चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को सेक्टर-5 स्थित टाउन पार्क में तीन दिवसीय 38वें वसंत उत्सव का भव्य शुभारंभ किया। 37 वर्षों में पहली बार इस उत्सव का आयोजन सूरजकुंड मेले की तर्ज पर किया गया है। साथ ही साल भर बंद रहने वाला एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन जनता के लिए खोला गया।

मुख्यमंत्री का स्वागत और प्रदर्शनी अवलोकन
मुख्यमंत्री के आगमन पर उन्हें परंपरागत पगड़ी पहनाकर, ढोल-नगाड़ों और वाद्य यंत्रों से स्वागत किया गया। उन्होंने फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेश फ्लावर शामिल थे। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण भी किया।

वसंत उत्सव: संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामाजिक समरसता का उत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। उन्होंने बताया कि पंचकूला आधुनिक और व्यवस्थित शहर है, जहां प्रकृति और परंपरा का सुंदर संगम दिखाई देता है। इस आयोजन ने शहर की सुंदरता को और भी बढ़ा दिया है।
बच्चों और युवाओं के लिए प्रतियोगिताएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि वसंत उत्सव में पुष्प सज्जा, रंगोली, चित्रकला, पॉट पेंटिंग, फेस पेंटिंग, टैटू, पर्यावरण क्विज, मेहंदी और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। इनसे बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता का विकास होगा।

वसंत उत्सव का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हर ऋतु के आगमन पर त्योहार और उत्सव मनाए जाते हैं। वसंत उत्सव जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देता है और सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता सिखाता है।
प्राणवायु देवता पेंशन योजना: पर्यावरण संरक्षण की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों के लिए सालाना 3,000 रुपये पेंशन देने की योजना लागू है। अब तक 3,819 पेड़ों के अभिरक्षकों को 2.05 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में दिए जा चुके हैं, और 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है।

ऑक्सीवन परियोजना: स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में 20 ‘ऑक्सीवन’ स्थापित किए हैं, जहां 5 से 100 एकड़ भूमि में पेड़ लगाए जाते हैं। पंचकूला, बीड़-घग्गर और करनाल में ऑक्सीवन के तहत दुर्लभ और औषधीय गुण वाले पेड़ लगाए जा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और विकास से जोड़ना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को पर्यटन और स्थानीय विकास से जोड़ रही है। गुरुग्राम के अरावली क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित की जा रही है, जिससे वन्य जीव संरक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

वित्त वर्ष 2026-27 में पर्यावरण संरक्षण के नए प्रावधान
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए अनेक योजनाएँ शामिल की गई हैं, जैसे:
वृक्ष आवरण बढ़ाने के उपाय
प्लाईवुड उद्योगों को समर्थन
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
पवित्र उपवन संरक्षण
करनाल में 100 एकड़ भूमि में डियर पार्क निर्माण
स्थानीय कलाकारों और पर्यटन को मिलेगा लाभ
पीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग ने कहा कि वसंत उत्सव से स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पों को मंच मिलता है और पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजन
कार्यक्रम में शहनाई वादक पंडित लोकश आनंद के निर्देशन में संगीतमयी प्रस्तुति दी गई। साथ ही “एक भारत श्रेष्ठ भारत” थीम पर विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के साथ समूह चित्र लेकर उनका हौंसला बढ़ाया।
मुख्य उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
पंचकूला का वसंत उत्सव भविष्य में और भव्य होगा
मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि इस उत्सव को जीवन के नए दृष्टिकोण के रूप में अपनाएं और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का संकल्प लें। उनका विश्वास है कि पंचकूला का यह उत्सव आने वाले वर्षों में पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाएगा।













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