता का कहना है,
“फ्लाईओवर के नीचे लोग कूड़ा फेंक देते हैं और कई दिनों तक सफाई नहीं होती। इससे बदबू फैलती है और मच्छर भी बढ़ जाते हैं। यह लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है।”
चौराहों पर बढ़ी भिखारियों की संख्या
शहर के प्रमुख ट्रैफिक सिग्नलों और चौराहों पर भिखारियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सिग्नल पर गाड़ी रुकते ही भिखारी वाहन चालकों से पैसे मांगने लगते हैं। कई बार यह स्थिति ट्रैफिक व्यवस्था को भी प्रभावित करती है और लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
Patiala Road के दुकानदार राजेश अरोड़ा बताते हैं,
“सिग्नल पर भिखारी गाड़ियों के पास आ जाते हैं और कई बार जबरदस्ती पैसे मांगते हैं। इससे ट्रैफिक भी बाधित होता है और लोगों को परेशानी होती है।”
तेजी से बढ़ रहा शहर, लेकिन चुनौतियां भी बढ़ीं
ट्राइसिटी में Zirakpur को एक उभरते हुए शहर के रूप में देखा जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग बस रहे हैं। नए मॉल, होटल और रिहायशी प्रोजेक्ट बनने से शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है।
लेकिन इसके साथ ही ट्रैफिक, सफाई व्यवस्था, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय निवासी नीलम वर्मा का कहना है,
“शहर का विकास तो हो रहा है, लेकिन अगर मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो लोगों को आने वाले समय में और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”
जीरकपुर की प्रमुख समस्याएं
मुख्य सड़कों पर रोजाना लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम
सड़कों पर घूमते आवारा पशु
फ्लाईओवर और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी
चौराहों पर बढ़ती भिखारियों की संख्या
बढ़ती आबादी के मुकाबले कमजोर ट्रैफिक प्रबंधन
लोगों की मांग
ट्रैफिक जाम कम करने के लिए बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट
आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए
फ्लाईओवर और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई
चौराहों पर भिखारियों की समस्या का स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते इन समस्याओं की ओर गंभीरता से ध्यान दे और ठोस कदम उठाए, तो Zirakpur को एक साफ-सुथरा और व्यवस्थित शहर बनाया जा सकता है। फिलहाल शहर की स्थिति यह सवाल जरूर खड़ा कर रही है कि विकास के दावों के बीच बुनियादी समस्याओं का समाधान कब होगा।













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