चंडीगढ़: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से मिली जान से मारने की धमकी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के रवैये पर सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर केंद्र सरकार अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल नहीं करती, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
धमकी विदेशी नेटवर्क से
चंडीगढ़ पुलिस ने अदालत को बताया कि जिस व्हाट्सएप नंबर से धमकी दी गई, वह विदेशी नेटवर्क से जुड़ा है। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि 15 जुलाई 2025 को अभय सिंह चौटाला के बेटे करण सिंह चौटाला के मोबाइल फोन पर 44 7466 061671 नंबर से कॉल आई थी, जिसमें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। जांच में यह नंबर ब्रिटिश टेलीकम्युनिकेशंस पीएलसी, लंदन (इंग्लैंड) में पंजीकृत पाया गया।
सुरक्षा कड़ी, हाईकोर्ट को रिपोर्ट
पुलिस ने कोर्ट को जानकारी दी कि याचिकाकर्ता को पहले ही पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अभय सिंह चौटाला के चंडीगढ़ सेक्टर-9/ए स्थित आवास (मकान नंबर 80) पर बीट पेट्रोलिंग और पीसीआर वाहनों की गश्त बढ़ा दी गई है।
“वाई प्लस” श्रेणी की सुरक्षा
चंडीगढ़ पुलिस ने बताया कि चौटाला को हरियाणा सरकार द्वारा “वाई प्लस” श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इसमें एक गार्ड टीम और हरियाणा पुलिस के सात जवान पायलट एवं एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात हैं, जो उनके आवास और तेजाखेड़ा फार्म व अन्य स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
हाईकोर्ट की सख्ती
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया और अगली सुनवाई तक मामले को स्थगित किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार जवाब नहीं देती है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
पुलिस ने अदालत को आश्वासन दिया है कि तकनीकी जांच जारी है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास प्राथमिकता के आधार पर चल रहे हैं।










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