August 28, 2026 8:50 am

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150 लड़ाकू विमान, धमाके और चारों ओर धुआं’—इस तरह अमेरिकी ऑपरेशन में घिरे मादुरो, बॉडीगार्ड भागे

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे की पूरी कहानी

वॉशिंगटन: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही आवास से अमेरिकी फोर्सेस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। एक चुने हुए राष्ट्रपति की इस तरह गिरफ्तारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संप्रभुता के उल्लंघन और वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। जहां कई देश और संगठन इसे गंभीर मामला बता रहे हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए अपनी सेना की खुलकर तारीफ कर रहे हैं।
दरअसल, अमेरिकी फोर्सेस बीते कई महीनों से मादुरो पर नजर बनाए हुए थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने उनके रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटा ली थी। मादुरो कहां रहते हैं, कहां सोते हैं, क्या खाते हैं, किन अधिकारियों और सैन्य कमांडरों पर भरोसा करते हैं—यहां तक कि उनके आवास की सुरक्षा व्यवस्था और पालतू जानवरों तक का ब्योरा रिकॉर्ड किया गया था।
‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ की महीनों तक तैयारी
सारी जानकारियां जुटाने के बाद अमेरिकी फोर्सेस ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम से एक बेहद गोपनीय मिशन तैयार किया। इस ऑपरेशन के लिए मादुरो के आवास की हूबहू प्रतिकृति बनाकर कई बार अभ्यास किया गया। दिसंबर महीने में टीम ने लगातार ड्रिल कर यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्थिति में ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सके।
बताया जा रहा है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दक्षिण अमेरिका में इस तरह का सैन्य अभियान पहले कभी नहीं देखा गया। खास बात यह भी रही कि इस ऑपरेशन के लिए अमेरिकी संसद से औपचारिक अनुमति नहीं ली गई, जिसे लेकर बाद में कांग्रेस में आलोचना भी हुई।

दो घंटे 24 मिनट का हाई-वोल्टेज ऑपरेशन

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम के चलते एक बार ऑपरेशन को टालना पड़ा था। आखिरकार राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार रात 10:46 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया। उस वक्त चारों ओर गहरा अंधेरा था। पूरा अभियान करीब 2 घंटे 24 मिनट तक चला, जिसे ट्रंप, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और मार्को रूबियो ने लाइव मॉनिटर किया।

150 फाइटर जेट, धमाके और बिजली गुल
ऑपरेशन के दौरान करीब 150 लड़ाकू विमान आसमान में तैनात थे, जिनमें बमवर्षक, टोही और फाइटर जेट शामिल थे। वेनेजुएला के स्थानीय समय अनुसार रात करीब दो बजे राष्ट्रपति आवास के आसपास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया। संभावित जवाबी कार्रवाई रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया और काराकास शहर की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई।
अमेरिकी एलिट फोर्स अत्याधुनिक हथियारों और ब्लो-टॉर्च के साथ मौके पर पहुंची, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी मजबूत दरवाजे को तुरंत तोड़ा जा सके।

बॉडीगार्ड भागे, मादुरो और पत्नी गिरफ्तार
अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल डैन केन के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान एक हेलिकॉप्टर पर गोलीबारी हुई, लेकिन उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके बाद फोर्सेस ने राष्ट्रपति आवास में घुसकर मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस को भी हिरासत में लिया गया।
जनरल केन ने बताया कि मादुरो के बॉडीगार्ड क्यूबा के थे, जो हमले के दौरान सुरक्षित जगह की तलाश में भागने लगे। हालांकि अमेरिकी फोर्सेस ने सभी रास्ते तोड़कर उनकी रणनीति नाकाम कर दी।

यूएसएस इवो जीमा पर ले जाए गए मादुरो
ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने उन सभी ठिकानों पर नजर रखी, जहां से कैरेबियन सागर के रास्ते काराकास पहुंचा जा सकता था। शनिवार रात राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि “निकोलस मादुरो यूएसएस इवो जीमा पर हैं।” यूएसएस इवो जीमा एक अत्याधुनिक अमेरिकी युद्धपोत है, जहां उन्हें ले जाया गया।
अमेरिकी डेल्टा फोर्स, जिसे आतंकवाद विरोधी सबसे ताकतवर यूनिट माना जाता है, ने इस पूरे मिशन में अहम भूमिका निभाई।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े विवाद का रूप लेता नजर आ रहा है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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