July 13, 2026 5:08 am

July 13, 2026 5:08 am

जींद के चाबरी गांव के चिराग गोयत बने राष्ट्रपति स्वर्ण पदक विजेता, CDS पासिंग आउट परेड में हासिल किया पहला स्थान

जींद। जिला जींद के गांव चाबरी के रहने वाले लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने भारतीय सेना में शानदार उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) बैच SSC-121 की पासिंग आउट परेड में ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान हासिल करते हुए प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह सम्मान उन्हें 7 मार्च 2026 को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान प्रदान किया गया।
चिराग गोयत की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जींद जिले में खुशी की लहर है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।

शिक्षा और परिवार का मजबूत आधार
लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद गवर्नमेंट कॉलेज बड़ौता से बीए की पढ़ाई पूरी की। उनके परिवार में शिक्षा और अनुशासन का विशेष वातावरण रहा है।
उनकी माता एक निजी स्कूल में पॉलिटिकल साइंस की अध्यापिका हैं, जबकि उनके पिता गोहाना में पीटीआई शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उनके छोटे भाई अर्जुन गोयत इस समय एलपीयू, जालंधर से बीबीए की पढ़ाई कर रहे हैं।

खेलों में भी रहे सक्रिय
चिराग गोयत पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी सक्रिय रहे हैं। उन्हें विशेष रूप से वॉलीबॉल और फुटबॉल खेलना पसंद है और उन्होंने विभिन्न स्तरों पर इन खेलों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

NCC से मिली सेना में जाने की प्रेरणा
लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने बताया कि उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा 15 HR बटालियन NCC से मिली। एनसीसी के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कैंपों में भाग लिया।
वर्ष 2023 में उन्होंने सिविल कैंप और मेजर कैंप में हिस्सा लिया और दिल्ली में आयोजित रिपब्लिक डे कैंप में भी भागीदारी की। इस दौरान उन्हें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ निदेशालय का रिजर्व बेस्ट कैडेट भी चुना गया था।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी किया भारत का प्रतिनिधित्व
एनसीसी के दौरान ही वर्ष 2023 में उन्हें यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 10 दिनों के लिए वियतनाम जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और देश का मान बढ़ाया।

युवाओं के लिए दिया प्रेरणादायक संदेश
अपनी सफलता पर लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने कहा,
“हम सेना में शत्रु के दाँत खट्टे करने और देश सेवा के लिए जाते हैं। यदि कभी ऐसी परिस्थिति आए कि वीरगति को प्राप्त होना पड़े, तो देश की रक्षा और अपने साथियों के भाईचारे की भावना के लिए हम हँसते-हँसते अपने कदम आगे बढ़ाते हैं।”
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को एक जिम्मेदार और ईमानदार नागरिक बनना चाहिए। लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है।

माता-पिता और गुरुजनों को दिया श्रेय
लेफ्टिनेंट चिराग गोयत ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और 15 HR BN NCC को दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा के कारण ही वे इस मुकाम तक पहुंच सके।
चिराग गोयत की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से जींद जिले के युवाओं में सेना के प्रति नया उत्साह और प्रेरणा देखने को मिल रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 6 6 6 5 6
Total Users : 366656
Total views : 600323

शहर चुनें