April 19, 2026 2:00 pm

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हरियाणा ने टीबी उन्मूलन में तेज़ी लाने के लिए अपनाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक: डॉ. सुमिता मिश्रा

तीन AI टूल्स से टीबी की पहचान, इलाज और भौगोलिक योजना को किया गया सशक्त

फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में मिले शानदार परिणाम
चंडीगढ़ – हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य ने राष्ट्रीय प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तीन नए टूल्स लागू कर टीबी उन्मूलन के प्रयासों को तेज़ किया है।

तीन-स्तरीय AI रणनीति
डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य में तीन-स्तरीय AI रणनीति अपनाई गई है, जिसमें स्क्रीनिंग, मरीजों की निगरानी और भौगोलिक प्राथमिकता निर्धारण को मज़बूत किया जा रहा है।
फरवरी 2025 में Cough Against TB (CATB) और Vulnerability Mapping for TB (VM-TB) शुरू किए गए।
तीसरा टूल Prediction of Adverse TB Outcomes (PATO) अप्रैल 2023 से कार्यरत है।
ये टूल्स राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और केंद्रीय टीबी प्रभाग के सहयोग से विकसित किए गए हैं।
CATB: खांसी की आवाज़ और लक्षणों से स्क्रीनिंग
CATB एक मोबाइल एप्लीकेशन है, जो खांसी की आवाज़ और लक्षणों का विश्लेषण कर संभावित पल्मोनरी टीबी के मामलों की स्क्रीनिंग करता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी काम करने वाली यह एप्लीकेशन फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को त्वरित और सुसंगत निर्णय लेने में मदद करती है।
उपलब्धियाँ:
711 व्यक्तियों को स्क्रीन किया गया
2,654 फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया
1,119 स्वास्थ्य कर्मी प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत
609 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में 140 संभावित टीबी मामलों की पहचान
PATO: उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान
PATO राष्ट्रीय Ni-kshay पोर्टल से डेटा लेकर इलाज शुरू होने के समय ही उन मरीजों की पहचान करता है, जिनके इलाज बीच में छोड़ने या मृत्यु का जोखिम अधिक है। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता समय पर हस्तक्षेप कर दवा-प्रतिरोधी टीबी का खतरा कम कर सकते हैं।
उपलब्धियाँ: अप्रैल 2023 से अब तक 18,591 उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान।
VM-TB: हाई-रिस्क क्षेत्रों की जियोस्पेशियल एनालिटिक्स
VM-TB एक एडवांस्ड AI-आधारित टूल है, जो TB मामलों के साथ 20 से अधिक जियोस्पेशियल और स्वास्थ्य संकेतकों का विश्लेषण करता है। यह उच्च, मीडियम और लो रिस्क ज़ोन बनाता है, जिससे जिले और राज्य स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी लक्षित स्क्रीनिंग और जागरूकता गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।
उपलब्धियाँ: पूरे राज्य में 2,111 हाई-रिस्क गाँवों की पहचान।
डॉ. मिश्रा का संदेश
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि AI और एडवांस्ड एनालिटिक्स के माध्यम से हरियाणा TB-मुक्त राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। राज्य यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि टीबी की देखभाल समय पर, लक्षित और सभी के लिए सुलभ हो।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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